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Class 14
HINDI
चल रे चल,. मेरे पागल बादल धंसता दलदल...

चल रे चल,.
मेरे पागल बादल
धंसता दलदल
हँसता है नद खल खल
बहता, कहता कुलकुल कलकल कलकल।
देख देख नाचता हृदय
बहने को महा विकल बेकल,
इस मरोर से इसी शोर से
सपन घोर गुरु गहन रोर से
उक्त कविता किस काव्य से ली गई है?

A

अणिमा

B

अर्चना

C

झरना

D

अनामिका

लिखित उत्तर

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