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Class 12
CHEMISTRY
अभिक्रिया की दर से क्या तात्पर्य है? अ...

अभिक्रिया की दर से क्या तात्पर्य है?
अभिक्रिया- `underset((g))(NO_(2))+underset((g))(CO)rarrunderset((g))(CO_(2))+underset((g))(NO)`
के लिए प्रस्तावित क्रियाविधि निम्न है-
(i) `NO_(2)+NO_(2)rarrNO+NO_(3)` (मन्द)
(ii) `NO_(3)+COrarrCO_(2)+NO_(2)` (तीव्र)
अभिक्रिया का वेग (दर) क्या है?

लिखित उत्तर

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अभिक्रिया की दर (वेग)- वह दर जिस पर समय के साथ-साथ अभिकारक या उत्पाद पदार्थो का सान्द्रण परिवर्तित होता है, अभिक्रिया की दर या वेग कहलाता है।
प्रश्नानुसार, `underset((g))(NO_(2))+underset((g))(CO)rarrunderset((g))(CO_(2))+underset((g))(NO)`
के लिए प्रस्तावित क्रियाविधि निम्न है-
(i) `NO_(2)+NO_(2)rarrNO+NO_(3)` (मन्द)
(ii) `NO_(3)+COrarrCO_(2)+NO_(2)` (तीव्र)
जटिल रासायनिक अभिक्रियाओं में, धीमी गति का पद वेग निर्धारित में प्रयुक्त होता है। ऐसी अभिक्रियाओं में अभिक्रिया की आण्विकता का कोई महत्त्व नहीं होता। साधारणयता ऐसी अभिक्रियाओं की आण्विकता वेग निर्धारक पद (धीमी गति का पद) में उपस्थिति अभिकारक अणुओं की कुल संख्या के बराबर होती है। अभिक्रिया का वेग मन्द पद में विघमान अभिकारकों के सान्द्रण पर निर्भर करता है। अतः दी गई अभिक्रिया के लिए
वेग `=k[NO_(2)]^(2)`
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