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बिना तकलीफ के सफलता नहीं मिलती Best Motivational Video In Hindi By Mahendra Dogney #shorts

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There are five classes: class 1, class 2, class 3, class 4 and class 5 in a school. They are one above the other. Class 1 is at the bottom, then class 2 above it and so on. Five videos M1, M2, M3, M4 and M5 are displayed in these given classes. Only one video is displayed in a particular class. Each video is displayed only one time. Video M5 is displayed at a even numbered class. Video M2 is displayed at class 1. Video M1 is displayed at the class just below M5. Video M4 is not displayed at even numbered class. एक स्कूल में पाँच कक्षाएं हैं: कक्षा 1, कक्षा 2, कक्षा 3, कक्षा 4 और कक्षा 5। वे एक के ऊपर एक हैं। कक्षा | सबसे नीचे है, फिर कक्षा 2 इसके ऊपर और इसी तरह ऊपर। इन दिए गए वर्गों में पांच वीडियो M 1, M 2, M 3, M 4 और M 5 प्रदर्शित किए गए हैं। केवल एक वीडियो एक विशेष वर्ग में प्रदर्शित होता है। प्रत्येक वीडियो को केवल एक बार प्रदर्शित किया जाता है। वीडियो M5 को एक सम संख्या वाले वर्ग में प्रदर्शित किया जाता है। वीडियो M2 को कक्षा 1 में प्रदर्शित किया गया है। वीडियो M1 को M5 के ठीक नीचे की कक्षा में प्रदर्शित किया गया है। वीडियो M4 को किसी भी सम संख्या वाले में प्रदर्शित नहीं किया गया है। Which of the following statement is not correct? / निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही नहीं है?

निर्देश :निम्नलिखित गद्यांश के आधार पर प्रश्नों के सही विकल्प चुनिये मैने 'अतिथि' शब्द के समानान्तर एक दूसरा शब्द गढ़ा है 'असमय। अतिथि का अर्थ है जिसकी आने की तिथि न हो अर्थात् आने का दिन निश्चित न हो, मतलब कि जो बिना पूर्व सूचना के अकस्मात् टपक पड़े। ठीक उसी तरह 'असमय' का अर्थ कीजिए कि जिसका समय न हो जब चाहे आ जाए और आने में ही नहीं जाने में भी “असमय' हो। तात्पर्य की कब तक रहेगा, कब जाएगा इसका कोई ठिकना नहीं। मैं 'अतिथियों से नहीं घबराता पर 'असमय' से जरूर काँपता हूँ, कारण है कि मै कामकाजी आदमी हैं।' इस युग में कौन काम-काजी नहीं है। जिसको देखिए वही अस्त-व्यस्तता के मारे परेशान है। आजकल बड़प्पन देखने के कई साधन हैं, उनमें एक यह कहना भी कि 'क्या बताऊँ साहब, खाना खाने तक की फुरसत नहीं मिलती, नींद और चैन हराम है।' बात बहुत गलत हो, ऐसा नहीं। जिसको देखिए, चेहरे पर हवाइयां उड़ रही हैं, नाक की सीध में दौड़ा जा रहा है। जिधर नजर डालिये उधर ही भाग-दौड़। आदमी ने मशीनें इजाद की आराम के लिए मगर मकड़े की तरह वह उन मशीनों में ही उलझकर अपनी आजादी खो बैठा, अपनी आदमियता खो बैठा। बाल-बच्चों के बीच भी दस मिनट इत्मीनान से बैठने का, दिल बहलाने का समय नहीं मिलता। क्या बताऊँ साहब, खाना खाने तक की फुरसत नहीं मिलती, नींद और चैन हराम है" इस वाक्य को लेखक ने माना है

निर्देश :निम्नलिखित गद्यांश के आधार पर प्रश्नों के सही विकल्प चुनिये मैने 'अतिथि' शब्द के समानान्तर एक दूसरा शब्द गढ़ा है 'असमय। अतिथि का अर्थ है जिसकी आने की तिथि न हो अर्थात् आने का दिन निश्चित न हो, मतलब कि जो बिना पूर्व सूचना के अकस्मात् टपक पड़े। ठीक उसी तरह 'असमय' का अर्थ कीजिए कि जिसका समय न हो जब चाहे आ जाए और आने में ही नहीं जाने में भी “असमय' हो। तात्पर्य की कब तक रहेगा, कब जाएगा इसका कोई ठिकना नहीं। मैं 'अतिथियों से नहीं घबराता पर 'असमय' से जरूर काँपता हूँ, कारण है कि मै कामकाजी आदमी हैं।' इस युग में कौन काम-काजी नहीं है। जिसको देखिए वही अस्त-व्यस्तता के मारे परेशान है। आजकल बड़प्पन देखने के कई साधन हैं, उनमें एक यह कहना भी कि 'क्या बताऊँ साहब, खाना खाने तक की फुरसत नहीं मिलती, नींद और चैन हराम है।' बात बहुत गलत हो, ऐसा नहीं। जिसको देखिए, चेहरे पर हवाइयां उड़ रही हैं, नाक की सीध में दौड़ा जा रहा है। जिधर नजर डालिये उधर ही भाग-दौड़। आदमी ने मशीनें इजाद की आराम के लिए मगर मकड़े की तरह वह उन मशीनों में ही उलझकर अपनी आजादी खो बैठा, अपनी आदमियता खो बैठा। बाल-बच्चों के बीच भी दस मिनट इत्मीनान से बैठने का, दिल बहलाने का समय नहीं मिलता। आज के कामकाजी आदमी की विशेषता है कि

