भगवान महावीर की मृत्यु कब हुई थी / #lordmahavir / #upsc / #ssc / #ssccgl / #gk / #gs / #shorts
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गद्यांश को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प को चुनिए। प्रत्येक प्रभात सुंदर चीजें लेकर उपस्थित होता है, पर यदि हमने कल तथा परसों के प्रभात की कृपा से लाभ नहीं उठाया तो आज के प्रभात से लाभ उठाने की हमारी शक्ति क्षीण होती जाएगी, और यही गति रही तो फिर हम उस शक्ति को बिल्कुल ही गँवा बैठेंगे। किसी विद्वान् ने ठीक ही कहा है कि खोई हुई सम्पत्ति कमखर्ची और परिश्रम से प्राप्त की जा सकती है, भूला हुआ ज्ञान अध्ययन से प्राप्त हो सकता है, गँवाया हुआ स्वास्थ्य दवा और संयम से लौटाया जा सकता है परन्तु नष्ट किया हुआ समय सदा के लिए चला जाता है। वह बस स्मृति की एक चीज हो जाता है और अतीत की एक छाया मात्र रह जाता है। ग्लेडस्टन सरीखा प्रतिभाशाली व्यक्ति अपनी जेब में एक __ छोटी-सी पुस्तक हमेशा लेकर निकलता था। उन्हें चिन्ता रहती थी किकहीं कोई घड़ी व्यर्थ न चली जाए। तब हम जैसे साधारण मनुष्यों को अपने अमूल्य समय को नष्ट होने से बचाने के लिए क्या नहीं करना चाहिए? प्रतिभावान् पुरुष समय के छोटे-छोटे टुकड़ों को बचाकर महान हो जाते हैं और अपनी असफलता पर आश्चर्य करने वाले उन्हें यों ही उड़ जाने देते हैं। उन्हें जीवन-भर कभी समय का मूल्य मालूम __ ही नहीं हो पाता। समय का लाभ उठाने की शक्ति कब क्षीण हो जाती है?
दिए गए पद्यांश को ध्यान से पढ़िए और उसके आधार पर पूछे गए प्रश्न का यथोचित उत्तर दीजिए। पद्यांश 8 अन्धकार की गुहा सरीखी उन आँखों से डरता है मन भरा दूर तक उनमें दारुण दैन्य दुःख का नीरव रोदन। वह स्वाधीन किसान रहा अभिमान भरा आँखों में इस का छोड़ उसे मँझधार आज संसार कगार सदृश बह खिसका। लहराते वे खेत दृगों में हुआ बेदखत वह अब जिन से हँसती थी उसके जीवन की हरियाली जिनके तृन-तृन से। आँखों ही में घूमा करता वह उसकी आँखों का तारा कारकुनों की लाठी से जो गया जवानी ही में मारा। बिना दवादर्पन के घरनी स्वरग चली आँखें आती भर देख-रेख के बिना दुधमुँही बिटिया दो दिन बाद गई मर। किसान के बेटे की मृत्यु कैसे हुई?
The Atomic Energy Commission was set up in :/परमाणु ऊर्जा आयोग की स्थापना कब हुई थी?