Home
Class
DN_SHORTS
जलेबी देती है बहुत जरूरी शिक्षा । motiva...

जलेबी देती है बहुत जरूरी शिक्षा । motivation । inspiration । success । life lesson । #shorts

Promotional Banner

Similar Questions

Explore conceptually related problems

How the students should be motivated to get success in life?

गद्यांश को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प चुनिए। देखिए, यह सिर्फ सिद्धांत की बात नहीं है, यह तो हमारे अनुभवों और व्यवहार से भी दिखाई दे रही है। आज क्या स्थिति है? शिक्षा में हमने बहुत प्रगति की है। पहले बहुत कम स्कूल थे, अब हर गाँव में और हर मोहल्ले में स्कूल है। बहुत दूरस्थ इलाके में भी स्कूल खुल चुके हैं लेकिन उन स्कूलों में जो शिक्षा मिल रही है वह नाममात्र की शिक्षा मिल रही है। पाँचवी पास हो जाएंगे, छठी, आठवीं में बच्चा पहुँच जाएगा लेकिन उनकी लिखने, पढ़ने और हिसाब करने की योग्यता बहुत कमजोर है। यह क्यों हो रहा है? इसलिए हो रहा है कि इस देश में जितने पैसे वाले लोग हैं उन्होंने अपनी व्यवस्था अलग बना ली है और उनको अब इस बात की परवाह नहीं है कि सरकारी स्कूलों में पढ़ाई हो रही है या नहीं। कितने शिक्षक हैं, क्या व्यवस्था है, शिक्षक आता है या नहीं, ये सारी चीजे हैं जिनसे उनको कोई मतलब नहीं है। . शिक्षा में प्रगति हुई है, गद्यांश के अनुसार इसका प्रमाण है

नीचे दिए गए गद्यांश को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्न का सबसे उचित विकल्प चुनिए । देखिए, यह सिर्फ सिद्धांत की बात नहीं है, यह तो हमारे अनुभवोंऔर व्यवहार से भी दिखाई दे रही है। आज क्या स्थिति है? शिक्षा में हमने बहुत प्रगति की है। पहले बहुत कम स्कूल थे, अब हर गाँव में और हर मोहल्ले में स्कूल हैं। बहुत दूरस्थ इलाके में भी स्कूल खुल चुके हैं लेकिन उन स्कूलों में जो शिक्षा मिल रही है वह नाममात्र की शिक्षा मिल रही है। पाँचवीं पास हो जाएँगे, छठी, आठवीं में बच्चा पहुँच जाएगा लेकिन उनकी लिखने, पढ़ने और हिसाब करने की योग्यता बहुत कमजोर है। यह क्यों हो रहा है? इसलिए हो रहा है कि इस देश में जितने पैसे वाले लोग हैं, उन्होंने अपनी व्यवस्था अलग बना ली है और उनको अब इस बात की परवाह नहीं है कि सरकारी स्कूलों में पढ़ाई हो रही है या नहीं। कितने शिक्षक हैं, क्या व्यवस्था है, शिक्षक आता है या नहीं, ये सारी चीजे हैं, जिनसे उनको कोई मतलब नहीं है। 'शिक्षा में प्रगति हुई है, गद्यांश के अनुसार इसका प्रमाण है

