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?दुनिया का सबसे अनोखा जीव | garden ell | amazing facts | #shorts

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दिए गए पद्यांश को ध्यान से पढ़िए और उसके आधार पर पूछे गए प्रश्न का यथोचित उत्तर दीजिए। पद्यांश 20 रात यों कहने लगा मुझसे गगन का चाँद, आदमी भी क्या अनोखा जीव होता है। उलझने अपनी बनाकर आप ही फँसता, और फिर बेचैन हो जगता, न सोता है। जानता है तू कि मैं कितना पुराना हूँ? मैं चुका हूँ देख मनु को जनमते-मरते और लाखों बार तुझ से पागलों को भी चाँदनी में बैठ स्वप्नों पर सही करते। " " रामधारी सिंह दिनकर 'अनोखा जीव' का समानार्थी है

निर्देशः कविता को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प का चयन कीजिए। नहीं झुका करते जो दुनिया से करने को समझौता, ऊँचे से ऊँचे सपनों को देते रहते जो न्योता, दूर देखती जिनकी पैनी आँख भविष्यत् का तम चीर, मैं हूँ उनके साथ खड़ी जो सीधी रखते अपनी रीढ़। ऊँचे से ऊँचे सपनों को निमंत्रण देने का भाव है-

निर्देशः कविता को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प का चयन कीजिए। नहीं झुका करते जो दुनिया से करने को समझौता, ऊँचे से ऊँचे सपनों को देते रहते जो न्योता, दूर देखती जिनकी पैनी आँख भविष्यत् का तम चीर, मैं हूँ उनके साथ खड़ी जो सीधी रखते अपनी रीढ़। 'सीधी रीढ़' का आशय है-

कविता को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प का चयन कीजिए। नहीं झुका करते जो दुनिया से करने को समझौता, ऊँचे से ऊँचे सपनों को देते रहते जो न्योता, दूर देखती जिनकी पैनी आँख भविष्यत् का तम चीर, मैं हूँ उनके साथ खड़ी जो सीधी रखते अपनी रीढ। नयन का प्रयायवाची लिखें।

कविता को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प का चयन कीजिए। नहीं झुका करते जो दुनिया से करने को समझौता, ऊँचे से ऊँचे सपनों को देते रहते जो न्योता, दूर देखती जिनकी पैनी आँख भविष्यत् का तम चीर, मैं हूँ उनके साथ खड़ी जो सीधी रखते अपनी रीढ। 'तम' शब्द का पर्याय है

निर्देशः कविता को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प का चयन कीजिए। नहीं झुका करते जो दुनिया से करने को समझौता, ऊँचे से ऊँचे सपनों को देते रहते जो न्योता, दूर देखती जिनकी पैनी आँख भविष्यत् का तम चीर, मैं हूँ उनके साथ खड़ी जो सीधी रखते अपनी रीढ़। "नहीं झुका करते जो दुनिया से" पंक्ति में किसके सामने न झुकने की बात की गई है ?

निर्देशः कविता को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प का चयन कीजिए। नहीं झुका करते जो दुनिया से करने को समझौता, ऊँचे से ऊँचे सपनों को देते रहते जो न्योता, दूर देखती जिनकी पैनी आँख भविष्यत् का तम चीर, मैं हूँ उनके साथ खड़ी जो सीधी रखते अपनी रीढ़। कविता की पंक्तियों के अनुसार कविता किसके पक्ष में खड़ी है ?

दिए गए पद्यांश को ध्यान से पढ़िए और उसके आधार पर पूछे गए प्रश्न का यथोचित उत्तर दीजिए। पद्यांश 20 रात यों कहने लगा मुझसे गगन का चाँद, आदमी भी क्या अनोखा जीव होता है। उलझने अपनी बनाकर आप ही फँसता, और फिर बेचैन हो जगता, न सोता है। जानता है तू कि मैं कितना पुराना हूँ? मैं चुका हूँ देख मनु को जनमते-मरते और लाखों बार तुझ से पागलों को भी चाँदनी में बैठ स्वप्नों पर सही करते। " " रामधारी सिंह दिनकर 'चांदनी' का पर्यायवाची नहीं है

दिए गए पद्यांश को ध्यान से पढ़िए और उसके आधार पर पूछे गए प्रश्न का यथोचित उत्तर दीजिए। पद्यांश 20 रात यों कहने लगा मुझसे गगन का चाँद, आदमी भी क्या अनोखा जीव होता है। उलझने अपनी बनाकर आप ही फँसता, और फिर बेचैन हो जगता, न सोता है। जानता है तू कि मैं कितना पुराना हूँ? मैं चुका हूँ देख मनु को जनमते-मरते और लाखों बार तुझ से पागलों को भी चाँदनी में बैठ स्वप्नों पर सही करते। " " रामधारी सिंह दिनकर तुझ-से का आशय है