हमारे यहाँ ऐसा ही होता हे | FinShorts#132
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दिए गए पद्यांश को ध्यान से पढ़िए और उसके आधार पर पूछे गए प्रश्न का यथोचित उत्तर दीजिए। पद्यांश 14 साक्षी है इतिहास हमी पहले जागे है जाग्रत सब हो रहे हमारे ही आगे हैं। शत्रु हमारे कहाँ नहीं भय से भागे हैं? कायरता से कहाँ प्राण हमने त्यागे हैं। हैं हमीं प्रकम्पित कर चुके, सुरपति तक का भी हृदया फिर एक बार हे विश्व तुम, गाओ भारत की विजय ।। कहाँ प्रकाशित नहीं रहा है तेज हमारा दलित कर चुके शत्रु सदा हम पैरों द्वारा। बताओ तुम कौन नहीं जो हमसे हारा पर शरणागत हुआ कहाँ, कब हमें न प्यारा बस युद्ध मात्र को छोड़कर, कहाँ नहीं हैं हम सदय फिर एक बार हे विश्व! तुम गाओ भारत की विजय 'हैं हमीं प्रकम्पित कर चुके, सुरपति तक का हृदय' से हमारी किस विशेषता का बोध होता है?
दिए गए पद्यांश को ध्यान से पढ़िए और उसके आधार पर पूछे गए प्रश्न का यथोचित उत्तर दीजिए। पद्यांश 14 साक्षी है इतिहास हमी पहले जागे है जाग्रत सब हो रहे हमारे ही आगे हैं। शत्रु हमारे कहाँ नहीं भय से भागे हैं? कायरता से कहाँ प्राण हमने त्यागे हैं। हैं हमीं प्रकम्पित कर चुके, सुरपति तक का भी हृदया फिर एक बार हे विश्व तुम, गाओ भारत की विजय ।। कहाँ प्रकाशित नहीं रहा है तेज हमारा दलित कर चुके शत्रु सदा हम पैरों द्वारा। बताओ तुम कौन नहीं जो हमसे हारा पर शरणागत हुआ कहाँ, कब हमें न प्यारा बस युद्ध मात्र को छोड़कर, कहाँ नहीं हैं हम सदय फिर एक बार हे विश्व! तुम गाओ भारत की विजय 'हमारे आगे सबका जाग्रत होना' का भाव है
दिए गए पद्यांश को ध्यान से पढ़िए और उसके आधार पर पूछे गए प्रश्न का यथोचित उत्तर दीजिए। पद्यांश 14 साक्षी है इतिहास हमी पहले जागे है जाग्रत सब हो रहे हमारे ही आगे हैं। शत्रु हमारे कहाँ नहीं भय से भागे हैं? कायरता से कहाँ प्राण हमने त्यागे हैं। हैं हमीं प्रकम्पित कर चुके, सुरपति तक का भी हृदया फिर एक बार हे विश्व तुम, गाओ भारत की विजय ।। कहाँ प्रकाशित नहीं रहा है तेज हमारा दलित कर चुके शत्रु सदा हम पैरों द्वारा। बताओ तुम कौन नहीं जो हमसे हारा पर शरणागत हुआ कहाँ, कब हमें न प्यारा बस युद्ध मात्र को छोड़कर, कहाँ नहीं हैं हम सदय फिर एक बार हे विश्व! तुम गाओ भारत की विजय 'पहले जागे हैं' का भाव है