VVI बोर्ड क्वेस्शन्स,ये कर लिया तो पूरा चैप्टर खत्म
VVI बोर्ड क्वेस्शन्स,ये कर लिया तो पूरा चैप्टर खत्म
Similar Questions
Explore conceptually related problems
Ten men or twelve women can finish the same work in 10 days. If 5 men and 2 women undertake the work together, how many days will they take to complete the work? दस पुरुष या बारह महिलाएं एक कार्य को 10 दिनों में पूरा कर सकती हैं | यदि 5 पुरुष तथा 2 महिलाओं ने उस कार्य को शुरू किया, तो कार्य पूरा करने में उन्हें कितने दिन लगेंगे ?
A, B and C can individually complete a task in 24 days, 16 days and 32 days respectively. If A and C start the work and worked for 6 days and left, then the number of days required by B to complete the remaining task is: A, B और C व्यक्तिगत रूप से किसी कार्य को क्रमशः 24, 16 और 32 दिनों में पूरा कर सकते हैं | यदि A और C ने कार्य शुरू किया तथा 6 दिनों तक कार्य करके छोड़ दिया, तो शेष कार्य पूरा करने में B को कितने दिन लगेंगे ?
A can do a work in 15 days. B is 25% more efficient than A. In how many days, working together A and B will complete the same work? A किसी कार्य को 15 दिनों में पूरा कर सकता है, B, A की तुलना में 25% अधिक कार्य कुशल है। यदि दोनों एक साथ कार्य करते है तो इसी कार्य को पूरा करने में कितने दिन का समय लगेगा ?
A, B and C can individually complete a task in 20 days, 16 days and 30 days, respectively. If A and B started working on the task, and they worked for 4 days and left, then the number of days required by C to finish the remaining tasks is: A, B तथा C अकेले कार्य करते हुए किसी कार्य को क्रमशः 20, 16 तथा 30 दिनों में पूरा कर सकते हैं | यदि Aऔर B ने यह कार्य शुरू किया तथा उन्होंने 4 दिन कार्य करके छोड़ दिया , तो शेष कार्य पूरा करने में C को कितने दिन लगेंगे ?
अधिकतर लोगों की यही शिकायत होती है कि उन्हें पनपने के लिए सटीक माहौल व संसाधन नहीं मिल पाए, नहीं तो आज वे काफी आगे होते और आज भी ऐसे कई लोग हैं, जो संसाधन और स्थितियों के अनुकूल होने के इन्तजार में खुद को रोके हुए हैं। ऐसे लोगों के लिए ही किसी विद्वान ने कहा है- इन्तजार मत कीजिए, समय एकदम अनुकूल कभी नहीं होता। जितने संसाधन आपके पास मौजूद हैं, उन्हीं से शुरुआत कीजिए और आगे सब बेहतर होता जाएगा। जिनके इरादे दृढ़ होते हैं, वे सीमित संसाधनों में भी सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर पाते हैं। नारायणमूर्ति ने महज दस हजार रुपये में अपने छ: दोस्तों के साथ इन्फोसिस की शुरुआत की और आज इन्फोसिस आईटी के क्षेत्र की एक बड़ी कम्पनी है। करौली टैकस, पहले अपने दाएँ हाथ से निशानेबाजी करते थे, मगर उनका वह हाथ एक विस्फोट में चला गया। फिर उन्होंने अपने बाएँ हाथ से शुरुआत की और 1948 व 1950 में ओलम्पिक स्वर्ण पदक अपने नाम किया। लिओनार्दो द विची, रवीन्द्रनाथ टैगोर, टॉमस अल्वा एडिसन, टेलीफोन के आविष्कारक ग्राहम बेल, वॉल्ट डिज्नी-ये सब अपनी शुरुआती उम्र में डिस्लेक्सिया