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Class 11
PHYSICS
एक आदर्श गैस को चक्रीय ऊष्मागतिक प्रक्रम...

एक आदर्श गैस को चक्रीय ऊष्मागतिक प्रक्रम में चार चरणों के द्वारा ले जाया गया। इन चरणों से सम्बन्धित ऊष्मा की मात्रायें क्रमशः `Q_(1) = 5960` जूल, `Q_(2)-5585` जूल, `Q_(3) = - 2980` जूल एवं `Q_(4) = 3645` जूल हैं। इन चरणों से सम्बन्धित कार्य क्रमशः `W_(1) = 2200` जूल, `W_(2) = - 825` जूल, `W_(3) = - 1100` जूल एवं `W_(4)` है। ज्ञात कीजिए- `W_(4)` का मान तथा चक्र की दक्षता।

लिखित उत्तर

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ऊष्मागतिकी के प्रथम नियम से, `Q= Delta U+ W`
अथवा `Delta U= Q- W`
यहाँ `Delta U_(1)= Q_(1)- W_(1) = 5960- 2200= 3760` जूल
`Delta U_(2)= Q_(2)- W_(2)= - 5585 + 825= -4760` जूल
`Delta U_(3)= Q_(3)- W_(3)= -2980+ 1100= -1880` जूल
`Delta U_(4)= Q_(4)- W_(4)= 3645` जूल `- W_(4)`
चक्रीय प्रक्रम के लिए, `Delta U= 0 [therefore Delta U_(1) + Delta U_(2) + Delta U_(3) + Delta U_(4)= 0]`
अत: 3760 जूल - 4760 जूल - 1880 जूल + 3645 जूल `-W_(4)= 0`
- W= 0 अथवा WA = 3760- 4760 - 1880+ 3645 = 765 जूल।
अब, चक्र की दक्षता `=("निर्गत ऊर्जा")/(" दी गई ऊष्मा ऊर्जा")= (W_(1) + W_(2) + W_(3) + W_(4))/(Q_(1) + Q_(4))`
`=(2200 - 825 - 1100 + 765)/(5960+ 3645)`
`=(1040)/(9605)= 0.108= 10.8%`
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