निर्देश :निम्नलिखित गद्यांश के आधार पर प्रश्नों के सही विकल्प चुनिये मैने 'अतिथि' शब्द के समानान्तर एक दूसरा शब्द गढ़ा है 'असमय। अतिथि का अर्थ है जिसकी आने की तिथि न हो अर्थात् आने का दिन निश्चित न हो, मतलब कि जो बिना पूर्व सूचना के अकस्मात् टपक पड़े। ठीक उसी तरह 'असमय' का अर्थ कीजिए कि जिसका समय न हो जब चाहे आ जाए और आने में ही नहीं जाने में भी “असमय' हो। तात्पर्य की कब तक रहेगा, कब जाएगा इसका कोई ठिकना नहीं। मैं 'अतिथियों से नहीं घबराता पर 'असमय' से जरूर काँपता हूँ, कारण है कि मै कामकाजी आदमी हैं।' इस युग में कौन काम-काजी नहीं है। जिसको देखिए वही अस्त-व्यस्तता के मारे परेशान है। आजकल बड़प्पन देखने के कई साधन हैं, उनमें एक यह कहना भी कि 'क्या बताऊँ साहब, खाना खाने तक की फुरसत नहीं मिलती, नींद और चैन हराम है।' बात बहुत गलत हो, ऐसा नहीं। जिसको देखिए, चेहरे पर हवाइयां उड़ रही हैं, नाक की सीध में दौड़ा जा रहा है। जिधर नजर डालिये उधर ही भाग-दौड़। आदमी ने मशीनें इजाद की आराम के लिए मगर मकड़े की तरह वह उन मशीनों में ही उलझकर अपनी आजादी खो बैठा, अपनी आदमियता खो बैठा। बाल-बच्चों के बीच भी दस मिनट इत्मीनान से बैठने का, दिल बहलाने का समय नहीं मिलता। मशीनों की खोज का कारण था कि

निर्देश :निम्नलिखित गद्यांश के आधार पर प्रश्नों के सही विकल्प चुनिये मैने 'अतिथि' शब्द के समानान्तर एक दूसरा शब्द गढ़ा है 'असमय। अतिथि का अर्थ है जिसकी आने की तिथि न हो अर्थात् आने का दिन निश्चित न हो, मतलब कि जो बिना पूर्व सूचना के अकस्मात् टपक पड़े। ठीक उसी तरह 'असमय' का अर्थ कीजिए कि जिसका समय न हो जब चाहे आ जाए और आने में ही नहीं जाने में भी “असमय' हो। तात्पर्य की कब तक रहेगा, कब जाएगा इसका कोई ठिकना नहीं। मैं 'अतिथियों से नहीं घबराता पर 'असमय' से जरूर काँपता हूँ, कारण है कि मै कामकाजी आदमी हैं।' इस युग में कौन काम-काजी नहीं है। जिसको देखिए वही अस्त-व्यस्तता के मारे परेशान है। आजकल बड़प्पन देखने के कई साधन हैं, उनमें एक यह कहना भी कि 'क्या बताऊँ साहब, खाना खाने तक की फुरसत नहीं मिलती, नींद और चैन हराम है।' बात बहुत गलत हो, ऐसा नहीं। जिसको देखिए, चेहरे पर हवाइयां उड़ रही हैं, नाक की सीध में दौड़ा जा रहा है। जिधर नजर डालिये उधर ही भाग-दौड़। आदमी ने मशीनें इजाद की आराम के लिए मगर मकड़े की तरह वह उन मशीनों में ही उलझकर अपनी आजादी खो बैठा, अपनी आदमियता खो बैठा। बाल-बच्चों के बीच भी दस मिनट इत्मीनान से बैठने का, दिल बहलाने का समय नहीं मिलता। लेखक घबराता है।

The given pie Chart (angles are not as per chosen scale) presents the marks scored by Amit in five subjects. Maximum marks in each subject = 100 Total score of Amit = 450 दिया गया वृत्त-आरेख ( कोण किसी चयनित पैमाने के अनुसार नहीं हैं ) पांच विषयों में अमित के द्वारा प्राप्त किये गए अंकों को दर्शाता है | प्रत्येक विषय के अधिकतम अंक = 100 अमित का कुल प्राप्तांक =450 What is the difference between the marks scored by Amit in Hindi and Maths? अमित के द्वारा हिंदी और गणित में प्राप्त किये गए अंकों में क्या अंतर है?

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