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Class 14
HINDI
दिवस का अवसान समीप था, गगन था कुछ लोहत...

दिवस का अवसान समीप था,
गगन था कुछ लोहत हो चला।
तरूशिखा पर थी अब राजती,
कमलिनी कुल बल्लभ की प्रभा।
इस पद में कौन सा छंद है?

A

वसंत तिलका

B

द्रुत बिलिंIबत

C

शिखरिणी

D

उपेन्द्रवज्रा

लिखित उत्तर

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