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नील आर्मस्ट्रोंग चाँद

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प्रकाश संश्लेषण अभिक्रिया|वैन नील प्रस्तावना का Proof|प्रकाश संश्लेषण तथा वर्ण|हरितलवक|OMR

एक ही दीया, स्नेह से भरा, प्रेम का प्रकाश, प्रेम से धरा, झिलमिला हवा को तिलमिला रहा ज्योति का निशान जो हिला रहा मुस्करा रहा है अंधकार पर। यह मजार है किसी शहीद का, दर्शनीय था जो चाँद ईद का, देश का सपूत था, गुमान था सत्य का स्वरूप नौजवान था जो चला किया सदा दुधार पर। 'दर्शनीय' शब्द में प्रत्यय है

एक ही दीया, स्नेह से भरा, प्रेम का प्रकाश, प्रेम से धरा, झिलमिला हवा को तिलमिला रहा ज्योति का निशान जो हिला रहा मुस्करा रहा है अंधकार पर। यह मजार है किसी शहीद का, दर्शनीय था जो चाँद ईद का, देश का सपूत था, गुमान था सत्य का स्वरूप नौजवान था जो चला किया सदा दुधार पर। 'हवा' का पर्यायवाची शब्द नहीं है

निर्देशः कविता को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प का चयन कीजिए। एक ही दीया, स्नेह से भरा, प्रेम का प्रकाश, प्रेम से धरा, झिलमिला हवा को तिलमिला रहा ज्योति का निशान जो हिला रहा मुस्करा रहा है अंधकार पर। यह मजार है किसी शहीद का, दर्शनीय था जो चाँद ईद का, देश का सपूत था, गुमान था सत्य का स्वरूप नौजवान था जो चला किया सदा दुधार पर। हवा क्यों तिलमिला रही है ?

निर्देशः कविता को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प का चयन कीजिए। एक ही दीया, स्नेह से भरा, प्रेम का प्रकाश, प्रेम से धरा, झिलमिला हवा को तिलमिला रहा ज्योति का निशान जो हिला रहा मुस्करा रहा है अंधकार पर। यह मजार है किसी शहीद का, दर्शनीय था जो चाँद ईद का, देश का सपूत था, गुमान था सत्य का स्वरूप नौजवान था जो चला किया सदा दुधार पर। शहीद की कौन-सी विशेषता बताई गई है ?

निर्देशः कविता को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प का चयन कीजिए। एक ही दीया, स्नेह से भरा, प्रेम का प्रकाश, प्रेम से धरा, झिलमिला हवा को तिलमिला रहा ज्योति का निशान जो हिला रहा मुस्करा रहा है अंधकार पर। यह मजार है किसी शहीद का, दर्शनीय था जो चाँद ईद का, देश का सपूत था, गुमान था सत्य का स्वरूप नौजवान था जो चला किया सदा दुधार पर। कविता में 'अंधकार' शब्द से आशय है-

कविता को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प का चयन कीजिए। एक ही दीया, स्नेह से भरा, प्रेम का प्रकाश, प्रेम से धरा, झिलमिला हवा को तिलमिला रहा ज्योति का निशान जो हिला रहा मुस्करा रहा है अंधकार पर। यह मजार है किसी शहीद का, दर्शनीय था जो चाँद ईद का, देश का सपूत था, गुमान था सत्य का स्वरूप नौजवान था जो चला किया सदा दुधार पर। हवा क्यों तिलमिला रही है?