से पीड़ित रह चुके हैं, जिसमें पढ़ने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, फिर भी ये सभी अपने-अपने क्षेत्र के शीर्ष पर पहुँचे। अगर ये लोग भी इसी तरह माहौल और संसाधनों की शिकायत और इन्तजार करते, तो क्या कभी उस मुकाम पर पहुँच पाते, जहाँ वे मौजूद है? अगर हमने अपना लक्ष्य तय कर लिया है, तो हमें उस तक पहुंचने की शुरुआत अपने सीमित संसाधनों से ही कर देनी चाहिए। किसी इन्तजार में नहीं रहना चाहिए। ऐसे में इन्तजार करना यह दर्शाता है कि हम अपने लक्ष्य को पाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध नहीं हैं। इसलिए हमें अपनी इच्छाशक्ति को मजबूत कर जुट जाना होगा। इन्तजार करेंगे, तो करते रह जाएंगे। 'समय एकदम अनुकूल कभी नहीं होता' यहाँ 'एकदम' का अर्थ है
अधिकतर लोगों की यही शिकायत होती है कि उन्हें पनपने के लिए सटीक माहौल व संसाधन नहीं मिल पाए, नहीं तो आज वे काफी आगे होते और आज भी ऐसे कई लोग हैं, जो संसाधन और स्थितियों के अनुकूल होने के इन्तजार में खुद को रोके हुए हैं। ऐसे लोगों के लिए ही किसी विद्वान ने कहा है- इन्तजार मत कीजिए, समय एकदम अनुकूल कभी नहीं होता। जितने संसाधन आपके पास मौजूद हैं, उन्हीं से शुरुआत कीजिए और आगे सब बेहतर होता जाएगा। जिनके इरादे दृढ़ होते हैं, वे सीमित संसाधनों में भी सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर पाते हैं। नारायणमूर्ति ने महज दस हजार रुपये में अपने छ: दोस्तों के साथ इन्फोसिस की शुरुआत की और आज इन्फोसिस आईटी के क्षेत्र की एक बड़ी कम्पनी है। करौली टैकस, पहले अपने दाएँ हाथ से निशानेबाजी करते थे, मगर उनका वह हाथ एक विस्फोट में चला गया। फिर उन्होंने अपने बाएँ हाथ से शुरुआत की और 1948 व 1950 में ओलम्पिक स्वर्ण पदक अपने नाम किया। लिओनार्दो द विची, रवीन्द्रनाथ टैगोर, टॉमस अल्वा एडिसन, टेलीफोन के आविष्कारक ग्राहम बेल, वॉल्ट डिज्नी-ये सब अपनी शुरुआती उम्र में डिस्लेक्सिया से पीड़ित रह चुके हैं, जिसमें पढ़ने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, फिर भी ये सभी अपने-अपने क्षेत्र के शीर्ष पर पहुँचे। अगर ये लोग भी इसी तरह माहौल और संसाधनों की शिकायत और इन्तजार करते, तो क्या कभी उस मुकाम पर पहुँच पाते, जहाँ वे मौजूद है? अगर हमने अपना लक्ष्य तय कर लिया है, तो हमें उस तक पहुंचने की शुरुआत अपने सीमित संसाधनों से ही कर देनी चाहिए। किसी इन्तजार में नहीं रहना चाहिए। ऐसे में इन्तजार करना यह दर्शाता है कि हम अपने लक्ष्य को पाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध नहीं हैं। इसलिए हमें अपनी इच्छाशक्ति को मजबूत कर जुट जाना होगा। इन्तजार करेंगे, तो करते रह जाएंगे। 'डिस्लेक्सिया' शब्द है
