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Curriculum (पाठ्यक्रम)|Basic Elements Of...

Curriculum (पाठ्यक्रम)|Basic Elements Of Curriculum (पाठ्यचर्चा के मूल तत्व)|Curriculum - Syllabus + Co-Curricular Activities (पाठ्यक्रम-पाठ्यवस्तु + पाठ्य सहगामी क्रियाएँ)|Two Methods Are Used In The Organization Of The Curriculum (पाठ्यक्रम के संगठन में दो विधियों का प्रयोग किया गया है)|OMR

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Meaning Of Curriculum (पाठ्यक्रम से अभिप्राय)|Some Definitions (कुछ परिभाषाएँ)|Curricular - Syllabus + Co-Curricular Activities (पाठ्यक्रम - पाठ्यवस्तु + पाठ्य सहगामी क्रियाएं)|Syllabus (पाठ्यवस्तु)|Co-Curricular Activities (पाठ्य सहगामी क्रियाएं / सहायक शिक्षक क्रियाएं)|Advantages Of Co-Curricular Activities (पाठ्य सहगामी क्रियाएं के लाभ)|Steps Of Curriculum Construction (पाठ्यक्रम निर्माण के चरण)|Objectives Of Curriculum (पाठ्यक्रम के उद्धेश्य)|Difference Between Curriculum And Syllabus (पाठ्क्रम और पाठ्यवस्तु के बिच अंतर)|OMR

Curriculum (पाठ्यक्रम)|Different Types Of Curriculum Are (विभिन्न प्रकार के पाठ्यक्रम है)|Teacher Centered Education / Autocratic Education / Traditional Way Of Education (शिक्षक केन्द्रित शिक्षण / सत्तावादी शिक्षा / शिक्षा का परंपरागत तरीका)|Child Centered Curriculum (बाल - केन्द्रित पाठ्यक्रम)|Subject Centered Curriculum (विषय प्रधान पाठ्यक्रम / पुस्तक केन्द्रित पाठ्यक्रम)|Core Curriculum (कोर पाठ्यक्रम / अनिवार्य पाठ्यक्रम)|Experience Centered Curriculum / Activity Centered / Craft Centered Curriculum (अनुभव - केन्द्रित पाठ्यक्रम / क्रिया केन्द्रित / शिल्पकलाकेन्द्रित पाठ्यक्रम)|Classical Curriculum (शास्त्रीय पाठ्यक्रम)|Hidden Curriculum (प्रछन्न पाठ्यक्रम)|Corrected Curriculum / Integrated Curriculum (सह-संबंधित पाठ्यक्रम / एकीकृत पाठ्यक्रम)|OMR

Place Of Mathematics In Curriculum (गणित का पाठ्यक्रम में स्थान)|Questions (प्रश्न)|OMR|Summary

पाठ्यक्रम को कक्षाक्रम से बहुत कड़ाई के साथ बाँध देने के परिणामस्वरूप बच्चे के विकास का एक अनवरत प्रक्रिया नहीं बन पाता, अपितु कृत्रिम खंडों मे बँट जाता है। एक स्थिर पाठ्यक्रम बच्चे की व्यक्तिगत रुचियों और क्षमताओं के विकास में सहयोग न देकर एक मजबूरी बन जाता है, जिसे बच्चा और उसका उध्यापक दोनों बेबस होकर स्वीकार करते हैं। यदि एक बच्चा किसी विषय में अपने सहपाठियों से अधिक दिलचस्पी रखता है, तो पाठ्यक्रम की बदौलत चसे पूरे एक वर्ष या इससे भी अधिक प्रतीक्षा करनी होती है, जब वह उस विषय में कुछ अधिक विस्तृत जानकारी अध्यापक और नई पुस्तक से प्राप्त कर सकेगा। श्री अरविंद आश्रम के शिक्षा केंद्र में, जहाँ पाठ्यक्रम पूर्वनिर्धारित और स्थिर नहीं रहता, बच्चों को अपनी व्यक्तिगत रुचि और मामर्थ्य के अनुसार किसी विषय की जानकारी की प्रगति जारी रखने की छूट रहती है। सामान्य स्कूलों में, जहाँ यह छुट नहीं दी जाती। होता प्रायः यह हैं कि नई कक्षा में आने पर उसे वही विषय बिलकुल नया और अपरिचित लगता है, जिसके बारे में काफी कुछ बह पिछली कक्षा में जान चूका था। विशेषतौर पर ऐसा तब होता है, जब पाठ्यक्रम पाठ्यपुस्तकों का पर्याय हो, जैसा भारत में है ' बे ' उपसर्ग का प्रयोग किस शब्द मे नहीं किया जा सकता?

बौद्ध शिक्षण पद्धति का आरम्भ स्वयं बुद्ध ने सरल तथा जनमानस की भाषा में जीवन के तत्त्वों के उपदेश तथा जगह-जगह चर्चा करके किया। लोगों को शिक्षित करने के लिए महात्मा बुद्ध ने व्याख्यान, प्रश्नोत्तर प्रासंगिक उपमा, दृष्टान्त एवं कथा को माध्यम बनाया बुद्ध के बाद से बौद्ध शिक्षा पद्धति भी एक निश्चित स्वरूप, संगठन के साथ हिन्दू शिक्षा पद्धति से अलग स्वतन्त्र शिक्षा पद्धति के रूप में विकसित हुई। प्रारम्भ में हिन्दू तथा बौद्ध शिक्षा पद्धति के मूल में कोई विशेष अन्तर नहीं था, किन्तु बाद में आकर दोनों शिक्षा प्रणालियों के आदर्श एवं पद्धति में विशेष रूप से उस पाठ्यक्रम में जो विशेष रूप से आम उपासक की बजाय बौद्ध भिक्षु-भिक्षुणियों के लिए था, बहुत कम समानता रह गई थी। बौद्ध धर्म में शिक्षा प्रारम्भ संस्कार ब्राह्मणों के उपनयन संस्कार की भाँति होता था। बौद्ध संघ में सम्मिलित होने के लिए दो संस्कार आवश्यक थे प्रथम था 'पब्बज्जा' तथा दूसरा उपसम्पदा पब्बज्जा से उपासकत्व का प्रारम्भ होता था। उपनयन की भाँति इसे भी आध्यात्मिक जन्म कहा गया है। यह 8 वर्ष से अधिक आयु के किसी भी व्यक्ति को दी जा सकती थी। संरक्षक की अनुज्ञा इसके लिए आवश्यक थी। व्यक्ति को तीन प्रकार की शरण की शपथ एवं दस धर्मादेश दिए जाते थे। ये शरण बुद्ध धर्म एवं संघ की होती थी। दस धर्मादेशों में निम्न की मनाही थी 1 1। पारिवारिक जीवन 2। ऐसी वस्तु ग्रहण करना जो दी न हो 3। अशुद्ध आचरण 4। झूठ बोलना 5। मादक द्रव्यों का सेवन 6। असमय भोजन 7। नृत्य-गायन 8। पुष्प माला, इत्र, गहने आदि का प्रयोग 9। उच्च आसन का प्रयोग 10। सोना एवं चाँदी की प्राप्ति बौद्ध शिक्षा पद्धति के सन्दर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन असत्य है?