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Class 9
PHYSICS
आर्किमिडीज का सिद्धान्त लिखिए। इसका प्रा...

आर्किमिडीज का सिद्धान्त लिखिए। इसका प्रायोगिक सत्यापन किस प्रकार किया जा सकता है?

लिखित उत्तर

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आर्किमिडीज का सिद्धान्त-आर्किमिडीज सिद्धान्त के अनुसार, “जब कोई वस्तु किसी द्रव में डुबोई (पूरी या आंशिक) जाती है तो इसके भार में कुछ कमी हो जाती है और यह कमीं इसके द्वारा हटाए गए द्रव के भार के बराबर होती है।"
माना, किसी वस्तु का वायु में भार `W_(1)` तथा द्रव में डुबोने पर वस्तु का भार `W_(2)` है,
अतः द्रव में डुबोने पर वस्तु के भार में आभासी कमी `= W_(1) - W_(2)`
यदि वस्तु के द्रव में डूबे भाग का आयतन V हो तो इसके द्वारा हटाए गए द्रव का आयतन भी V ही होगा।
यदि द्रव का घनत्व d हो तो वस्तु द्वारा हटाए गए-द्रव का द्रव्यमान `= V xx d`
अत: हटाए गए द्रव का भार `= V xx d xx g`
अत: आर्किमिडीज के सिद्धान्त से,
`W_(1) - W_(2) = V xx d xx g`
इस प्रकार, वस्तु के भार में Vdg की कमी प्रतीत होगी।
प्रयोग द्वारा आर्किमिडीज के सिद्धान्त का सत्यापन-आर्किमिडीज के सिद्धान्त का सत्यापन चित्र में दिखाए गए सरल उपकरण द्वारा किया जा सकता है। इसमें काँच का एक ऐसा जार लेते हैं जिसके मुँह के पास एक नली लगी हो। जार में इस नली की सतह तक पानी भर लेते हैं। अब एक स्प्रिंग से लटके हुए ठोस का वायु में भार ज्ञात कर लेते हैं तथा स्प्रिंग से लटके हुए ठोस को पानी से भरे जार में धीरे-धीरे डुबोते हैं। जैसे-जैसे ठोस पानी में डूबता जाता है, ठोस के भार में कमी होती जाती है जिसे स्प्रिंग तुला पर पढ़ते जाते हैं तथा ठोस द्वारा विस्थापित जल नली के द्वारा बाहर एक बीकर में एकत्र होता रहता है। जब ठोस पूरी तरह पानी में डूब जल नली के द्वारा बाहर एक बीकर में एकत्र होता रहता है। जब ठोस पूरी तरह पानी में डूब . जाता है तो स्प्रिंग तुला के स्थिर पाठ को पढ़ लेते हैं इसके साथ ही बीकर में एकत्र हुए जल का भार भी ज्ञात करते जाते हैं। प्रत्येक प्रेक्षण में ठोस के वायु में भार में से, ठोस का जल में भार घटाते हैं, इससे जल में डुबोने पर ठोस के भार में कमी ज्ञात हो जाती है।
प्रत्येक प्रेक्षण में हम देखते हैं कि ठोस के भार में कमी, उसके द्वारा हटाए गए जल भार ठोस बीकर के बराबर ही आती है। इस प्रकार आर्किमिडीज के सिद्धान्त का सत्यापन हो जाता है।
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