Home
Class
DN_SHORTS
1 minute facts | ?आखिर क्यों छिपकली काट ...

1 minute facts | ?आखिर क्यों छिपकली काट लेती है अपनी ही पूंछ | #shorts #facts

Promotional Banner

Similar Questions

Explore conceptually related problems

A boat takes 45 minutes to go 3 km upstream and 4 1/2 km downstream while it covers a distance of 3.6 km upstream and 2.4 km downstream in 39 minutes. The speed ( km/h ) of this boat in downstream is : एक नाव को 3 km उध्र्वप्रवाह (upstream) और 4 1/2 अनुप्रवाह (downstream) दूरी तय करने में 45 मिनट लगते हैं, जबकि वह 3.6 km उध्र्वप्रवाह (upstream) और 2.4km अनुप्रवाह (downstream) दूरी 39 मिनट में तय कर लेती है | नाव की अनुप्रवाह (downstream) चलने की गति (km/h में) है:

A boat goes a distance of 4 km upstream in 2 hours and the same distance downstream in 20 minutes. How long will it take to go 10 1/2 km in still water? एक नाव 2 घंटे में 4 किमी धारा के प्रतिकूल जाती है और धारा के अनुकूल इतनी ही दूरी 20 मिनट में तय करती है | स्थिर जल में 10 1/2 किमी तक जाने में इसे कितना समय लगेगा ?

A train takes 1 minute to cross a stationary pole. How long (in seconds) will the train take to cross a bridge whose length is twice the length of the train? एक रेलगाड़ी किसी स्थिर खंभ को पार करने में 1 मिनट का समय लेती है | किसी पुल, जिसकी लंबाई रेलगाड़ी की लंबाई से दोगुनी है, को पार करने में रेलगाड़ी को कितना समय लगेगा (सेकंड में)?

गद्यांश को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प चुनिए। कुछ कहा जा रहा हो उससे कहीं महत्वपूर्ण होता है अपनी बात कहने का तरीका। आप कितनी ही जरूरी बात क्यों न कहें, अगर आपकी बात कोई सुने नहीं, महसूस ही न करे, तो उसे कहने का फायदा ही क्या? किसी के कहे को सुनने के लिए, उसे महसूस करने के लिए, पूरा ध्यान केंद्रित करने की जरूरत होती है। और वही मिलता था मुझे उस महान संगीतज्ञ बीथोवन के स्वरों द्वारा-पूरा ध्यान। आप पूछ सकते हैं कि "आवाजाही और बातचीत के शोर से भरे किसी कमरे के दूसरे-छोर पर बैठा कोई बच्चा उन आठ कोमल स्वरों को भला कैसे सुनता होगा?" इस सवाल का जवाब तो कोई भी शिक्षक दे सकता है। ये स्वर सुन तो वे बच्चे ही पाते थे जो पियानों के बिल्कुल पास खड़े होते थे, और तब उनका स्पर्श दूसरों को अगाह करता था। पर कुछ ही क्षणों में तेजी से फैलती वह ख़ामोशी ही बोलने लगती थी। और जब तक आखिरी स्वर की गूंज खत्म होती, सभी बच्चे शांत हो चुके होते थे। वे खामोशियाँ, वे सन्नाटे याद रहेंगे मुझे.. सात क्या उसके भी कई-कई सालों बाद भी। लेखिका के अनुसार अपनी बात कहने के सदंर्भ में सबसे महत्वपूर्ण क्या है?

गद्यांश को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प चुनिए। कुछ कहा जा रहा हो उससे कहीं महत्वपूर्ण होता है अपनी बात कहने का तरीका। आप कितनी ही जरूरी बात क्यों न कहें, अगर आपकी बात कोई सुने नहीं, महसूस ही न करे, तो उसे कहने का फायदा ही क्या? किसी के कहे को सुनने के लिए, उसे महसूस करने के लिए, पूरा ध्यान केंद्रित करने की जरूरत होती है। और वही मिलता था मुझे उस महान संगीतज्ञ बीथोवन के स्वरों द्वारा-पूरा ध्यान। आप पूछ सकते हैं कि "आवाजाही और बातचीत के शोर से भरे किसी कमरे के दूसरे-छोर पर बैठा कोई बच्चा उन आठ कोमल स्वरों को भला कैसे सुनता होगा?" इस सवाल का जवाब तो कोई भी शिक्षक दे सकता है। ये स्वर सुन तो वे बच्चे ही पाते थे जो पियानों के बिल्कुल पास खड़े होते थे, और तब उनका स्पर्श दूसरों को अगाह करता था। पर कुछ ही क्षणों में तेजी से फैलती वह ख़ामोशी ही बोलने लगती थी। और जब तक आखिरी स्वर की गूंज खत्म होती, सभी बच्चे शांत हो चुके होते थे। वे खामोशियाँ, वे सन्नाटे याद रहेंगे मुझे.. सात क्या उसके भी कई-कई सालों बाद भी। 'ख़मोशी ही बोलने लगती है।' से अभिप्राय है