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99% लोगों को ये चीज़ नहीं पता ? ? | Indian railway | #shorts

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In the following diagram the triangle represents ‘rich’, the circle represents ‘doctor’, the rectangle represents ‘happy’ persons. The numbers in different segments show the number of persons. निम्नलिखित आरेख में त्रिभुज 'अमीरों' को दर्शाता है, वृत्त 'चिकित्सक' को दर्शाता है तथा आयत “खुश लोगों? को दर्शाता है | विभिन्न खण्डों में दी गयी संख्याएं लोगों की संख्या बताती हैं | How many rich doctors are not happy? कितने अमीर चिकित्सक खुश नहीं हैं ?

In the following diagram, the triangle represent ‘businessmen, the circle represent ‘rich’ and the rectangle represent city dwellers.The number in different segments shows the number of persons. निम्नलिखित आरेख में त्रिभुज “व्यापारियों' को दर्शाता है, वृत्त 'अमीरों' को दर्शाता है तथा आयत ' शहरी निवासियों' को दर्शाता है | विभिन्न खंडो में दी गयी संख्याएं लोगों की संख्या को दर्शाती हैं | How many rich city dwellers are not businessmen? कितने अमीर शहरी निवासी व्यापारी नहीं हैं ?

In the following diagram, the triangle represents ‘cricket players’, the circle represents ‘swimmers’ and the rectangle represents ‘students’. The numbers in different segments show the number of persons. इस आरेख में त्रिभुज “क्रिकेट खिलाड़ियों' को दर्शाता है, वृत्त 'तैराकों को दर्शाता है तथा आयत छात्रों का प्रतिनिधित्व करता है | विभिन्न खंडों में दी गयी संख्याएं लोगों की संख्या को दर्शाती हैं | How many students are swimmers but not cricket players? कितने छात्र तैराक हैं लेकिन क्रिकेट खिलाड़ी नहीं?

In the following diagram, the triangle represents ‘women’, the circle represents ‘graduates’, the rectangle represents ‘teachers’. The numbers in different segments show the number of persons. निम्नलिखित आरेख में, त्रिभुज “महिलाओं' को दर्शाता है, वृत्त 'स्रातकों' को दर्शाता है, आयत 'शिक्षकों' को दर्शाता है | विभिन्न खंडो में दी गयी संख्याएं लोगों की संख्या कै बारे में बताती हैं | How many women graduates are not teachers? कितनी महिला स्नातक शिक्षक नहीं हैं ?

In the Venn diagram given below, the 'circle' represents 'boys', the 'Triangle' represents 'married', and the 'Square' represents 'the persons who own pets'. Then select the area which represents boys who are married but do not own pets? दिए गए वेंन आरेख में वृत्त लड़कों को, त्रिकोण विवाहित को और वर्ग उन लोगों को दर्शाता है जिनके पास जानवर है | कौन सा क्षेत्र उन लड़कों को दर्शाता है जो विवाहित है परन्तु जिनके पास जानवर नहीं है ?

In the following diagram, the triangle represents ‘cricket players’, the circle represents ‘students’, the rectangle represents ‘boys’ and the square represents ‘dancers’. The numbers in different segments show the number of persons. निम्नलिखित आरेख में, त्रिभुज क्रिकेट खिलाड़ियों' को दर्शाता है, वृत्त 'छात्रों' को दर्शाता है, आयत ' लड़कों? को दर्शाता है तथा वर्ग 'नर्तकों' को दर्शाता है | विभिन्न खंडो में दी गयी संख्याएं लोगों की संख्या के बारे में बताती हैं How many students are dancers and cricket players but not boys? कितने छात्र नर्तक और क्रिकेट खिलाड़ी हैं लेकिन लड़के नहीं हैं ?

In the following diagram, the triangle represents ‘army men’, the circle represents ‘athletes’, the rectangle represents ‘strong men’. The numbers in different segments show the number of persons. निम्नलिखित आरेख में, त्रिभुज 'सैनिकों' को दर्शाता है, वृत्त 'एथलीट' को दर्शाता है, आयत ' शक्तिशाली पुरुषों? को दर्शाता है | विभिन्न खंडो में दी गयी संख्याएं लोगों की संख्या के बारे में बताती हैं| How many strong army men are not athletes? कितने शक्तिशाली सैनिक एथलीट नहीं हैं ?

