Home
Class 12
CHEMISTRY
किसी वैद्युत अपघट्य के विलयन की विशिष्ट ...

किसी वैद्युत अपघट्य के विलयन की विशिष्ट चालकता एवं मोलर चालकता की परिभाषा दीजिए।

लिखित उत्तर

Verified by Experts

विशिष्ट चालकत्व या चालकता
वैद्युत अपघट्य के विलयन भी विद्युत का चालन करते हैं। विलयनों के विशिष्ट प्रतिरोध की अपेक्षा उनकी चालकत्व को मापा जाता है। विशिष्ट प्रतिरोध के व्युत्क्रम को विशिष्ट चालकत्व कहते हैं । इसे `kappa` द्वारा प्रदर्शित किया जाता है।
अतः चालकत्व `(C)=1/("चालकत्व"(R))`
या `R=1/C` तथा विशिष्ट चालकत्व `(kappa)=1/("विशिष्ट"(rho))` या `kappai=1/(rho)` या `rho=1/(kappa)`
`:.R= rhol/A`
R तथा `rho` के मान उपर्युक्त व्यंजक में रखने पर
`1/C=1/(kappa)xxl/A`
या `kappa=Cxxl/A`
किसी वैद्युत अपघट्य के विलयन में यदि प्लैटिनम के दो इलेक्ट्रोडों X व Y का अनुप्रस्थ परिच्छेद का क्षेत्रफल 1 वर्ग सेमी तथा इलेक्ट्रोडों के मध्य की दूरी 1 सेमी हो तो इन दोनों इलेक्ट्रोडों के बीच उपस्थित विलयन एक घन के सामन होगा अर्थात l=1 सेमी तथा A=1 वर्ग सेमी होगा। अब उपर्युक्त समीकरण के अनुसार
`kappa=C`
अतः ऐसे दो इलेक्ट्रोड जिनके अनुप्रस्थ परिच्छेद का क्षेत्रफल एक वर्ग सेमी हो तथा जो एक दूसरे से एक सेमी की दूरी पर‌ स्थित हों के बीच रखे वैद्युत अपघट्य के विलयन का चालकत्व उसका विशिष्ट चालकत्व कहलाती है।
अथवा किसी वैद्युत अपघट्य के एक घन सेमी विलयन का चालकत्व उसका विशिष्ट चालकत्व कहलाता है।
विशिष्ट चालकत्व की इकाई ओम`""^(-1)`सेमी`""^(-1)` या म्हो सेमी`""^(-1)` या सीमेन्स सेमी`""^(-1)` होती है जबकि S.I. पद्धति में इसकी ओम`""^(-1)`मीटर`""^(-1)` या म्हो मीटर`""^(-1)` या सीमेन्स मीटर`""^(-1)` होती है।
वैद्युत अपघट्यों के विलयनों की मोलर चालकता
यदि वैद्युत अपघट्यों के विलयनों की सांद्रता को नॉमर्लता के स्थान पर मोलरता में व्यक्त किया जाता है तो उस स्थिति में तुल्यांकी चालकता के स्थान पर मोलर चालकता पद प्रयुक्त किया जाता है। अतः एक सेमी दूरी एवं एक वर्ग सेमी अनुप्रस्थ परिच्छेद के क्षेत्रफल वाले दो समांतर इलेक्ट्रोडों के बीच रखे विलयन में यदि एक ग्राम मोल वैद्युत अपघट्य घुला हो तो इस अवस्था में उसकी चालकता, उस वैद्युत अपघट्य की मोलर चालकता कहलाती है।
मोलर चालकता को `Lambda_(m)` से व्यक्त करते है। उपर्युक्त आधार पर यह भी विशिष्ट चालकत्व से निम्नलिखित प्रकार संबंधित है
किसी वैद्युत अपघट्य के विलयन की मोलर चालकता का मान उसके विशिष्ट चालकत्व तथा एक ग्राम मोल विलयन के घन सेमी में आयतन के गुणनफल के बराबर होता है। अर्थात
`Lambda_(m)=` विशिष्ट चालकत्व `xx` एक ग्राम मोल वैद्युत अपघट्य रखने वाले विलयन का घन सेमी में आयतन
या `Lambda_(m)=kappaxxV`
या `Lambda_(m)=(kappaxx1000)/c=(kappaxx1000)/M` (जब सांद्रता c को मोलरता में लेते हैं)
जहां `Mto` विद्युत अपघट्य के विलयन की मोलरता है।
मोलर चालकता का मात्रक ओम`""^(-1)`सेमी`""^(2)`मोल`""^(-1)` या म्हो सेमी`""^(2)`मोल`""(-1)` या सीमेन्स सेमी`""^(2)`मोल`""^(-1)` है जबकि S.I. पद्धति में यह मात्रक सीमेन्स मीटर`""^(2)`मोल`""^(-1)` होगा।
Promotional Banner