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Top - 30 प्रश्न#!#यही से आयेंगे सवाल Part-2#!#शेषफल प्रमेय#!#बहुपदों का गुणनखंडन

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Recap|किसी बहुपद को अन्य बहुपद से विभाजित करना |शेषफल प्रमेय |प्रश्नवली 2.3|बहुपदो के गुणनखंड |OMR

आवेग (Impulse)|प्रश्न |आवेग - संवेग प्रमेय |संवेग संरक्षण का नियम |रॉकेट प्रणोदन |प्रश्न |न्यूटन की गति का तृतीय नियम |न्यूटन के तृतीय नियम से संबंधित महत्वपूर्ण बिन्दु |OMR|Summary

Study the following histogram and answer the given question निम्नलिखित आयत चित्र का अध्ययन करें और दिए गए प्रश्न का उत्तर दें। What is the ratio of the number of students who scored 30 or more marks, but below 40 marks, to the total number of students in the entrance examination ? प्रवेश परीक्षा में 30 या अधिक लेकिन 40 से कम अंक लाने वाले छात्रों की संख्या का प्रवेश परीक्षा में शामिल कुछ छात्रों की संख्या से क्या अनुपात है?

NCERT EXERCISE-6.2 (प्रश्न)|त्रिभुज का कोण योग गुण |प्रमेय 6.8

If x is the remainder when 3^61284 is divided by 5 and y is the remainder when 4^96 is divided by 6, then what is the value of (2x-y)? यदि x, 3^61284 को 5 से विभाजित करने पर आने वाला शेषफल है तथा y, 4^96 को 6 से विभाजित करने पर आने वाला शेषफल है, तो (2x-y) का मान क्या है ?

दिए गए पद्यांश को ध्यान से पढ़िए और उसके आधार पर पूछे गए प्रश्न का यथोचित उत्तर दीजिए। पद्यांश 23 उपयुक्त उस बल को न यद्यपि मृत्यु का भी दण्ड है, पर मृत्यु से बढ़कर न जग में दण्ड और प्रचण्ड है। अतएव कल उस नीच को रण-मध्य जो मारूँ न मै, तो सत्य कहता हूँ कभी शस्त्रास्त्र फिर धारूँ न मैं अथवा अधिक कहना वृथा है, पार्थ का प्रण है यही साक्षी रहे सुन ये बचन रवि, शशि, अनल, अम्बर मही सूर्यास्त से पहले न जो मैं कल जयद्रथ वध करूँ, तो शपथ करता हूँ स्वयं में ही अनल में जल मरूँ। " " मैथिलीशरण गुप्त 'वृथा' शब्द का समानार्थक है

दिए गए पद्यांश को ध्यान से पढ़िए और उसके आधार पर पूछे गए प्रश्न का यथोचित उत्तर दीजिए। पद्यांश 23 उपयुक्त उस बल को न यद्यपि मृत्यु का भी दण्ड है, पर मृत्यु से बढ़कर न जग में दण्ड और प्रचण्ड है। अतएव कल उस नीच को रण-मध्य जो मारूँ न मै, तो सत्य कहता हूँ कभी शस्त्रास्त्र फिर धारूँ न मैं अथवा अधिक कहना वृथा है, पार्थ का प्रण है यही साक्षी रहे सुन ये बचन रवि, शशि, अनल, अम्बर मही सूर्यास्त से पहले न जो मैं कल जयद्रथ वध करूँ, तो शपथ करता हूँ स्वयं में ही अनल में जल मरूँ। " " मैथिलीशरण गुप्त 'खल' शब्द का विपरीतार्थक है।

दिए गए पद्यांश को ध्यान से पढ़िए और उसके आधार पर पूछे गए प्रश्न का यथोचित उत्तर दीजिए। पद्यांश 23 उपयुक्त उस बल को न यद्यपि मृत्यु का भी दण्ड है, पर मृत्यु से बढ़कर न जग में दण्ड और प्रचण्ड है। अतएव कल उस नीच को रण-मध्य जो मारूँ न मै, तो सत्य कहता हूँ कभी शस्त्रास्त्र फिर धारूँ न मैं अथवा अधिक कहना वृथा है, पार्थ का प्रण है यही साक्षी रहे सुन ये बचन रवि, शशि, अनल, अम्बर मही सूर्यास्त से पहले न जो मैं कल जयद्रथ वध करूँ, तो शपथ करता हूँ स्वयं में ही अनल में जल मरूँ। " " मैथिलीशरण गुप्त पार्थ की क्या प्रतिज्ञा है?

A sphere of radius 21 cm is cut into 8 identical parts by 3 cuts (1 cut along each axis). What will be the total surface area (in cm^2 ) of each part? एक 21 से.मी. त्रिज्या वाले गोले को 3 कटाव (प्रत्येक अक्ष पर 1 कयव) लगाकर 8 समरूप भागों में काटा जाता है। प्रत्येक भाग का कुल पृष्ठीय क्षेत्रफल ( से.मी.^2 में) क्या होगा?