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Redbull पर Case क्यों हुआ़ था | Why was...

Redbull पर Case क्यों हुआ़ था | Why was Redbull Sued? | FactStar

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Pushyabhuti Dynasty(पुष्यभूति राजवंश)|Why Was Kannauj So Important?(कन्नौज इतना महत्वपूर्ण क्यों था?)|Tripartite Struggle For Kannauj(कन्नौज के लिए त्रिपक्षीय संघर्ष)|Sangam Age(संगम युग)|OMR|Summary

Why Was Kannauj So Important?(कन्नौज इतना महत्वपूर्ण क्यों था?)|Pushyabhuti Dynasty(पुष्यभूति राजवंश)|Tripartite Struggle For Kannauj(कन्नौज के लिए त्रिपक्षीय संघर्ष)|OMR|Sangam Age(संगम युग)|Summary

माँ : रमेश, मीना क्यों रो रही है? रमेशः मैंने चाँटा मारा, था। मुझे पढ़ने नहीं दे रही थी। माँ लेकिन तुम इस समय क्यों पढ़ रहे हो? यह भी कोई पढ़ने का समया है? क्या आजकल पढ़ाई चौबीसों घंटे की हो गई? दिमाग है * या मशीन? और क्या पढ़ने के लिए बहन को पीटना जरूरी है? रमेश: माँ, पढूँगा नहीं तो कक्षा में अव्वल कैसे आउँगा? मुझे तो फर्स्ट आना है। तुम भी तो यही कहती थी। माँ : हाँ, कहती थी, पर तुम? हर वक्त खेल-खेल-खेल। फर्स्ट आना था तो शुरू से पढ़ा-होता। अब जब परीक्षाएँ सर पर आ गईं तो रटने बैठे हो! तुम क्या समझते हो कि ऐसे रटने से अव्वल आ जाओंगे? अरे! पढ़ना थोड़ी देर का ही काफी होता है अगर नियम से मन लगाकर पढ़ा जाए। रमेश-: अब रहने-दो माँ। मैं आज खेलने भी नहीं जाउँगा। कोई आए तो मना कर देना। अब मुझे पढ़ने दो - "अकबर का जन्म... अकबर का जन्म... अमरकोट में हुआ था... अमरकोट में....'' माँ : अकबर का जन्म जहाँ भी हुआ हो, तुम्हारा जन्म यही हुआ है और मैं तुम्हें रटू तोता नहीं बनने दूंगी। पढ़ने के समय पढ़ना और खेलने के समय खेलना अच्छा होता है। अकबर का जन्म कहाँ हुआ था?

माँ : रमेश, मीना क्यों रो रही है? रमेशः मैंने चाँटा मारा, था। मुझे पढ़ने नहीं दे रही थी। माँ लेकिन तुम इस समय क्यों पढ़ रहे हो? यह भी कोई पढ़ने का समया है? क्या आजकल पढ़ाई चौबीसों घंटे की हो गई? दिमाग है * या मशीन? और क्या पढ़ने के लिए बहन को पीटना जरूरी है? रमेश: माँ, पढूँगा नहीं तो कक्षा में अव्वल कैसे आउँगा? मुझे तो फर्स्ट आना है। तुम भी तो यही कहती थी। माँ : हाँ, कहती थी, पर तुम? हर वक्त खेल-खेल-खेल। फर्स्ट आना था तो शुरू से पढ़ा-होता। अब जब परीक्षाएँ सर पर आ गईं तो रटने बैठे हो! तुम क्या समझते हो कि ऐसे रटने से अव्वल आ जाओंगे? अरे! पढ़ना थोड़ी देर का ही काफी होता है अगर नियम से मन लगाकर पढ़ा जाए। रमेश-: अब रहने-दो माँ। मैं आज खेलने भी नहीं जाउँगा। कोई आए तो मना कर देना। अब मुझे पढ़ने दो - "अकबर का जन्म... अकबर का जन्म... अमरकोट में हुआ था... अमरकोट में....'' माँ : अकबर का जन्म जहाँ भी हुआ हो, तुम्हारा जन्म यही हुआ है और मैं तुम्हें रटू तोता नहीं बनने दूंगी। पढ़ने के समय पढ़ना और खेलने के समय खेलना अच्छा होता है। 'पर तुम?' का भाव है

माँ : रमेश, मीना क्यों रो रही है? रमेशः मैंने चाँटा मारा, था। मुझे पढ़ने नहीं दे रही थी। माँ लेकिन तुम इस समय क्यों पढ़ रहे हो? यह भी कोई पढ़ने का समया है? क्या आजकल पढ़ाई चौबीसों घंटे की हो गई? दिमाग है * या मशीन? और क्या पढ़ने के लिए बहन को पीटना जरूरी है? रमेश: माँ, पढूँगा नहीं तो कक्षा में अव्वल कैसे आउँगा? मुझे तो फर्स्ट आना है। तुम भी तो यही कहती थी। माँ : हाँ, कहती थी, पर तुम? हर वक्त खेल-खेल-खेल। फर्स्ट आना था तो शुरू से पढ़ा-होता। अब जब परीक्षाएँ सर पर आ गईं तो रटने बैठे हो! तुम क्या समझते हो कि ऐसे रटने से अव्वल आ जाओंगे? अरे! पढ़ना थोड़ी देर का ही काफी होता है अगर नियम से मन लगाकर पढ़ा जाए। रमेश-: अब रहने-दो माँ। मैं आज खेलने भी नहीं जाउँगा। कोई आए तो मना कर देना। अब मुझे पढ़ने दो - "अकबर का जन्म... अकबर का जन्म... अमरकोट में हुआ था... अमरकोट में....'' माँ : अकबर का जन्म जहाँ भी हुआ हो, तुम्हारा जन्म यही हुआ है और मैं तुम्हें रटू तोता नहीं बनने दूंगी। पढ़ने के समय पढ़ना और खेलने के समय खेलना अच्छा होता है। मीना और रमेश हैं, परस्पर