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निम्न घनत्व पॉलिथीन (LDPE) किस प्रकार बन...

निम्न घनत्व पॉलिथीन (LDPE) किस प्रकार बनाया जाता है? इसके उपयोग लिखिए।

लिखित उत्तर

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यह एथीन का सबसे अधिक प्रचलित बहुलक है, इसको पॉलिएथीन भी कहा जाता है। आजकल दो प्रकार की पॉलिथीन प्रयोग की जाती हैं, जो उनके लक्षणों के कारण एक-दूसरे से भिन्न होती हैं।
1. कम (निम्न) घनत्व वाली पॉलिथीन-यह एक योगात्मक शृंखला वृद्धि समबहुलक है। यह शुद्ध एथीन को `77-297^@C` ताप पर, 1000-2000 तक के उच्च वायुमण्डलीय दाब पर व ऑक्सीजन की थोड़ी मात्रा (0.003 से 0.1%) या पराक्साइड की उपस्थिति में, जो मुक्त मूलक प्रकृति में बहुलकीकरण को आरम्भ करते हैं, गर्म करके बनायी जाती है |
`n[underset("एथीन ")(CH_2=CH_2]) underset("व ऑक्सीजन की अल्प मात्रा")overset(77-297^@C, 1000-2000" वायुमण्डलीय दाब")to underset("पॉलिथीन")([-CH_2-CH_2-]_n)`
गुण-ये बहुलक अंत्यधिक शाखित शृंखला अणुओं को रखते हैं। ये शाखाएँ बहुलक अणुओं को अत्यधिक पास बँधने से . रोकती हैं। इसलिए इनका घनत्व बहुत कम होता है। कम घनत्व (लगभग 0.92 ग्राम/सेमी) तथा कम गलनांक (`111^@C`) वाली पॉलिथीन रासायनिक रूप से अक्रिय, दृढ़ व विधुत की बहुत कम चालक होती हैं यह पारदर्शी होती है। इसकी तन्य क्षमता सामान्य तथा सामर्थ्य उच्च होती है।
उपयोग-इसके मुख्य उपयोग निम्न प्रकार हैं-
(i) इलेक्ट्रिक तारों को विद्युत अवरोधक करने के लिए।
(ii) पाइप, खिलौने, बोतल, कोट आदि को बनाने में।
2. उच्च घनत्व वाली पॉलिथीन-यह एक शृंखला वृद्धि रैखिक समबहुलक है। यह एथीन के लगभग `60-70^@C` व 6-7 वायुमण्डल दाब पर उत्प्रेरक जैसे ट्राइएथिल ऐलुमिनियम और टाइटेनियम टेट्राक्लोराइड (जिग्लर-नाटा उत्प्रेरक) की उपस्थिति में बहुलकीकरण द्वारा बनायी जाती है। बना हुआ बहुलक रैखिक श्रृंखला रखता है और अणु खाली स्थान में पूर्ण रूप से बँधे होते हैं। इसलिए इन्हें उच्च घनत्व वाला बहुलक कहते हैं।
`underset("एथीन")(n[CH_2=CH_2]) underset(" जिग्लर-नाटा उत्प्रेरक")overset(60-70^@C,6-7" वायुमण्डल दाब ")to underset("पॉलिथीन ")([-CH_2-CH_2-]_n)`
यह उपसहसंयोजी बहुलकीकरण प्रक्रिया द्वारा सम्पन्न होती है।
गुण-यह पॉलिथीन रेखीय श्रृंखला युक्त होती है। इस कारण इसके अणु त्रिविम में अच्छी प्रकार से समाहित हो सकते हैं। इनका घनत्व (`"6.97 ग्रामसेमी"^(-3)`) व गलनांक (`130^@C`) भी उच्च होता है।

उच्च घनत्व वाली पॉलिथीन भी.कम घनत्व वाली पॉलिथीन की तरह रासायनिक रूप से बिल्कुल अक्रिय होती है किन्तु यह ज्यादा दृढ़ तथा ज्यादा कठोर होती है। एकलक श्रृंखलाओं के पास बँधे होने के कारण इसकी फैलने की प्रबलता भी ज्यादा होती है। अत: यह अधिक तन्य क्षमता वाली होती है।
उपयोग-इसके मुख्यतः उपयोग निम्नवत् हैं-
(i) पात्रों के निर्माण में, जो रसायन आदि को संचित करने के लिए प्रयोग किए जा सकते हैं क्योंकि ये रासायनिक रूप से अक्रिय होती हैं।
(ii) विभिन्न घरेलू सामानों के निर्माण के लिए।
नोट-HDPE, LDPE की तुलना में श्रेष्ठ होती है।
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