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Class 12
CHEMISTRY
समझाइए कि कैसे लोहे पर जंग लगने का कारण ...

समझाइए कि कैसे लोहे पर जंग लगने का कारण एक वैद्युत रासायनिक सेल बनना माना जाता है?

लिखित उत्तर

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लोहे की सतह पर उपस्थित जल की परत वायु के अम्लीय ऑक्साइडों जैसे `CO_(2),SO_(2)` आदि को घोलकर अम्ल बना लेता है जो वियोजित होकर `H^(+)` आयन देते हैं
`H_(2)O+CO_(2)toH(2)CO_(3)hArr2H^(+)+CO_(3)^(2)`
`H^(+)` आयनों की उपस्थिति में लोहा कुछ स्थलों पर से इलेक्ट्रॉन खोना प्रारंभ कर देता है तथा फेरस आयन बना लेता है।
अतः ये स्थल ऐनोड का कार्य करते हैं
`Fe(s)toFe^(2+)(aq)+2e^(-)`
इस प्रकार धातु से उत्सर्जित इलेक्ट्रॉन अन्य स्थलों पर पहुंच जाते हैं जहां `H^(+)` आयन तथा घुली हुई ऑक्सीजन इन इलेक्ट्रॉनों को ग्रहण कर लेती है अपचयन अभिक्रिया हो जाती है। अतः ये स्थल कैथोड की भांति करते हैं
`O_(2)(g)+4H^(+)(aq)+4e^(-)to2H_(2)O(l)`
संपूर्ण अभिक्रिया इस प्रकार दी जाती है।
`2Fe(s)+O_(2)(g)+4H^(+)(aq)to2Fe^(2+)(aq)+2H_(2)O(l)`
इस प्रकार लोहे की सतह पर वैद्युत रासायनिक सेल बन जाता है।
फेरस आयन पुनः वायुमण्डलीय ऑक्सीजन द्वारा ऑक्सीकृत होकर फेरिक आयनों में परिवर्तित हो जाते हैं जो जल अणुओं से संयुक्त होकर जलीय फेरिक ऑक्साइड `Fe_(2)O_(3).xH_(2)O` बनाते हैं। यह जंग कहलाता है।
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