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99% लोग TVS मोटर्स का ये फैक्ट नही जानते...

99% लोग TVS मोटर्स का ये फैक्ट नही जानते

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दिए गए पद्यांश को ध्यान से पढ़िए और उसके आधार पर पूछे गए प्रश्न का यथोचित उत्तर दीजिए। पद्यांश 18 चौड़ी सड़क गली पतली थी दिन का समय घनी बदली थी रामदास उस दिन उदास था अन्त समय आ गया पास था उसे बता यह दिया गया था उसकी हत्या होगी। धीरे-धीरे चला अकेले सोचा साथ किसी को ले ले फिर रह गया, सड़क पर सब थे सभी मौन थे सभी निहत्ये सभी जानते थे यह उस दिन उसकी हत्या होगी। खड़ा हुआ वह बीच सड़क पर दोनों हाथ पेट पर रख कर सधे कदम रख करके आए लोग सिमट कर आँख गड़ाए लगे देखने उसको जिसकी तय था हत्या होगी। निकल गली से तब हत्यारा आया उसने नाम पुकारा हाथ तौलकर चाकू मारा छूटा लोहू का फव्वारा कहा नहीं था उसने आखिर उसकी हत्या होगी। 'आँख मड़ाने' का आशय स्पष्ट कीजिए

दिए गए पद्यांश को ध्यान से पढ़िए और उसके आधार पर पूछे गए प्रश्न का यथोचित उत्तर दीजिए। पद्यांश 18 चौड़ी सड़क गली पतली थी दिन का समय घनी बदली थी रामदास उस दिन उदास था अन्त समय आ गया पास था उसे बता यह दिया गया था उसकी हत्या होगी। धीरे-धीरे चला अकेले सोचा साथ किसी को ले ले फिर रह गया, सड़क पर सब थे सभी मौन थे सभी निहत्ये सभी जानते थे यह उस दिन उसकी हत्या होगी। खड़ा हुआ वह बीच सड़क पर दोनों हाथ पेट पर रख कर सधे कदम रख करके आए लोग सिमट कर आँख गड़ाए लगे देखने उसको जिसकी तय था हत्या होगी। निकल गली से तब हत्यारा आया उसने नाम पुकारा हाथ तौलकर चाकू मारा छूटा लोहू का फव्वारा कहा नहीं था उसने आखिर उसकी हत्या होगी। रामदास ने अपने साथ और किसी को क्यों नहीं लिया?

दिए गए पद्यांश को ध्यान से पढ़िए और उसके आधार पर पूछे गए प्रश्न का यथोचित उत्तर दीजिए। पद्यांश 18 चौड़ी सड़क गली पतली थी दिन का समय घनी बदली थी रामदास उस दिन उदास था अन्त समय आ गया पास था उसे बता यह दिया गया था उसकी हत्या होगी। धीरे-धीरे चला अकेले सोचा साथ किसी को ले ले फिर रह गया, सड़क पर सब थे सभी मौन थे सभी निहत्ये सभी जानते थे यह उस दिन उसकी हत्या होगी। खड़ा हुआ वह बीच सड़क पर दोनों हाथ पेट पर रख कर सधे कदम रख करके आए लोग सिमट कर आँख गड़ाए लगे देखने उसको जिसकी तय था हत्या होगी। निकल गली से तब हत्यारा आया उसने नाम पुकारा हाथ तौलकर चाकू मारा छूटा लोहू का फव्वारा कहा नहीं था उसने आखिर उसकी हत्या होगी। रामदास क्यों उदास था?

दिए गए पद्यांश को ध्यान से पढ़िए और उसके आधार पर पूछे गए प्रश्न का यथोचित उत्तर दीजिए। पद्यांश 18 चौड़ी सड़क गली पतली थी दिन का समय घनी बदली थी रामदास उस दिन उदास था अन्त समय आ गया पास था उसे बता यह दिया गया था उसकी हत्या होगी। धीरे-धीरे चला अकेले सोचा साथ किसी को ले ले फिर रह गया, सड़क पर सब थे सभी मौन थे सभी निहत्ये सभी जानते थे यह उस दिन उसकी हत्या होगी। खड़ा हुआ वह बीच सड़क पर दोनों हाथ पेट पर रख कर सधे कदम रख करके आए लोग सिमट कर आँख गड़ाए लगे देखने उसको जिसकी तय था हत्या होगी। निकल गली से तब हत्यारा आया उसने नाम पुकारा हाथ तौलकर चाकू मारा छूटा लोहू का फव्वारा कहा नहीं था उसने आखिर उसकी हत्या होगी। सड़क पर हत्या होने में क्या व्यंग्य है?

दिए गए पद्यांश को ध्यान से पढ़िए और उसके आधार पर पूछे गए प्रश्न का यथोचित उत्तर दीजिए। पद्यांश 18 चौड़ी सड़क गली पतली थी दिन का समय घनी बदली थी रामदास उस दिन उदास था अन्त समय आ गया पास था उसे बता यह दिया गया था उसकी हत्या होगी। धीरे-धीरे चला अकेले सोचा साथ किसी को ले ले फिर रह गया, सड़क पर सब थे सभी मौन थे सभी निहत्ये सभी जानते थे यह उस दिन उसकी हत्या होगी। खड़ा हुआ वह बीच सड़क पर दोनों हाथ पेट पर रख कर सधे कदम रख करके आए लोग सिमट कर आँख गड़ाए लगे देखने उसको जिसकी तय था हत्या होगी। निकल गली से तब हत्यारा आया उसने नाम पुकारा हाथ तौलकर चाकू मारा छूटा लोहू का फव्वारा कहा नहीं था उसने आखिर उसकी हत्या होगी। जिनके हाथ खाली हों, उसे कहा जाता है।