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पृथ्वी पर दिन और रात क्यों होते हैं / #g...

पृथ्वी पर दिन और रात क्यों होते हैं / #gk / #gs / #upsc / #ssc / #ias / #ips / #pcs / #shorts

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A and B together can do a piece of work in 12 days which B and C together can do in 16 days. After A has been working at it for 5 days and B for 7 days, C finishes it in 13 days. In how many days B could finish the work? A और B मिलकर एक काम 12 दिन में कर सकते हैं जसे B और C मिलकर 16 दिन में कर सकते हैं। A द्वारा उस पर 5 दिन और B द्वारा 7 दिन करने के बाद C ने उसे 13 दिन में पूरा कर दिया। B उस काम को कितने दिन में पूरा कर सकता था? Options are (a) 48 day/ 48 दिन (b)24 day/ 24 दिन (c)16 day/ 16 दिन (d)12 day/ 12 दिन

Two tangents AP and AQ are drawn to a circle with centre O from an external point A, where P and Q are points on the circle. If the angle PAQ = 70^@ , then the angle AOP is equal to: दो स्पर्शरेखा AP और AQ एक बाहरी बिंदु A से केंद्र O के साथ एक वृत्त में खींची जाती हैं, जहां P और Q वृत्त पर बिंदु होते हैं। यदि angle PAQ = 70^@ , तो angle AOP का मान है:

Alloy A contains metal x and y only in the ratio 5 : 2 and alloy B contains these metal in the ratio 3 : 4. Alloy C is prepared by mixing A and B in the ratio 4 : 5. The percentage of x in alloy C is: मिश्र धातु A में धातु x और y केवल 5: 2 के अनुपात में होते हैं और मिश्र धातु B में ये धातु 3: 4 के अनुपात में होते है। मिश्र धातु C में A और B को 4 : 5 में मिश्रण करके तैयार की जाती है। मिश्रधातु C में x का प्रतिशत है:

A temple has five bells which ring at intervals of 12, 15,16, 20 and 25 minutes respectively. If they ring together at midnight, then at what time next will they ring together? एक मंदिर में 5 घंटियाँ हैं जो क्रमशः 12, 15, 16, 20 और 25 मिनट के अंतराल पर बजती हैं | यदि वे आधी रात में एक साथ बजती हैं, तो अगली बार वे किस समय एक साथ बजेंगी ?

मेरे मकान के आगे 'चौराहे पर ढाबे के आगे फुटपाथ पर खाना खाने वाले लोग बैठते हैं-रिक्शेवाले, मजदूर, फेरीवाले, कबाड़ी वाले...! आना-जाना लगा ही रहता है। लोग कहते हैं "आपको बुरा नहीं लगता? लोग सड़क पर गन्दा फैला रहे हैं और आप इन्हें बरदाश्त कर रहे है? इनके कारण पूरे मोहल्ले की आबोहवा खराब हो रही है।" मैं उनकी बातों को हल्के में ही लेता हूँ। मुझे पता है कि यहाँ जो लोग जुटते है वे गरीब लोग होते हैं। अपने काम-धाम के बीच रोटी खाने चले आते हैं और खाकर चले जाते हैं। ये आमतौर पर बिहार से आए गरीब ईमानदार लोग हैं जो हमारे इस परिसर के स्थायी सदस्य हो गए हैं। ये उन अशिष्ट अमीरों से भिन्न है, जो साधारण-सी बात पर भी हंगामा खड़ा कर देते हैं। लोगों के पास पैसा तो आ गया पर धनी होने का शऊर नहीं आया। अधजल गगरी छलकत जाए की तर्ज पर इनमें दिखावे की भावना उबाल खाती है। असल में यह दावा हमें भी अपने माहौल से जोड़ता है। मैं लेखक हूँ तो क्या हुआ? गांव के एक सामान्य घर से आया हुआ व्यक्ति हूँ। बचपन में गाँव-घरों की गरीबी देखी है और भोगी भी है। खेतों की मिट्टी में रमा हूँ, वह मुझमें रमी है। आज भी उस मिट्टी को झाडझूड़ कर भले ही शहरी बनने की कोशिश करता हूँ, बन नहीं पाता। वह मिट्टी बाहर से चाहे न दिखाई दे, अपनी महक और रसमयता से वह मेरे भीतर बसी हुई है। इसीलिए मुझे मिट्टी से जुड़े ये तमाम लोग भाते हैं। इस दुनिया में कहा-सुनी होती है, हाथापाई भी हो जाती है लेकिन कोई किसी के प्रति गाँठ नहीं बाँधता। दूसरे-तीसरे ही दिन परस्पर हँसते-बत्तियाते और एक-दूसरे के दुख-दर्द में शामिल होते दिखाई पड़ते हैं। ये सभी कभी-न-कभी एक-दूसरे से लड़ चुके हैं लेकिन कभी इसकी प्रतीति नहीं होती कि ये लड़ चुके हैं। कल के गुस्से को अगले दिन धूल को तरह झाड़कर फेंक देते हैं। 'गाँठ बाँधना' का अर्थ है