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Class 6
HINDI
भाषा पर कबीर का ज़बरदस्त अधिकार था। वे व...

भाषा पर कबीर का ज़बरदस्त अधिकार था। वे वाणी के डिक्टेटर थे। जिस बात को उन्होंने जिस रूप में प्रकट करना चाहा, उसे उसी रूप में भाषा से कहलवा लिया-बन गया तो सीधे-सीधे, नहीं तो दरेंरा देकर। भाषा कुछ कबीर के सामने लाचार-सी नजर आती है। उसमें मानो ऐसी हिम्मत ही नहीं है कि इस लापरवाह फक्कड़ की किसी फरमाइश को नाहीं कर सके और कहनी अनकहनी को रूप देकर मनोग्राही बना देने की तो जैसी ताकत कबीर की भाषा में है, वैसी बहुत कम लेखकों में पाई जाती है।
कबीर के सामने भाषा का रूप कैसा था?

लिखित उत्तर

Verified by Experts

The correct Answer is:
B
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