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ऐसा जीव जो पानी पीते ही मर जाता है...

ऐसा जीव जो पानी पीते ही मर जाता है

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In a mixture of 60 litres, the ratio (by volume) of milk and water is 2:1. If X litres of water is added in the mixture, the ratio of milk and water becomes 1:2, then what is the value of X? 60 लीटर के मिश्रण में, दूध और पानी का अनुपात ( मात्रा में ) 2 : 1 है | यदि मिश्रण में X लीटर पानी मिला दिया जाए, तो दूध और पानी का अनुपात 1:2 हो जाता है |X का मान क्या है ?

From a vessel containing 100l of wine, 10l are drawn out and an equal amount of water is added. From the mixture, 10 l is again drawn out and same quantity of water is added. What is the final ratio of wine and water ? एक बर्तन में 100 लीटर अत्कोहल है, 10 लीटर निकाल लेने के बाद समान मात्रा में पानी मिला दिया जाता है। मिश्रण से दोबारा 10 लीटर निकाला जाता है तथा समान मात्रा में पानी मिलाया जाता है। तो अंत में अल्कोहल तथा पानी का अनुपात क्या होगा।

A vessel contains 20 litres of acid. 4 litres of acid is taken out of the vessel and replaced by the same quantity of water. Next 4 litres of the mixture are withdrawn, and again the vessel is filled with the same quantity of water. the ratio of the quantity of acid left in the vessel with the quantity of acid initially in the vessel is: एक बर्तन में 20 लीटर एसिड है। इनमें से 4 लीटर एसिड निकाल कर उसके स्थान पर उतनी ही मात्रा में पानी भर दिया जाता है। फिर उसमें से 4 लोटर मिश्रण निकाल लिया जाता है। और बर्तन में इतनी ही मीत्रा में पानी भर दिया जाता है। बर्तन में बचे एसिड की मात्रा और प्रारंभ में भरे एसिड की मात्रा का अनुपात क्या होगा?

The ratio (by volume) of milk and water in a mixture is 2:1. If we add 12 litres of water in the mixture, then the ratio of milk and water becomes 4:3. What is the quantity of water in the new mixture? एक मिश्रण में दूध और पानी का अनुपात (मात्रा में ) 2 : 1 है | यदि हम मिश्रण में 12 लीटर पानी मिला दें, तो दूध और पानी का अनुपात 4 : 3 हो जाता है | नए मिश्रण में पानी की मात्रा कितनी है?

गद्यांश को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प चुनिए। जीवन में बहुत अंधकार है और अंधकार की ही भाँति अशुभ और अनीति है। कुछ लोग इस अंधकार को स्वीकार कर लेते हैं और तब उनके भीतर जो प्रकाश तक पहुँचने और पाने की आकांक्षा थी, वह क्रमशः क्षीण होती जाती है। मैं अंधकार की इस स्वीकृति को मनुष्य का सबसे बड़ा पाप कहता हूँ। यह मनुष्य का स्वयं अपने प्रति किया गया अपराध है। उसके दूसरों के प्रति किए गए अपराधों का जन्म इस मूल पाप से ही होता है। यह स्मरण रहे कि जो व्यक्ति अपने ही प्रति इस पाप को नहीं करता है, वह किसी के भी प्रति कोई पाप नहीं कर सकता है। किंतु कुछ लोग अंधकार को स्वीकार करने से बचने के लिए उसके अस्वीकार में लग जाते हैं। उनका जीवन अंधकार के निषेध का ही सतत् उपक्रम बन जाता है। ___________ और अंधकार की ही भाँति अशुभ और अनीति है।" वाक्य में निपात है

निर्देश: गद्यांश को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प चुनिए। जीवन में बहुत अंधकार है और अंधकार की ही भांति अशुभ और अनीति है। कुछ लोग इस अंधकार को स्वीकार कर लेते हैं और तब उनके भीतर जो प्रकाश तक पहुँचने और पाने की आकांक्षा थी, वह क्रमशः क्षीण होती जाती है। मैं अंधकार की इस स्वीकृति को मनुष्य का सबसे बड़ा पाप कहता हूँ। यह मनुष्य का स्वयं अपने प्रति किया गया अपराध है। उसके दूसरों के प्रति किए गए अपराधों का जन्म इस मूल पाप से ही होता है। यह समर्पण रहे कि जो व्यक्ति अपने ही प्रति इस पाप को नहीं करता है, वह किसी के भी प्रति कोई पाप नहीं कर सकता है। किन्तु कुछ लोग अंधकार के स्वीकार से बचने के लिए उसके अस्वीकार में लग जाते हैं। उनका जीवन अंधकार के निषेध का ही सतत् उपक्रम बन जाता है। "..... और अंधकार की ही भांति अशुभ और अनीति है।" वाक्य में निपात है-

गद्यांश को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प चुनिए। जीवन में बहुत अंधकार है और अंधकार की ही भांति अशभ और अनीति है। कुछ लोग इस अंधकार को स्वीकार कर लेते हैं और तब उनके भीतर जो प्रकाश तक पहुँचने और पाने की आकांक्षा थी, वह क्रमशः क्षीण होती जाती है। मैं अंधकार की इस स्वीकृति को मनुष्य का सबसे बड़ा पाप कहता हूँ। यह मनुष्य का स्वयं अपने प्रति किया गया अपराध है। उसके दूसरों के प्रति किए गए अपराधों का जन्म इस मूल पाप से ही होता है। यह स्मरण रहे कि जो व्यक्ति अपने ही प्रति इस पाप को नहीं करता है, वह किसी के भी प्रति कोई पाप नहीं कर सकता है। किन्तु कुछ लोग अंधकार के स्वीकार से बचने के लिए उसके अस्वीकार में लग जाते हैं। उनका जीवन अंधकार के निषेध का ही सतत उपक्रम बन जाता है। "..... और अंधकार की ही भांति अशुभ और अनीति है।" वाक्य में निपात है