नीचे दिए गए गद्यांश को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्न का सबसे उचित विकल्प चुनिए । देखिए, यह सिर्फ सिद्धांत की बात नहीं है, यह तो हमारे अनुभवोंऔर व्यवहार से भी दिखाई दे रही है। आज क्या स्थिति है? शिक्षा में हमने बहुत प्रगति की है। पहले बहुत कम स्कूल थे, अब हर गाँव में और हर मोहल्ले में स्कूल हैं। बहुत दूरस्थ इलाके में भी स्कूल खुल चुके हैं लेकिन उन स्कूलों में जो शिक्षा मिल रही है वह नाममात्र की शिक्षा मिल रही है। पाँचवीं पास हो जाएँगे, छठी, आठवीं में बच्चा पहुँच जाएगा लेकिन उनकी लिखने, पढ़ने और हिसाब करने की योग्यता बहुत कमजोर है। यह क्यों हो रहा है? इसलिए हो रहा है कि इस देश में जितने पैसे वाले लोग हैं, उन्होंने अपनी व्यवस्था अलग बना ली है और उनको अब इस बात की परवाह नहीं है कि सरकारी स्कूलों में पढ़ाई हो रही है या नहीं। कितने शिक्षक हैं, क्या व्यवस्था है, शिक्षक आता है या नहीं, ये सारी चीजे हैं, जिनसे उनको कोई मतलब नहीं है। दूरस्थ इलाकों में शिक्षा कैसी है?

गद्यांश को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प चुनिए। देखिए, यह सिर्फ सिद्धांत की बात नहीं है, यह तो हमारे अनुभवों और व्यवहार से भी दिखाई दे रही है। आज क्या स्थिति है? शिक्षा में हमने बहुत प्रगति की है। पहले बहुत कम स्कूल थे, अब हर गाँव में और हर मोहल्ले में स्कूल है। बहुत दूरस्थ इलाके में भी स्कूल खुल चुके हैं लेकिन उन स्कूलों में जो शिक्षा मिल रही है वह नाममात्र की शिक्षा मिल रही है। पाँचवी पास हो जाएंगे, छठी, आठवीं में बच्चा पहुँच जाएगा लेकिन उनकी लिखने, पढ़ने और हिसाब करने की योग्यता बहुत कमजोर है। यह क्यों हो रहा है? इसलिए हो रहा है कि इस देश में जितने पैसे वाले लोग हैं उन्होंने अपनी व्यवस्था अलग बना ली है और उनको अब इस बात की परवाह नहीं है कि सरकारी स्कूलों में पढ़ाई हो रही है या नहीं। कितने शिक्षक हैं, क्या व्यवस्था है, शिक्षक आता है या नहीं, ये सारी चीजे हैं जिनसे उनको कोई मतलब नहीं है। . गद्यांश के अनुसार बच्चों की बेहतर शिक्षा के लिए

गद्यांश को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प चुनिए। देखिए, यह सिर्फ सिद्धांत की बात नहीं है, यह तो हमारे अनुभवों और व्यवहार से भी दिखाई दे रही है। आज क्या स्थिति है? शिक्षा में हमने बहुत प्रगति की है। पहले बहुत कम स्कूल थे, अब हर गाँव में और हर मोहल्ले में स्कूल है। बहुत दूरस्थ इलाके में भी स्कूल खुल चुके हैं लेकिन उन स्कूलों में जो शिक्षा मिल रही है वह नाममात्र की शिक्षा मिल रही है। पाँचवी पास हो जाएंगे, छठी, आठवीं में बच्चा पहुँच जाएगा लेकिन उनकी लिखने, पढ़ने और हिसाब करने की योग्यता बहुत कमजोर है। यह क्यों हो रहा है? इसलिए हो रहा है कि इस देश में जितने पैसे वाले लोग हैं उन्होंने अपनी व्यवस्था अलग बना ली है और उनको अब इस बात की परवाह नहीं है कि सरकारी स्कूलों में पढ़ाई हो रही है या नहीं। कितने शिक्षक हैं, क्या व्यवस्था है, शिक्षक आता है या नहीं, ये सारी चीजे हैं जिनसे उनको कोई मतलब नहीं है। . 'शिक्षा' में 'इक' प्रत्यय लगने पर शब्द बनेगा

