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Class 12
CHEMISTRY
पूतिरोधी तथा संक्रमणहारी किस प्रकार से भ...

पूतिरोधी तथा संक्रमणहारी किस प्रकार से भिन्न हैं? प्रत्येक का एक उदाहरण दीजिए। अथवा पूतिरोधी तथा संक्रमणकारी किस प्रकार भिन्न हैं? एक ऐसे पदार्थ का उदाहरण दीजिए जिसे पूतिरोधी तथा संक्रमणकारी दोनों प्रकार से प्रयोग किया जा सकता है।

लिखित उत्तर

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पूतिरोधियों (antiseptics) को सजीव ऊतकों, जैसे-घाव, चोट, व्रण (अल्सर) और रोगग्रस्त त्वचा की सतह पर लगाया जाता है। फ्यूरासिन (Furacine) सोफ्रामाइसिन (Soframicine) इत्यादि इनके उदाहरण हैं। इन्हें प्रतिजीवाणुओं की तरह खाया नहीं आता। साधारणतः प्रयुक्त किया जाने वाला पूतिरोधी डेटॉल (dettol) क्लोरोजाइलिनॉल (chloroxylenol) तथा टपिनिऑल (terpineol) का मिश्रण होता है।
विसंक्रामियों (disinfectants) का प्रयोग निर्जीव वस्तुओं, जैसे-फर्श, नालियों और यन्त्रों इत्यादि पर किया जाता है। सन्द्रता परिवर्तन से वही पदार्थ पूतिरोधी अथवा विसंक्रामी का कार्य कर सकता है। उदाहरणार्थ- फीनॉल का 0.2% विलयन पूतिरोधी होना है, जबकि इसका 1% विलयन विसंक्रामी होता है।
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