Home
Class
DN_SHORTS
अपने पापा का ये सपना जरूर पूरा कर देना ।...

अपने पापा का ये सपना जरूर पूरा कर देना । motivational video । inspiration । narayan । #shorts

Promotional Banner

Similar Questions

Explore conceptually related problems

राष्ट्रीय कार्यकर्ताओं में व्यक्तिगत गुणों के अतिरिक्त संगठन में काम करने का गुण भी होना चाहिए। उनमें आज्ञापालन का भाव हो और वे अपने विकारों को राष्ट्रीय इच्छा की वेदी पर न्योछावर कर दें। जो काम हो वह संगठन के साथ। राष्ट्रीय महासभा की आकांक्षाओं का उल्लंघन कभी न किया जाए। यदि सत्य अंत:करण किसी भी तरह न माने तब भी राष्ट्रीय नेता की सम्मति अवश्य ही ले ली जाए। हम यह नहीं कह सकते कि अपने अंत:करण और विचार-शक्ति को बेच दिया जाए. परंतु हम यह अवश्य कहेंगे कि बहुत ही असाधारण अवस्थाओं को छोड़कर हमारे कार्य राष्ट्रीय महासभा के अधीन हों। व्यक्तिगत स्वतंत्रता बड़ी अच्छी चीज है - बड़ी अच्छी और अत्यंत ऊँची - परंतु राष्ट्र की स्वाधीनता प्राप्त करने के लिए उसे संकुचित कर देना एक ऐसा त्याग है, जिसकी समता नहीं हो सकती, जो सब त्यागों में श्रेष्ठ है। वर्तमान परिस्थितियों में यदि किसी त्याग से तुरंत सफलता मिल सकती है, तो वह यही त्याग है। हमें आशा ही नहीं बल्कि विश्वास है कि जिन उत्साही और त्यागी आत्माओं ने सच्चे हृदय से राष्ट्रीय आहान का उत्तर दिया है, वे इस त्याग को करने में भी समर्थ होंगे। राष्ट्रीय कार्यकर्ताओं में किस प्रकार का गुण होना चाहिए?

राष्ट्रीय कार्यकर्ताओं में व्यक्तिगत गुणों के अतिरिक्त संगठन में काम करने का गुण भी होना चाहिए। उनमें आज्ञापालन का भाव हो और वे अपने विकारों को राष्ट्रीय इच्छा की वेदी पर न्योछावर कर दें। जो काम हो वह संगठन के साथ। राष्ट्रीय महासभा की आकांक्षाओं का उल्लंघन कभी न किया जाए। यदि सत्य अंत:करण किसी भी तरह न माने तब भी राष्ट्रीय नेता की सम्मति अवश्य ही ले ली जाए। हम यह नहीं कह सकते कि अपने अंत:करण और विचार-शक्ति को बेच दिया जाए. परंतु हम यह अवश्य कहेंगे कि बहुत ही असाधारण अवस्थाओं को छोड़कर हमारे कार्य राष्ट्रीय महासभा के अधीन हों। व्यक्तिगत स्वतंत्रता बड़ी अच्छी चीज है - बड़ी अच्छी और अत्यंत ऊँची - परंतु राष्ट्र की स्वाधीनता प्राप्त करने के लिए उसे संकुचित कर देना एक ऐसा त्याग है, जिसकी समता नहीं हो सकती, जो सब त्यागों में श्रेष्ठ है। वर्तमान परिस्थितियों में यदि किसी त्याग से तुरंत सफलता मिल सकती है, तो वह यही त्याग है। हमें आशा ही नहीं बल्कि विश्वास है कि जिन उत्साही और त्यागी आत्माओं ने सच्चे हृदय से राष्ट्रीय आहान का उत्तर दिया है, वे इस त्याग को करने में भी समर्थ होंगे। इनमें से किस शब्द में अति उपसर्ग का प्रयोग किया गया है?

राष्ट्रीय कार्यकर्ताओं में व्यक्तिगत गुणों के अतिरिक्त संगठन में काम करने का गुण भी होना चाहिए। उनमें आज्ञापालन का भाव हो और वे अपने विकारों को राष्ट्रीय इच्छा की वेदी पर न्योछावर कर दें। जो काम हो वह संगठन के साथ। राष्ट्रीय महासभा की आकांक्षाओं का उल्लंघन कभी न किया जाए। यदि सत्य अंत:करण किसी भी तरह न माने तब भी राष्ट्रीय नेता की सम्मति अवश्य ही ले ली जाए। हम यह नहीं कह सकते कि अपने अंत:करण और विचार-शक्ति को बेच दिया जाए. परंतु हम यह अवश्य कहेंगे कि बहुत ही असाधारण अवस्थाओं को छोड़कर हमारे कार्य राष्ट्रीय महासभा के अधीन हों। व्यक्तिगत स्वतंत्रता बड़ी अच्छी चीज है - बड़ी अच्छी और अत्यंत ऊँची - परंतु राष्ट्र की स्वाधीनता प्राप्त करने के लिए उसे संकुचित कर देना एक ऐसा त्याग है, जिसकी समता नहीं हो सकती, जो सब त्यागों में श्रेष्ठ है। वर्तमान परिस्थितियों में यदि किसी त्याग से तुरंत सफलता मिल सकती है, तो वह यही त्याग है। हमें आशा ही नहीं बल्कि विश्वास है कि जिन उत्साही और त्यागी आत्माओं ने सच्चे हृदय से राष्ट्रीय आहान का उत्तर दिया है, वे इस त्याग को करने में भी समर्थ होंगे। राष्ट्रीय आह्वान का उत्तर किसने दिया है?

