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Class 12
CHEMISTRY
असामान्य अणु भार क्या है ?स्पष्ट कीजिये।...

असामान्य अणु भार क्या है ?स्पष्ट कीजिये।

लिखित उत्तर

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यदि विलेय को विलायक में घोलने पर उसका आयनन या संगुणन हो जाता है तो विलयन में कणो की संख्या क्रमशः बढ़ या घट जाती है इस कारण अणुसंख्य गुणधर्ण (वाष्प दाब में अवनमन , क्वथनांक में उन्नयन , हिमांक में अवनमन , परासरण दाब ) भी बढ़ या घट जाते है क्योंकि ये गुण कणो की संख्या के समानुपाती होते है।
अणुसंख्य गुणधर्म `prop` कणो की संख्या
यद्पि अणु भार अणुसंख्य गुणधर्म नहीं है परन्तु यह अणुसंख्य गुणधर्मो पर निर्भर करता है अर्थात अणुसंख्य गुणधर्मो के व्युत्क्रमानुपाती होता है अतः अणुसंख्य गुणधर्म परिवर्तन पर अणु भार भी परिवर्तित हो जाता है अर्थात आयनन या संगुणन पर कणो की संख्या बढ़ने या घटने पर अणु भार क्रमशः घटेगा या बढ़ेगा अर्थात परिवर्तित होगा जिसे असामान्य अणु भार कहते है अतः ऐसे अणु भार जो सामान्य मान की तुलना में कम या अधिक प्राप्त होते है , विलेय का सामान्य अणु भार कहलाता है।
` :. " "` अणुसंख्य गुणधर्म `prop = 1/(" अणु भार")`
इस आधार पर ,
`("सामान्य अणु भार ")/("असामान्य अणु भार ") = ("वियोजन (आयनन संख्या ) या संगुणन के बाद कणो की संख्या ")/("वियोजन (आयनन ) या संगुणन से पूर्व कणो की संख्या ")` .
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