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Class 6
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भरत हस्तिनापुर के राजा दुष्यन्त के पुत्र...

भरत हस्तिनापुर के राजा दुष्यन्त के पुत्र थे। राजा दुष्यन्त एक बार शिकार खेलते हुए कण्व ऋषि के आश्रम पहुँचे वहाँ शकुन्तला को देखकर वह उस पर मोहित हो गए और शकुन्तला से आश्रम में ही गन्धर्व विवाह कर लिया।
आश्रम में ऋषि कण्व के न होने के कारण राजा दुष्यन्त शकुन्तला को अपने साथ नहीं ले जा सके। उन्होंने शकुन्तला को एक अँगूठी दे दी, जो उनके विवाह की निशानी थी।
एक दिन शकुन्तला अपनी सहेलियों के साथ बैठी दुष्यन्त के बारे में सोच रही थी, उसी समय दुर्वासा ऋषि आश्रम में आए!
शकुन्तला दुष्यन्त की याद में इतनी अधिक खोई हुई थी कि उसे दुर्वासा ऋषि के आने का पता नहीं चला। शकुन्तला ने उनका आदर-सत्कार नहीं किया, जिससे क्रोधित होकर दुर्वासा ऋषि ने शकुन्तला को श्राप दिया कि
जिसकी याद में खोए रहने के कारण तूने मेर सम्मान नहीं किया, वह तुझको भूल जाएगा।
शकुन्तला ने दुर्वासा ऋषि

A

का अपमान नहीं किया

B

को श्राप दिया

C

को देखकर उन्हें प्रणाम किया

D

का आदर-सत्कार नहीं किया

लिखित उत्तर

Verified by Experts

The correct Answer is:
D
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