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Class 12
CHEMISTRY
कैसे अभिक्रिया गति प्रभावित होती है- (...

कैसे अभिक्रिया गति प्रभावित होती है-
(i) अभिकारक सान्द्रण के परिवर्तन पर
(ii) ताप के परिवर्तन पर
(iii) उत्प्रेरक की उपस्थिति पर।

लिखित उत्तर

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निम्नलिखित कारक अभिक्रिया के वेग को प्रभावित करते है-
(1) अभिकारकों को सान्द्रण - गतिज आण्विक सिद्धान्त के अनुसार आण्विक अभिक्रियाएँ अणुओं के परस्पर टकराने से होती है। अभिकारक का सान्द्रण बढ़ने से अणुओं की संख्या में वृद्धि होती है जिसके फलस्वरूप इकाई समय में अणुओं के आपस में टकराने की सम्भावना बढ़ने से अभिक्रिया का वेग भी बढ़ जाता है।
(2) ताप - ताप की वृद्धि से सक्रिय अणुओं तथा प्रभावकारी टक्करों की संख्या में वृद्धि हो जाती है। जिससे अभिक्रिया का वेग बढ़ जाता है।
(3) दाब - दाब बढ़ने से गैसीय अणु निकट आ जाते है जिसके फलस्वरूप उनके परस्पर टकराने की सम्भावना बढ़ जाती है अर्थात वेग बढ़ जाता है।
(4) अभिकारकों के पृष्ठ क्षेत्रफल का प्रभाव - अभिकारकों पदार्थो की भौतिक अवस्था का प्रभाव विषमांग अभिक्रिया पर पड़ता है। उदाहरणार्थ-लकड़ी के लट्ठे की तुलना में लकड़ी का बुरादा तीव्रता से जलता है। अम्लों के साथ धातुओं की तुलना में धातु चूर्ण अधिक तीव्र वेग से क्रिया करते है अर्थात पृष्ठ क्षेत्रफल बढ़ने पर अभिक्रिया का वेग बढ़ता है।
(5) उत्प्रेरक की उपस्थिति का प्रभाव - उत्प्रेरक वे पदार्थ है, जो रासायनिक अभिक्रिया की गति को प्रभावित करते है। इसकी उपस्थिति में अभिक्रिया का वेग अधिक या कम हो जाता है जो उत्प्रेरक की प्रकृति पर निर्भर करता है।
(6) अभिकारकों की प्रकृति पर - यदि अभिकारक आयनिक है तो उस अभिक्रया का वेग अनायनिक अभिक्रियाओं के वेग से अधिक होता है।
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