हमारे व्यावहारिक अथवा वास्तविक जीवन में भी यही सिद्धांत काम करता है कि हम समाज अथवा लोगों को जो देते हैं वही हमारे पास लौटकर आता है। हम लोगों से प्यार करते हैं तो लोग भी हमें प्यार करते हैं लेकिन यदि हम लोगों से घृणा करते हैं तो वे भी हमसे घृणा ही करेंगे इसमें संदेह नहीं। यदि हम सबके साथ सहयोग करते हैं अथवा ईमानदार बने रहते हैं तो दूसरे भी हमारे प्रति सहयोगात्मक और ईमानदार हो जाते है। इसे आकर्षण का नियम कहा गया है। हम जैसा स्वभाव विकसित कर लेते हैं वैसी ही चीजें हमारी ओर आकर्षित होती हैं। गंदगी मक्खी को आकर्षित करती है तो फूल तितली को आकर्षित करते हैं। यदि हम स्वयं को फूल जैसा सुंदर, सुवासित, मसृण व रंगीन अर्थात सुंदर गुणों से युक्त बना लेंगे तो स्वाभाविक है कि समाज के सुंदर गुणी व्यक्ति हमारी ओर आकर्षित होंगे ही। यदि हम चाहते हैं कि हमारे संपर्क में केवल अच्छे लोग ही आएँ तो हमें स्वयं को उनके अनुरूप बनाना होगा - दुर्गुणों में नहीं, सदगुणों में। अपने व्यवहार को व्यवस्थित व आदतों को अच्छा करना होगा। अपनी वाणी को कोमल व मधुर बनाना होगा। केवल मात्र बाहर से नहीं, मन की गहराइयों में रचयं को सुंदर बनाना होगा। यदि हम बाहरी रुप स्वरुप से नहीं, वरन मन से सुंदर बन पाते है तो विचार और कर्म स्वयं सुंदर हो जाएंगे। जीवन रूपी सितार ठीक बजने लगेगा। जीवन के प्रति सत्यम् शिवम् और सुंदरम् का आकर्षण बढ़ने लगेगा। फूल के लिए कौन-सा विशेषण ul(" अनुपयुक्त ") है?

हमारे व्यावहारिक अथवा वास्तविक जीवन में भी यही सिद्धांत काम करता है कि हम समाज अथवा लोगों को जो देते हैं वही हमारे पास लौटकर आता है। हम लोगों से प्यार करते हैं तो लोग भी हमें प्यार करते हैं लेकिन यदि हम लोगों से घृणा करते हैं तो वे भी हमसे घृणा ही करेंगे इसमें संदेह नहीं। यदि हम सबके साथ सहयोग करते हैं अथवा ईमानदार बने रहते हैं तो दूसरे भी हमारे प्रति सहयोगात्मक और ईमानदार हो जाते है। इसे आकर्षण का नियम कहा गया है। हम जैसा स्वभाव विकसित कर लेते हैं वैसी ही चीजें हमारी ओर आकर्षित होती हैं। गंदगी मक्खी को आकर्षित करती है तो फूल तितली को आकर्षित करते हैं। यदि हम स्वयं को फूल जैसा सुंदर, सुवासित, मसृण व रंगीन अर्थात सुंदर गुणों से युक्त बना लेंगे तो स्वाभाविक है कि समाज के सुंदर गुणी व्यक्ति हमारी ओर आकर्षित होंगे ही। यदि हम चाहते हैं कि हमारे संपर्क में केवल अच्छे लोग ही आएँ तो हमें स्वयं को उनके अनुरूप बनाना होगा - दुर्गुणों में नहीं, सदगुणों में। अपने व्यवहार को व्यवस्थित व आदतों को अच्छा करना होगा। अपनी वाणी को कोमल व मधुर बनाना होगा। केवल मात्र बाहर से नहीं, मन की गहराइयों में रचयं को सुंदर बनाना होगा। यदि हम बाहरी रुप स्वरुप से नहीं, वरन मन से सुंदर बन पाते है तो विचार और कर्म स्वयं सुंदर हो जाएंगे। जीवन रूपी सितार ठीक बजने लगेगा। जीवन के प्रति सत्यम् शिवम् और सुंदरम् का आकर्षण बढ़ने लगेगा। हमारे व्यवहार और कार्य स्वयं ठीक से हो जाएंगे यदि हम

हमारे व्यावहारिक अथवा वास्तविक जीवन में भी यही सिद्धांत काम करता है कि हम समाज अथवा लोगों को जो देते हैं वही हमारे पास लौटकर आता है। हम लोगों से प्यार करते हैं तो लोग भी हमें प्यार करते हैं लेकिन यदि हम लोगों से घृणा करते हैं तो वे भी हमसे घृणा ही करेंगे इसमें संदेह नहीं। यदि हम सबके साथ सहयोग करते हैं अथवा ईमानदार बने रहते हैं तो दूसरे भी हमारे प्रति सहयोगात्मक और ईमानदार हो जाते है। इसे आकर्षण का नियम कहा गया है। हम जैसा स्वभाव विकसित कर लेते हैं वैसी ही चीजें हमारी ओर आकर्षित होती हैं। गंदगी मक्खी को आकर्षित करती है तो फूल तितली को आकर्षित करते हैं। यदि हम स्वयं को फूल जैसा सुंदर, सुवासित, मसृण व रंगीन अर्थात सुंदर गुणों से युक्त बना लेंगे तो स्वाभाविक है कि समाज के सुंदर गुणी व्यक्ति हमारी ओर आकर्षित होंगे ही। यदि हम चाहते हैं कि हमारे संपर्क में केवल अच्छे लोग ही आएँ तो हमें स्वयं को उनके अनुरूप बनाना होगा - दुर्गुणों में नहीं, सदगुणों में। अपने व्यवहार को व्यवस्थित व आदतों को अच्छा करना होगा। अपनी वाणी को कोमल व मधुर बनाना होगा। केवल मात्र बाहर से नहीं, मन की गहराइयों में रचयं को सुंदर बनाना होगा। यदि हम बाहरी रुप स्वरुप से नहीं, वरन मन से सुंदर बन पाते है तो विचार और कर्म स्वयं सुंदर हो जाएंगे। जीवन रूपी सितार ठीक बजने लगेगा। जीवन के प्रति सत्यम् शिवम् और सुंदरम् का आकर्षण बढ़ने लगेगा। लेखक द्वास 'आकर्षण का नियम किसे कहा गया है?