Home
Class 11
BIOLOGY
राइबोसोम क्या है ? ये कितने प्रकार के हो...

राइबोसोम क्या है ? ये कितने प्रकार के होते हैं ? इनके क्या कार्य हैं ?

लिखित उत्तर

Verified by Experts

संवेदनाग्राही (Sensory Receptors)
बाह्य वातावरण या शरीर के भीतर होने वाले परिवर्तनों को ग्रहण करने वाले अंगों को संवेदना ग्राही (sensory receptors) या ज्ञानेन्द्रियाँ (sensé organs) कहते हैं। संवेदनाग्राही विभिन्न प्रकार के उद्दीपनों को ग्रहण करके इन्हें तन्त्रिका के क्रियात्मक विभव (action potential) में परिवर्तित करके केन्द्रीय तन्त्रिका तन्त्र को प्रेषित करते हैं।
शरीर की बाह्य सतह पर उपस्थित संवेदनाग्राही बाह्य वातावरण में होने वाले परिवर्तनों का जन्तु को ज्ञान कराते हैं, जैसे-नेत्र, कर्ण, त्वचा आदि। कुछ संवेदनाग्राही शरीर के भीतर होने वाले परिवर्तनों को ग्रहण करते हैं। ये संवेदनाग्राही शरीर के भीतर होने वाली क्रियाओं का नियमन करते हैं जैसे—प्रोप्रिओसेप्टर (propioceptor), एण्टीरोसेप्टर (enteroceptor) आदि।
संवेदनाग्राही के कार्य (Functions of Sensory Receptors)
विभिन्न प्रकार के संवेदनाग्राहियों के विभिन्न कार्य होते हैं
1. प्रकाशग्राही (photo receptor) प्रकाश के प्रति संवेदनशील होते हैं। नेत्र दृष्टि का ज्ञान करते हैं।
2. श्रवणोसन्तुलन ग्राही (stato-acoustic receptors) आन्तरिक कर्ण होता है। यह ध्वनि के उद्दीपनों को ग्रहण करता है। यह सुनने तथा सन्तुलन का कार्य करता है।
3.स्वादेन्द्रियाँ (gustatory receptors) जिह्वा, तालु तथा प्रसिका (pharynx) के अग्रभाग पर स्थित होती हैं। ये स्वाद ग्रहण करती हैं।
4. प्राणग्राही (olfactory receptors) नासा वेश्म में उपस्थित होते हैं। गन्ध का ज्ञान कराते हैं।
5. स्पर्शग्राही (tango receptors) त्वचा में उपस्थित तन्त्रिकाओं के नग्न छोर पर होते हैं। ये स्पर्श ज्ञान कराते हैं।
6. पीड़ाग्राही (pain receptors) त्वचा में तथा आंतरांगों में एण्टीरोसेप्टर (enteroceptor) के रूप में होते हैं। ये पीड़ा का ज्ञान कराते हैं।
7. दाबग्राही (pressure receptors) त्वचा में पैसीनियन कणिका (pacinian corpuscles) के रूप में तथा ऐच्छिक पेशियों में प्रोप्रिओसेप्टर (propioceptor) के रूप में होते हैं।
8. तापग्राही (thermo receptors) त्वचा में स्थित होते हैं। ये ताप की संवेदना ग्रहण करते हैं।
मनुष्य व अन्य स्तनधारियों में अनेक प्रकार के संवेदनाग्राही उपस्थित होते हैं, जो विभिन्न प्रकार की संवेदनाओं को ग्रहण करते हैं।
Promotional Banner

टॉपर्स ने हल किए ये सवाल

  • तन्त्रिकीय नियंत्रण एवं समन्वय

    CHITRA PUBLICATION|Exercise अन्य महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (अति लघु उत्तरीय प्रश्न)|36 Videos
  • तन्त्रिकीय नियंत्रण एवं समन्वय

    CHITRA PUBLICATION|Exercise अन्य महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (बहुविकल्पीय प्रश्न)|14 Videos
  • तन्त्रिकीय नियंत्रण एवं समन्वय

    CHITRA PUBLICATION|Exercise अन्य महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (लघु उत्तरीय प्रश्न (Type-I))|18 Videos
  • जैव अणु

    CHITRA PUBLICATION|Exercise अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (बहुविकल्पीय प्रश्न)|29 Videos
  • पाचन एवं अवशोषण

    CHITRA PUBLICATION|Exercise अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (बहुविकल्पीय प्रश्न)|20 Videos
CHITRA PUBLICATION-तन्त्रिकीय नियंत्रण एवं समन्वय -अन्य महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (लघु उत्तरीय प्रश्न (Type-II))
  1. निम्नलिखित प्रश्नों के संक्षिप्त उत्तर दीजिए - ऐसीटिलकोलीन से आप क्य...

    Text Solution

    |

  2. सूत्र-संयुग्मन या युग्मानुबन्धन संचार तन्त्र में ऐसिटाइलकोलीनेस्टेरेज ...

    Text Solution

    |

  3. श्वसन केन्द्र कहाँ स्थित होता है?

    Text Solution

    |

  4. निम्न प्रश्नों के उत्तर दीजिए: वृक्कक का क्या कार्य है?

    Text Solution

    |

  5. निम्नलिखित प्रश्नों के संक्षिप्त उत्तर दीजिए - अनुकम्पी तथा परानुकम्...

    Text Solution

    |

  6. निम्नलिखित प्रश्नों के संक्षिप्त उत्तर दीजिए - तन्त्रिका आवेग की परि...

    Text Solution

    |

  7. तेज बुखार होने पर शरीर को भींगे तौलिये से लपेटे रहते हैं। कारण बताइए।

    Text Solution

    |

  8. राइबोसोम क्या है ? ये कितने प्रकार के होते हैं ? इनके क्या कार्य हैं ?

    Text Solution

    |

  9. अनुकम्पी तथा परानुकम्पी तन्त्रिका तन्त्र में अन्तर कीजिए।

    Text Solution

    |

  10. Rh कारक पर टिप्पणी कीजिए।

    Text Solution

    |