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CHEMISTRY
किसी विलायक में अवाष्पशील विलेय घोलने से...

किसी विलायक में अवाष्पशील विलेय घोलने से विलायक का वाष्प दाब कम क्यों हो जाता है ?

लिखित उत्तर

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किसी द्रव में उपस्थित अणु प्रत्येक दिशा में गतिशील रहते है। सतह के अणुओ के गतिज ऊर्जा अन्य अणुओ की अपेक्षा अधिक होती है अतः ये अणु द्रव की सतह से वाष्प के रूप में पृथक हो जाते है। अणुओ की यह प्रवृत्ति निर्गामी प्रवृत्ति कहलाती है। वाष्प में परिवर्तन होने वाले ये अणु सतह पर दाब डालते है , जिसको वाष्प दाब कहते है। किसी द्रव के अणुओ पर एक प्रकार का अवरोध उत्पन्न करता है अतः द्रव का वाष्प दाब घट जाता है , इसलिए विलयन का वाष्प दाब विलायक के वाष्प दाब से सदा कम रहता है।
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