राष्ट्रीय कार्यकर्ताओं में व्यक्तिगत गुणों के अतिरिक्त संगठन में काम करने का गुण भी होना चाहिए। उनमें आज्ञापालन का भाव हो और वे अपने विकारों को राष्ट्रीय इच्छा की वेदी पर न्योछावर कर दें। जो काम हो वह संगठन के साथ। राष्ट्रीय महासभा की आकांक्षाओं का उल्लंघन कभी न किया जाए। यदि सत्य अंत:करण किसी भी तरह न माने तब भी राष्ट्रीय नेता की सम्मति अवश्य ही ले ली जाए। हम यह नहीं कह सकते कि अपने अंत:करण और विचार-शक्ति को बेच दिया जाए. परंतु हम यह अवश्य कहेंगे कि बहुत ही असाधारण अवस्थाओं को छोड़कर हमारे कार्य राष्ट्रीय महासभा के अधीन हों। व्यक्तिगत स्वतंत्रता बड़ी अच्छी चीज है - बड़ी अच्छी और अत्यंत ऊँची - परंतु राष्ट्र की स्वाधीनता प्राप्त करने के लिए उसे संकुचित कर देना एक ऐसा त्याग है, जिसकी समता नहीं हो सकती, जो सब त्यागों में श्रेष्ठ है। वर्तमान परिस्थितियों में यदि किसी त्याग से तुरंत सफलता मिल सकती है, तो वह यही त्याग है। हमें आशा ही नहीं बल्कि विश्वास है कि जिन उत्साही और त्यागी आत्माओं ने सच्चे हृदय से राष्ट्रीय आहान का उत्तर दिया है, वे इस त्याग को करने में भी समर्थ होंगे। 'श्रेष्ठ' शब्द का विलोम _______ है

राष्ट्रीय कार्यकर्ताओं में व्यक्तिगत गुणों के अतिरिक्त संगठन में काम करने का गुण भी होना चाहिए। उनमें आज्ञापालन का भाव हो और वे अपने विकारों को राष्ट्रीय इच्छा की वेदी पर न्योछावर कर दें। जो काम हो वह संगठन के साथ। राष्ट्रीय महासभा की आकांक्षाओं का उल्लंघन कभी न किया जाए। यदि सत्य अंत:करण किसी भी तरह न माने तब भी राष्ट्रीय नेता की सम्मति अवश्य ही ले ली जाए। हम यह नहीं कह सकते कि अपने अंत:करण और विचार-शक्ति को बेच दिया जाए. परंतु हम यह अवश्य कहेंगे कि बहुत ही असाधारण अवस्थाओं को छोड़कर हमारे कार्य राष्ट्रीय महासभा के अधीन हों। व्यक्तिगत स्वतंत्रता बड़ी अच्छी चीज है - बड़ी अच्छी और अत्यंत ऊँची - परंतु राष्ट्र की स्वाधीनता प्राप्त करने के लिए उसे संकुचित कर देना एक ऐसा त्याग है, जिसकी समता नहीं हो सकती, जो सब त्यागों में श्रेष्ठ है। वर्तमान परिस्थितियों में यदि किसी त्याग से तुरंत सफलता मिल सकती है, तो वह यही त्याग है। हमें आशा ही नहीं बल्कि विश्वास है कि जिन उत्साही और त्यागी आत्माओं ने सच्चे हृदय से राष्ट्रीय आहान का उत्तर दिया है, वे इस त्याग को करने में भी समर्थ होंगे। 'परिस्थिति' शब्द में किस उपसर्ग का प्रयोग किया गया है?

राष्ट्रीय कार्यकर्ताओं में व्यक्तिगत गुणों के अतिरिक्त संगठन में काम करने का गुण भी होना चाहिए। उनमें आज्ञापालन का भाव हो और वे अपने विकारों को राष्ट्रीय इच्छा की वेदी पर न्योछावर कर दें। जो काम हो वह संगठन के साथ। राष्ट्रीय महासभा की आकांक्षाओं का उल्लंघन कभी न किया जाए। यदि सत्य अंत:करण किसी भी तरह न माने तब भी राष्ट्रीय नेता की सम्मति अवश्य ही ले ली जाए। हम यह नहीं कह सकते कि अपने अंत:करण और विचार-शक्ति को बेच दिया जाए. परंतु हम यह अवश्य कहेंगे कि बहुत ही असाधारण अवस्थाओं को छोड़कर हमारे कार्य राष्ट्रीय महासभा के अधीन हों। व्यक्तिगत स्वतंत्रता बड़ी अच्छी चीज है - बड़ी अच्छी और अत्यंत ऊँची - परंतु राष्ट्र की स्वाधीनता प्राप्त करने के लिए उसे संकुचित कर देना एक ऐसा त्याग है, जिसकी समता नहीं हो सकती, जो सब त्यागों में श्रेष्ठ है। वर्तमान परिस्थितियों में यदि किसी त्याग से तुरंत सफलता मिल सकती है, तो वह यही त्याग है। हमें आशा ही नहीं बल्कि विश्वास है कि जिन उत्साही और त्यागी आत्माओं ने सच्चे हृदय से राष्ट्रीय आहान का उत्तर दिया है, वे इस त्याग को करने में भी समर्थ होंगे। इनमें से कौन-सा विकल्प 'समर्थ' का वर्णविच्छेद है?