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लोहे का टुकड़ा भी नुकीला चाकू बन जाता है...

लोहे का टुकड़ा भी नुकीला चाकू बन जाता है । motivational video । inspiration । life lesson । #shorts

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In a circle with centre O, AB is the diameter and CD is a chord such that ABCD is a trapezium. If angle BAC=18^@ , then angle CAD is equal to: केंद्र O वाले एक वृत्त में, AB व्यास है तथा एक ऐसी जीवा है कि ABCD एक समलम्ब बन जाता है | यदि angle BAC=18^@ है, तो angle CAD का मान ज्ञात करें |

In a circle with centre O, AB is the diameter and CD is a chord such that ABCD is a trapezium. If angle BAC = 25^@ , then angle CAD is equal to: केंद्र O वाले एक वृत्त में, AB व्यास है तथा CD एक ऐसी जीवा है कि ABCD एक समलम्ब बन जाता है | यदि angle BAC = 25^@ है, तो angle CAD का मान ज्ञात करें |

In a circle with centre O, AB is the diameter and CD is a chord such that ABCD is a trapezium. If angle BAC = 24^@ , then angle CAD is equal to: केंद्र O वाले एक वृत्त में, AB व्यास है तथा CD एक ऐसी जीवा है कि ABCD एक समलम्ब बन जाता है | यदि angle BAC = 24^@ है, तो angle CAD का मान ज्ञात करें |

स्त्री को सौंदर्य का प्रतिमान बना दिया जाना ही उसका बंधन बन जाता है।' - इस विषय पर कक्षा में चर्चा कीजिए। भाषा की पाठ्य-पुस्तक में इस प्रश्न को स्थान देने का क्या औचित्य है ?

A piece of paper is folded and cut as shown below in the question figures. Select from the given answer figures.how it will appear when unfolded. कागज का एक टुकड़ा मुड़ा और कट जाता है जैसा कि नीचे दिए गए प्रश्न के आंकड़ों में दिखाया गया है। दिए गए उत्तर आकृति से चयन करें, सामने आने पर यह कैसे दिखाई देगा।

A piece of paper is folded and cut as shown below in the question figures. Select from the given answer figures.how it will appear when unfolded. कागज का एक टुकड़ा मुड़ा और कट जाता है जैसा कि नीचे दिए गए प्रश्न के आंकड़ों में दिखाया गया है। दिए गए उत्तर आकृति से चयन करें, सामने आने पर यह कैसे दिखाई देगा।

जीवन में बहुत अंधकार है और अंधकार की ही भांति अशुभ और अनीति है। कुछ लोग इस अंधकार को स्वीकार कर लेते हैं और तब उनके भीतर जो प्रकाश तक पहुँचने और पाने की आकांक्षा थी, वह । क्रमशः क्षीण होती जाती है। मैं अंधकार को इस स्वीकृति को मनुष्यों ही का सबसे बड़ा पाप कहता हूँ। यह मनुष्य का स्वयं अपने प्रति किया । गया अपराध है। उसके दूसरों के प्रति किए गए अपराधों का जन्म इस मूल पाप से ही होता है। यह समर्पण रहे कि जो व्यक्ति अपने ही प्रति इस पाप को नहीं करता है, वह किसी के भी प्रति कोई पाप न नहीं कर.सकता है। किन्तु कुछ लोग अंधकार के स्वीकार से बचने । के लिए उसके अस्वीकार में लग जाते हैं। उनका जीवन अंधकार के निषेध का ही सतत उपक्रम बन जाता है। 'अंधकार का निषेध' किस ओर संकेत करता है?