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फल नहीं देता तो छांव तो देता है । पेड़ ब...

फल नहीं देता तो छांव तो देता है । पेड़ बचाओ, जिंदगी बचाओ । save trees, save humanity । #shorts

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A man spends a part of his monthly income and saves the rest. The ratio of his expenditure to the saving is 61: 6. If his monthly income is t 8710, the amount of his monthly savings is/एक व्यक्ति अपनी मासिक आय का कुछ भाग खर्च करता है और बाकी की बचत करता है। उसके व्यय और बचत का अनुपात 61:6 है। यदि उसकी मासिक आय ₹ 8710 हो, तो उसकी मासिक बचत की राशि कितनी है ?

A buys a water cooler at some price and sells it to B at 20% profit. B sells it to C at a 10% profit. If C bought it at Rs. 6666, then Find the cost price for B. A एक वाटर कूलर कुछ मूल्य पर खरीदता है और उसे 20% लाभ पर B को बेच देता है | B इसे 10% लाभ पर C को बेच देता है | यदि C ने उसे रु 6666 में खरीदा, तो B का लागत मूल्य है-

शिक्षा आज दुविधा के अजब दोराहे पर खड़ी है। एक रास्ता चकाचौंध का है, मृगतृष्णा का है। बाजार की मृगतृष्णा शिक्षार्थी को - लोभ-लालच देकर अपनी तरफ दौड़ाते रहने को विवश करने को उतारू खड़ी है। बाजार के इनललचाने वाले रास्तों पर आकर्षण है, चकाचौंध है और सम्मोहित कर देने वाले सपने हैं। दूसरी तरफ शिक्षा का साधना मार्ग है जो शांति दे सकता है, संतोष दे सकता है और हमारे आत्मतत्त्व को प्रबल करता हुआ विमल विवेक दे सकता है। निश्चित ही वह मार्ग श्रेयस्कर है, मगर अपनी ओर आकर्षित करने वाले बाजार का मार्ग प्रेयस्कर है। इस दोराहे पर खड़ा शिक्षार्थी बाजार को चुन लेता है। लाखों-करोड़ों लोग आज इसी रास्ते के लालच में आ गए हैं और शिक्षा के भंवरजाल में फंस गए हैं। बाजार की खूबी यही है कि वह-फंसने का अहसास किसी को नहीं होने देता और मनुष्य लगातार फंसता चला जाता है। किसी को यह महसूस नहीं होता कि वह दलदल में हैं बल्कि महसूस यह होता है कि बाजार द्वारा दिए गए पैकेज के कारण वह सुखी है। अब यह अलग बात है कि सच्चा सुख क्या है? और सुख का भ्रम क्या है? जरूरत विचार करने की है। सवाल यह है कि बाजार विचार करने का भी अवकाश देता है या कि नहीं। ''दूसरी तरफ शिक्षा का साधना मार्ग है"- तो पहली तरफ क्या है?