अधिकतर लोगों की यही शिकायत होती है कि उन्हें पनपने के लिए सटीक माहौल व संसाधन नहीं मिल पाए, नहीं तो आज वे काफी आगे होते और आज भी ऐसे कई लोग हैं, जो संसाधन और स्थितियों के अनुकूल होने के इन्तजार में खुद को रोके हुए हैं। ऐसे लोगों के लिए ही किसी विद्वान ने कहा है- इन्तजार मत कीजिए, समय एकदम अनुकूल कभी नहीं होता। जितने संसाधन आपके पास मौजूद हैं, उन्हीं से शुरुआत कीजिए और आगे सब बेहतर होता जाएगा। जिनके इरादे दृढ़ होते हैं, वे सीमित संसाधनों में भी सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर पाते हैं। नारायणमूर्ति ने महज दस हजार रुपये में अपने छ: दोस्तों के साथ इन्फोसिस की शुरुआत की और आज इन्फोसिस आईटी के क्षेत्र की एक बड़ी कम्पनी है। करौली टैकस, पहले अपने दाएँ हाथ से निशानेबाजी करते थे, मगर उनका वह हाथ एक विस्फोट में चला गया। फिर उन्होंने अपने बाएँ हाथ से शुरुआत की और 1948 व 1950 में ओलम्पिक स्वर्ण पदक अपने नाम किया। लिओनार्दो द विची, रवीन्द्रनाथ टैगोर, टॉमस अल्वा एडिसन, टेलीफोन के आविष्कारक ग्राहम बेल, वॉल्ट डिज्नी-ये सब अपनी शुरुआती उम्र में डिस्लेक्सिया से पीड़ित रह चुके हैं, जिसमें पढ़ने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, फिर भी ये सभी अपने-अपने क्षेत्र के शीर्ष पर पहुँचे। अगर ये लोग भी इसी तरह माहौल और संसाधनों की शिकायत और इन्तजार करते, तो क्या कभी उस मुकाम पर पहुँच पाते, जहाँ वे मौजूद है? अगर हमने अपना लक्ष्य तय कर लिया है, तो हमें उस तक पहुंचने की शुरुआत अपने सीमित संसाधनों से ही कर देनी चाहिए। किसी इन्तजार में नहीं रहना चाहिए। ऐसे में इन्तजार करना यह दर्शाता है कि हम अपने लक्ष्य को पाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध नहीं हैं। इसलिए हमें अपनी इच्छाशक्ति को मजबूत कर जुट जाना होगा। इन्तजार करेंगे, तो करते रह जाएंगे। ऐसे लोगों के लिए ही किसी विद्वान ने कहा है रेखांकित अंश का संकेत है
अधिकतर लोगों की यही शिकायत होती है कि उन्हें पनपने के लिए सटीक माहौल व संसाधन नहीं मिल पाए, नहीं तो आज वे काफी आगे होते और आज भी ऐसे कई लोग हैं, जो संसाधन और स्थितियों के अनुकूल होने के इन्तजार में खुद को रोके हुए हैं। ऐसे लोगों के लिए ही किसी विद्वान ने कहा है- इन्तजार मत कीजिए, समय एकदम अनुकूल कभी नहीं होता। जितने संसाधन आपके पास मौजूद हैं, उन्हीं से शुरुआत कीजिए और आगे सब बेहतर होता जाएगा। जिनके इरादे दृढ़ होते हैं, वे सीमित संसाधनों में भी सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर पाते हैं। नारायणमूर्ति ने महज दस हजार रुपये में अपने छ: दोस्तों के साथ इन्फोसिस की शुरुआत की और आज इन्फोसिस आईटी के क्षेत्र की एक बड़ी कम्पनी है। करौली टैकस, पहले अपने दाएँ हाथ से निशानेबाजी करते थे, मगर उनका वह हाथ एक विस्फोट में चला गया। फिर उन्होंने अपने बाएँ हाथ से शुरुआत की और 1948 व 1950 में ओलम्पिक स्वर्ण पदक अपने नाम किया। लिओनार्दो द विची, रवीन्द्रनाथ टैगोर, टॉमस अल्वा एडिसन, टेलीफोन के आविष्कारक ग्राहम बेल, वॉल्ट डिज्नी-ये सब अपनी शुरुआती उम्र में डिस्लेक्सिया से पीड़ित रह चुके हैं, जिसमें पढ़ने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, फिर भी ये सभी अपने-अपने क्षेत्र के शीर्ष पर पहुँचे। अगर ये लोग भी इसी तरह माहौल और संसाधनों की शिकायत और इन्तजार करते, तो क्या कभी उस मुकाम पर पहुँच पाते, जहाँ वे मौजूद है? अगर हमने अपना लक्ष्य तय कर लिया है, तो हमें उस तक पहुंचने की शुरुआत अपने सीमित संसाधनों से ही कर देनी चाहिए। किसी इन्तजार में नहीं रहना चाहिए। ऐसे में इन्तजार करना यह दर्शाता है कि हम अपने लक्ष्य को पाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध नहीं हैं। इसलिए हमें अपनी इच्छाशक्ति को मजबूत कर जुट जाना होगा। इन्तजार करेंगे, तो करते रह जाएंगे। 'इन्तजार करेंगे तो करते रह जाएँगे' कथन का तात्पर्य है
