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क्या हम सब शुरू में फीमेल थे? | We Were ...

क्या हम सब शुरू में फीमेल थे? | We Were All Female | #shorts by FACT EDUCATION

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A can do a work in 20 days, while B can do the same work in 25 days. They started the work jointly. Few days later C also joined them and thus all of them completed the whole work in 10 days. All of them were paid total of rs 700. What is the share of C? A किसी कार्य को 20 दिनों में कर सकता है जबकि B इसी कार्य को 25 दिनों में कर सकता है | उन्होंने एक साथ इस कार्य को शुरू किया | कुछ दिनों बाद C उनके साथ शामिल हो गया और इस प्रकार उन सभी ने इस पूरे कार्य को 10 दिनों में पूरा किया | उन सभी को कुल 700 रुपये का भुगतान किया गया |C का हिस्सा क्या है ?

The following bar diagram shows total number of males and females in five different organisations. Study it carefully to answer the questions. पाँच विभिन्न संगठनों में पुरूषों और महिलाओं की संख्या को दशानि वाले निम्न बारआरेख को ध्यानपूवक पढ़कर प्रश्नों के उत्तर दीजिए। What is the difference between the total number of females and the total number of males from all the organisations together? सभी संगठनों में महिलाओं की कुल संख्या तथा पुरूषों की कुल संख्या का अंतर क्या है?

गद्यांश को पढ़कर प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प चुनिए। आसमान में मुक्का मारना कोई बुद्धिमानी का काम नहीं समझा जाता। बिना लक्ष्य के तर्क करना भी बुद्धिमानी नहीं है। हमें भली-भाँति समझ लेने की आवश्यकता है, कि हमारा लक्ष्य क्या है? हम जो कुछ प्रयत्न करने जा रहे हैं वह किसके लिए हैं? साहित्य हम किसके लिए रचते हैं, इतिहास और दर्शन क्यों लिखते और पढ़ते हैं? राजनीतिक,आन्दोलन किस महान् उद्देश्य की सिद्धि के लिए करते हैं? मनुष्य ही वह बड़ी चीज़ है जिसके लिए यह सब किया करते हैं। हमारे सब प्रयत्नों का एक लक्ष्य है, मनुष्य वर्तमान दुर्गति के पंक से उद्धार पाए और भविष्य में सुख और शांति से रह सके। यह शास्त्र, ग्रंथ, कला, नृत्य, राजनीति, समाज-सुधार जंजाल-मात्र हैं, जिससे मनुष्य का भला नहीं होता। मनुष्य आज हाहाकार के भीतर त्राहि-त्राहि पुकार रहा है। हमारे राजनीतिक और समाजिक सुधार से अन्न-वस्त्र की समस्या सुलझ सकती है फिर भी मनुष्य सुखी नहीं बनेगा। उसे सिर्फ अन्न-वस्त्र से ही संतोष नहीं होगा। इसके बाद भी उसका मनुष्य बनना बाकी रह जाता है। साहित्य वही काम करता है। मनुष्य नामक प्राणी पशुओं में ही एक विकसित प्रजाति है और यदि मनुष्यता के गुण और मूल्य उसमें नही हैं तो वह मनुष्य नामक पशु ही है, मनुष्य नहीं। भोजन करना, सोना और वंश-वृद्धि जैसे काम प्रकृति के द्वारा तय है, सच्चा मानव बनने के लिए उसे जो दृष्टि चाहिए, उसे पाने में साहित्य सहायक हो सकता है। अनुच्छेद में 'जंजाल' शब्द किस अर्थ में प्रयुक्त हुआ है?

A shopkeeper purchased 120 pears for Rs. 15 each. However, 10 pears were rotten and thrown away. The remaining sold at Rs. 18 each. What will be the percentage profit ? एक दुकानदार ने 120 नाशपाती 15 रुपये में एक की दर से ख़रीदा | हालाँकि, 10 नाशपाती सड़े हुए थे और उन्हें फेंक दिया गया | शेष को 18 रुपये में एक की दर से बेचा गया | प्रतिशत लाभ क्या होगा ?