नीचे दिए गए गद्यांश को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्न का सबसे उचित विकल्प चुनिए । देखिए, यह सिर्फ सिद्धांत की बात नहीं है, यह तो हमारे अनुभवोंऔर व्यवहार से भी दिखाई दे रही है। आज क्या स्थिति है? शिक्षा में हमने बहुत प्रगति की है। पहले बहुत कम स्कूल थे, अब हर गाँव में और हर मोहल्ले में स्कूल हैं। बहुत दूरस्थ इलाके में भी स्कूल खुल चुके हैं लेकिन उन स्कूलों में जो शिक्षा मिल रही है वह नाममात्र की शिक्षा मिल रही है। पाँचवीं पास हो जाएँगे, छठी, आठवीं में बच्चा पहुँच जाएगा लेकिन उनकी लिखने, पढ़ने और हिसाब करने की योग्यता बहुत कमजोर है। यह क्यों हो रहा है? इसलिए हो रहा है कि इस देश में जितने पैसे वाले लोग हैं, उन्होंने अपनी व्यवस्था अलग बना ली है और उनको अब इस बात की परवाह नहीं है कि सरकारी स्कूलों में पढ़ाई हो रही है या नहीं। कितने शिक्षक हैं, क्या व्यवस्था है, शिक्षक आता है या नहीं, ये सारी चीजे हैं, जिनसे उनको कोई मतलब नहीं है। गद्यांश के अनुसार बच्चों की बेहतर शिक्षा के लिए

गद्यांश को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प चुनिए। देखिए, यह सिर्फ सिद्धांत की बात नहीं है, यह तो हमारे अनुभवों और व्यवहार से भी दिखाई दे रही है। आज क्या स्थिति है? शिक्षा में हमने बहुत प्रगति की है। पहले बहुत कम स्कूल थे, अब हर गाँव में और हर मोहल्ले में स्कूल है। बहुत दूरस्थ इलाके में भी स्कूल खुल चुके हैं लेकिन उन स्कूलों में जो शिक्षा मिल रही है वह नाममात्र की शिक्षा मिल रही है। पाँचवी पास हो जाएंगे, छठी, आठवीं में बच्चा पहुँच जाएगा लेकिन उनकी लिखने, पढ़ने और हिसाब करने की योग्यता बहुत कमजोर है। यह क्यों हो रहा है? इसलिए हो रहा है कि इस देश में जितने पैसे वाले लोग हैं उन्होंने अपनी व्यवस्था अलग बना ली है और उनको अब इस बात की परवाह नहीं है कि सरकारी स्कूलों में पढ़ाई हो रही है या नहीं। कितने शिक्षक हैं, क्या व्यवस्था है, शिक्षक आता है या नहीं, ये सारी चीजे हैं जिनसे उनको कोई मतलब नहीं है। . दूरस्थ इलाकों में

गद्यांश को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प चुनिए। देखिए, यह सिर्फ सिद्धांत की बात नहीं है, यह तो हमारे अनुभवों और व्यवहार से भी दिखाई दे रही है। आज क्या स्थिति है? शिक्षा में हमने बहुत प्रगति की है। पहले बहुत कम स्कूल थे, अब हर गाँव में और हर मोहल्ले में स्कूल है। बहुत दूरस्थ इलाके में भी स्कूल खुल चुके हैं लेकिन उन स्कूलों में जो शिक्षा मिल रही है वह नाममात्र की शिक्षा मिल रही है। पाँचवी पास हो जाएंगे, छठी, आठवीं में बच्चा पहुँच जाएगा लेकिन उनकी लिखने, पढ़ने और हिसाब करने की योग्यता बहुत कमजोर है। यह क्यों हो रहा है? इसलिए हो रहा है कि इस देश में जितने पैसे वाले लोग हैं उन्होंने अपनी व्यवस्था अलग बना ली है और उनको अब इस बात की परवाह नहीं है कि सरकारी स्कूलों में पढ़ाई हो रही है या नहीं। कितने शिक्षक हैं, क्या व्यवस्था है, शिक्षक आता है या नहीं, ये सारी चीजे हैं जिनसे उनको कोई मतलब नहीं है। . 'प्रगति' में कौन-सा प्रत्यय लगेगा?