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दिए गए पद्यांश को ध्यान से पढ़िए और उसके आधार पर पूछे गए प्रश्न का यथोचित उत्तर दीजिए। पद्यांश 2 मृदु मिट्टी के हैं बने हुए, मधु-घट फूटा ही करते हैं। लघु जीवन लेकर आए हैं। प्याले टूटा ही करते हैं। फिर भी मदिरालय के अन्दर मधु के घट हैं, मधु प्याले हैं, जो मादकता के मारे हैं, वे मधु लूटा ही करते हैं, वह कच्चा पीने वाला है, जिसकी ममता घट प्यालों पर, जो सच्चे मधु से जला हुआ कब रोता है, चिल्लाता है जो बीत गई सो बात गई। 'मृदु मिट्टी के हैं बने हुए' इस पंक्ति का आशय है

दिए गए पद्यांश को ध्यान से पढ़िए और उसके आधार पर पूछे गए प्रश्न का यथोचित उत्तर दीजिए। पद्यांश 2 मृदु मिट्टी के हैं बने हुए, मधु-घट फूटा ही करते हैं। लघु जीवन लेकर आए हैं। प्याले टूटा ही करते हैं। फिर भी मदिरालय के अन्दर मधु के घट हैं, मधु प्याले हैं, जो मादकता के मारे हैं, वे मधु लूटा ही करते हैं, वह कच्चा पीने वाला है, जिसकी ममता घट प्यालों पर, जो सच्चे मधु से जला हुआ कब रोता है, चिल्लाता है जो बीत गई सो बात गई। मधु कौन लूटा करते हैं?

दिए गए पद्यांश को ध्यान से पढ़िए और उसके आधार पर पूछे गए प्रश्न का यथोचित उत्तर दीजिए। पद्यांश 2 मृदु मिट्टी के हैं बने हुए, मधु-घट फूटा ही करते हैं। लघु जीवन लेकर आए हैं। प्याले टूटा ही करते हैं। फिर भी मदिरालय के अन्दर मधु के घट हैं, मधु प्याले हैं, जो मादकता के मारे हैं, वे मधु लूटा ही करते हैं, वह कच्चा पीने वाला है, जिसकी ममता घट प्यालों पर, जो सच्चे मधु से जला हुआ कब रोता है, चिल्लाता है जो बीत गई सो बात गई। 'प्याले' का भाव है

दिए गए पद्यांश को ध्यान से पढ़िए और उसके आधार पर पूछे गए प्रश्न का यथोचित उत्तर दीजिए। पद्यांश 2 मृदु मिट्टी के हैं बने हुए, मधु-घट फूटा ही करते हैं। लघु जीवन लेकर आए हैं। प्याले टूटा ही करते हैं। फिर भी मदिरालय के अन्दर मधु के घट हैं, मधु प्याले हैं, जो मादकता के मारे हैं, वे मधु लूटा ही करते हैं, वह कच्चा पीने वाला है, जिसकी ममता घट प्यालों पर, जो सच्चे मधु से जला हुआ कब रोता है, चिल्लाता है जो बीत गई सो बात गई। कवि पाठक से क्या आग्रह करता है?

दिए गए पद्यांश को ध्यान से पढ़िए और उसके आधार पर पूछे गए प्रश्न का यथोचित उत्तर दीजिए। पद्यांश 2 मृदु मिट्टी के हैं बने हुए, मधु-घट फूटा ही करते हैं। लघु जीवन लेकर आए हैं। प्याले टूटा ही करते हैं। फिर भी मदिरालय के अन्दर मधु के घट हैं, मधु प्याले हैं, जो मादकता के मारे हैं, वे मधु लूटा ही करते हैं, वह कच्चा पीने वाला है, जिसकी ममता घट प्यालों पर, जो सच्चे मधु से जला हुआ कब रोता है, चिल्लाता है जो बीत गई सो बात गई। मादकता का अर्थ है

दिए गए पद्यांश को ध्यान से पढ़िए और उसके आधार पर पूछे गए प्रश्न का यथोचित उत्तर दीजिए। पद्यांश 2 मृदु मिट्टी के हैं बने हुए, मधु-घट फूटा ही करते हैं। लघु जीवन लेकर आए हैं। प्याले टूटा ही करते हैं। फिर भी मदिरालय के अन्दर मधु के घट हैं, मधु प्याले हैं, जो मादकता के मारे हैं, वे मधु लूटा ही करते हैं, वह कच्चा पीने वाला है, जिसकी ममता घट प्यालों पर, जो सच्चे मधु से जला हुआ कब रोता है, चिल्लाता है जो बीत गई सो बात गई। 'मदिरालय' का सन्धि विच्छेद है।