अधिकतर लोगों को यही शिकायत होती है कि उन्हें पनपने के लिए सटीक माहौल व संसाधन नहीं मिल पाए. नहीं तो आज वे काफी आगे होते! और आज भी ऐसे कई लोग हैं, जो संसाधन और स्थितियों के अनुकूल होने के इंतजार में खुद को रोके हुए हैं। ऐसे लोगों के लिए ही किसी विद्वान ने कहा है- इंतज़ार मत कीजिए, समय एकदम अनुकूल कभी नहीं होता। जितने संसाधन आपके पास मौजूद हैं, उन्हीं से शुरुआत कीजिए, और आगे सब बेहतर होता जाएगा। जिनके इरादे दृढ़ होते हैं, वे सीमित संसाधनों में भी सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर पाते हैं। नारायण मूर्ति ने महज दस हज़ार रुपये में अपने छह दोस्तों के साथ इन्फोसिस की शुरुआत की, और आज इन्फोसिस आईटी के क्षेत्र की एक बड़ी कंपनी है। करौली टैक्स, पहले अपने दाएँ हाथ से निशानेबाज़ी करते थे, मगर उनका वह हाथ एक विस्फोट में चला गया। फिर उन्होंने अपने बाएँ हाथ से शुरुआत की और 1948 व 1950 में ओलांपिक स्वर्ण पदक अपने नाम किया। लिओनार्दो द विंची, रवींद्रनाथ टैगोर, टॉमस अल्वा एडिसन, टेलीफोन के आविष्कारक ग्राहम बेल, वॉल्ट डिल्ली-ये सब अपनी शुरुआती उम्र में डिस्लेक्सिया से पीड़ित रह चुके हैं, जिसमें पढ़ने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, फिर भी ये लोग अगर इसी तरह माहौल और संसाधनों की शिकायत और इंतजार करते, तो क्या कभी उस मुकाम पर पहुँच पाते. जहाँ वे मौजूद हैं?. अगर हमने अपना लक्ष्य तय कर लिया है, तो हमें उस तक पहुँचने की शुरुआत अपने सीमित संसाधनों से ही कर देनी चाहिए। किसी इंतज़ार में नहीं रहना चाहिए। ऐसे में इंतज़ार करना यह दर्शाता है कि हम अपने लक्ष्य को पाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध नहीं हैं। इसीलिए हमें अपनी इच्छाशक्ति को मजबूत कर जुट जाना होगा। इंतजार करेंगे, तो करते रह जाएँगे। 'इंतजार करेंगे तो करते रह जाएंगे'- कथन का तात्पर्य है
Recommended Questions
- VVI बोर्ड क्वेस्शन्स,ये कर लिया तो पूरा चैप्टर खत्म
Text Solution
|
- मैंने तो इन नवयुवकों का संगठन करने के लिए जन्म लिया था। (पूर्ण वर्त...
Text Solution
|
- बोर्ड परीक्षा पैटर्न || यूपी बोर्ड || बिहार बोर्ड
Text Solution
|
- बिहार बोर्ड स्पेशल|बोर्ड में लाने हैं अच्छे मॉर्क्स तो बस तैयारी करे इ...
Text Solution
|
- राजस्थान बोर्ड स्पेशल|चैप्टर -1 महत्वपूर्ण प्रश्न
Text Solution
|
- UP बोर्ड स्पेशल |CONFUSE कर देने वाले प्रश्नों का DISCUSSION
Text Solution
|
- BOARDS STRATEGY SESSION#!#कितने बोर्ड Cancel or Postpone कर चुके हैं ...
Text Solution
|
- आंकड़ों 2 ,5 ,6 ,x ,4 ,3 का माध्य 5 है। अब यदि x के स्थान पर 16 कर लिय...
Text Solution
|
- A can do a piece of work alone in 8 days. B can do the same work alone...
Text Solution
|