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एक बार में खल्लास...

एक बार में खल्लास

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सम्पूर्ण मानचित्र Complete Map Work Class 10 प्रश्नों का सबसे सही तरीका | एक ही CLASS में खल्लास !!

Study the bar diagram and answer the questions. बार-आरेख का अध्ययन करें और प्रश्नों का उत्तर दें। Ratio of highest and lowest marks obtained in first term among all the subjects is सभी विषयों में, पहली बार में प्राप्त उच्चतम और निम्नतम अंकों का अनुपात है-

जागो फिर एक बार ! प्यारे जगाते हुए हारे सब तारे तुम्हें अरुण-पंख तरुण-किरण खड़ी खोलती है द्वार जागो फिर एक बार! आँखें अलियों-सी किस मधु की गलियों में फंसी, बन्द कर पाँखें पी रही हैं मधु मौन अथवा सोई कमल-कोरकों में? बन्द हो रहा गुंजार जागो फिर एक बार! अस्ताचल चले रवि, शशि-छवि विभावरी में चित्रित हुई है देख यामिनीगन्धा जगी. एकटक चकोर-कोर दर्शन-प्रिय, आशाओं भरी मौन भाषा बहु भावमयी घेर रहा चन्द्र को चाव से शिशिर-भार-व्याकुल कुल खुले फूल झुके हुए, आया कलियों में मधुर मद-उर-यौवन उभार जागो फिर एक बार! इनमें से किसकी तुलना अरुण-पंखों से की गई है?

जागो फिर एक बार ! प्यारे जगाते हुए हारे सब तारे तुम्हें अरुण-पंख तरुण-किरण खड़ी खोलती है द्वार जागो फिर एक बार! आँखें अलियों-सी किस मधु की गलियों में फंसी, बन्द कर पाँखें पी रही हैं मधु मौन अथवा सोई कमल-कोरकों में? बन्द हो रहा गुंजार जागो फिर एक बार! अस्ताचल चले रवि, शशि-छवि विभावरी में चित्रित हुई है देख यामिनीगन्धा जगी. एकटक चकोर-कोर दर्शन-प्रिय, आशाओं भरी मौन भाषा बहु भावमयी घेर रहा चन्द्र को चाव से शिशिर-भार-व्याकुल कुल खुले फूल झुके हुए, आया कलियों में मधुर मद-उर-यौवन उभार जागो फिर एक बार! फूलों के झुकने का कारण क्या है?

जागो फिर एक बार ! प्यारे जगाते हुए हारे सब तारे तुम्हें अरुण-पंख तरुण-किरण खड़ी खोलती है द्वार जागो फिर एक बार! आँखें अलियों-सी किस मधु की गलियों में फंसी, बन्द कर पाँखें पी रही हैं मधु मौन अथवा सोई कमल-कोरकों में? बन्द हो रहा गुंजार जागो फिर एक बार! अस्ताचल चले रवि, शशि-छवि विभावरी में चित्रित हुई है देख यामिनीगन्धा जगी. एकटक चकोर-कोर दर्शन-प्रिय, आशाओं भरी मौन भाषा बहु भावमयी घेर रहा चन्द्र को चाव से शिशिर-भार-व्याकुल कुल खुले फूल झुके हुए, आया कलियों में मधुर मद-उर-यौवन उभार जागो फिर एक बार! किसमें यौवन का उभार आया है?

एक बिंदु में सतत फलन

जागो फिर एक बार ! प्यारे जगाते हुए हारे सब तारे तुम्हें अरुण-पंख तरुण-किरण खड़ी खोलती है द्वार जागो फिर एक बार! आँखें अलियों-सी किस मधु की गलियों में फंसी, बन्द कर पाँखें पी रही हैं मधु मौन अथवा सोई कमल-कोरकों में? बन्द हो रहा गुंजार जागो फिर एक बार! अस्ताचल चले रवि, शशि-छवि विभावरी में चित्रित हुई है देख यामिनीगन्धा जगी. एकटक चकोर-कोर दर्शन-प्रिय, आशाओं भरी मौन भाषा बहु भावमयी घेर रहा चन्द्र को चाव से शिशिर-भार-व्याकुल कुल खुले फूल झुके हुए, आया कलियों में मधुर मद-उर-यौवन उभार जागो फिर एक बार! 'कमल-कोरकों में इस पंक्ति में किस अलंकार का प्रयोग किया गया है?