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Class 12
CHEMISTRY
योगात्मक बहुलकीकरण को एक उदाहरण द्वारा स...

योगात्मक बहुलकीकरण को एक उदाहरण द्वारा समझाइए।

लिखित उत्तर

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बहुलकीकरण के प्रकार के अनुसार बहुलकों का वर्गीकरण (Classification of Polymers according to the type of Polymerisation)
बहुलकों को बहुलकीकरण की विधि के आधार पर दो उपसमूहों में वर्गीकृत किया जा सकता है जिनका वर्णन निम्नवत् है
(1) योगात्मक बहुलक (Addition polymers)-योगात्मक बहुलक द्वि अथवा त्रिआबन्ध युक्त एकलक अणुओं के पुनरावृत्त योग से बनते हैं। इस प्रक्रिया में द्विआबन्ध टूटता है तथा एकलक अणुओं का योग होता जाता है, जिसके कारण इसको योगात्मक बहुलकीकरण कहते हैं। उदाहरणार्थ - एथीन से पॉलिथीन और प्रोपीन से पॉलिपोपीन का निर्माण करना।

(2) संघनन बहुलक (Condensation polymers)-संघनन बहुलक दो भिन्न द्विक्रियात्मक अथवा त्रिक्रियात्मक एकलक इकाइयों के बीच पुनरावृत्त संघनन अभिक्रिया द्वारा बनते हैं। इन बहुलकीकरण अभिक्रियाओं में लघु अणुओं जैसे जल, ऐल्कोहॉल, हाइड्रोजन क्लोराइड आदि का निराकरण होता है। इस बहुलकन प्रक्रिया को संघनन बहुलकीकरण कहते हैं। उदाहरणार्थ—टेरिलीन (डेक्रॉन), नाइलॉन-6, 6, नाइलॉन-6 आदि।
(i) हेक्सामेथिलीनडाइऐमीन और ऐडिपिक अम्ल के साथ संघनन द्वारा नाइलॉन-6, 6 का विरचन होता है।
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