भारत से जुड़ी ये बातें जानकर हैरान हो जाएंगे
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कविता को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प का चयन कीजिए। हरा-भरा हो जीवन अपना स्वस्थ रहे संसार, नदियाँ, पर्वत, हवा, पेड़ से आती है बहार। बचपन, कोमल तन-मन लेकर, आए अनुपम जीवन लेकर, जग से तुम और तुमसे है ये प्यारा संसार, हरा-भरा हो जीवन अपना स्वस्थ रहे संसार, वृंद-लताएँ पौधे, डाली चारों ओर भरे हरियाली मन में जगे उमंग यही है सृष्टि का उपहार, हरा-भरा हो जीवन अपना स्वस्थ रहे संसार, मुश्किल से मिलता है जीवन, हम सब इसे बनाएँ चंदन पर्यावरण सुरक्षित न हो तो है सब बेकार हरा-भरा हो जीवन अपना स्वस्थ रहे संसार 'अनुपम' से अभिप्राय है
कविता को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प का चयन कीजिए। हरा-भरा हो जीवन अपना स्वस्थ रहे संसार, नदियाँ, पर्वत, हवा, पेड़ से आती है बहार। बचपन, कोमल तन-मन लेकर, आए अनुपम जीवन लेकर, जग से तुम और तुमसे है ये प्यारा संसार, हरा-भरा हो जीवन अपना स्वस्थ रहे संसार, वृंद-लताएँ पौधे, डाली चारों ओर भरे हरियाली मन में जगे उमंग यही है सृष्टि का उपहार, हरा-भरा हो जीवन अपना स्वस्थ रहे संसार, मुश्किल से मिलता है जीवन, हम सब इसे बनाएँ चंदन पर्यावरण सुरक्षित न हो तो है सब बेकार हरा-भरा हो जीवन अपना स्वस्थ रहे संसार 'जग से तुम और तुम से है ये प्यारा संसार' पंक्ति के माध्यम से कवि कहना चाहता है कि
कविता को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प का चयन कीजिए। हरा-भरा हो जीवन अपना स्वस्थ रहे संसार, नदियाँ, पर्वत, हवा, पेड़ से आती है बहार। बचपन, कोमल तन-मन लेकर, आए अनुपम जीवन लेकर, जग से तुम और तुमसे है ये प्यारा संसार, हरा-भरा हो जीवन अपना स्वस्थ रहे संसार, वृंद-लताएँ पौधे, डाली चारों ओर भरे हरियाली मन में जगे उमंग यही है सृष्टि का उपहार, हरा-भरा हो जीवन अपना स्वस्थ रहे संसार, मुश्किल से मिलता है जीवन, हम सब इसे बनाएँ चंदन पर्यावरण सुरक्षित न हो तो है सब बेकार हरा-भरा हो जीवन अपना स्वस्थ रहे संसार कौन-सी चीजें बहार लेकर आती हैं?
कविता को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प का चयन कीजिए। हरा-भरा हो जीवन अपना स्वस्थ रहे संसार, नदियाँ, पर्वत, हवा, पेड़ से आती है बहार। बचपन, कोमल तन-मन लेकर, आए अनुपम जीवन लेकर, जग से तुम और तुमसे है ये प्यारा संसार, हरा-भरा हो जीवन अपना स्वस्थ रहे संसार, वृंद-लताएँ पौधे, डाली चारों ओर भरे हरियाली मन में जगे उमंग यही है सृष्टि का उपहार, हरा-भरा हो जीवन अपना स्वस्थ रहे संसार, मुश्किल से मिलता है जीवन, हम सब इसे बनाएँ चंदन पर्यावरण सुरक्षित न हो तो है सब बेकार हरा-भरा हो जीवन अपना स्वस्थ रहे संसार कवि ने सृष्टि का उपहार किसे कहा है?