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Class 14
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हिमालय इस देश की जगद्धात्री शक्‍ति का पि...

हिमालय इस देश की जगद्धात्री शक्‍ति का पिता है इसलिए इस देश का कुलगुरू है। ज्ञान, योग और तप के प्रतिमान विश्व को ऐश्वर्य जिस शक्त के कारण मिलना है वह शक्त हिमालय की दुहिता है। पार्थिव शक्‍ति का ही दूसरा पर्याय है पार्वती और उस पार्वती से अविभक्त होकर शिव इस देश के जीवन दर्शन के साक्षात प्रतीक बन गए है यह जीवन दर्शन न केवल देवताओं के सेनानी कुमार को जन्म देता है बल्‍कि समस्त विद्याओं, कलाओं और संस्कृति की विभिन्न परंपराओं को भी जन्म देता है भारतीय संस्कृति अखण्ड जीवन में विश्वास रखती है। उसमें विरोध नहीं है उसमें गजाजिन भी दुकूल है भस्म भी चंदन बन जाता है । हिमालय का स्मरण भारत की इस समग्र दृष्‍टि का स्मरण है क्योंकि यह दृष्‍टि हिमालय के वात्सल्य से उभरी हुई दृष्‍टि हैं भारतीय साहित्य में गंभीरता के लिए समुद्र और धैर्य के लिए हिमवान, उपमान के रूप में बार बार दोहरायें गए हैं।
साहित्‍यिक जगत में हिमालय को किसका उपमान जाना जाता है?

A

अविचल धैर्य का

B

गंभीरता का

C

पवित्रता का

D

श्रेष्ठता का

लिखित उत्तर

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