Home
Class
DN_SHORTS
लोगों से अपना काम कैसे करवाएं || best mo...

लोगों से अपना काम कैसे करवाएं || best motivational video in hindi by Mahendra Dogney #shorts

Promotional Banner

Similar Questions

Explore conceptually related problems

पढ़ाई में मन नहीं लगता क्या करें ? Best Exam Motivation Video | Exam के लिए Best Preparation Tips

Select the Venn diagram that best represents the relationship between the following classes. निम्नलिखित में से कौन सा वेंन आरेख दिए गए शब्दों में उचित सम्बन्ध दर्शाता है ? Devanagari, Hindi, Sanskrit /देवनागरी, हिंदी, संस्कृत

In a family of eight persons, there are two couples, each having two children. B and D are brothers and each has two children. E is the aunt of A. who is the cousin brother of C. C is the sister of H, who is the cousin brother of G, F is the wife of B. How is H related to F? आठ लोगों के एक परिवार में, दो जोड़े हैं, जिनमें से प्रत्येक के दो बच्चे हैं | B तथा D भाई हैं तथा प्रत्येक को दो बच्चे हैं | E, A की आंटी है जो C का चचेरा भाई है | C, H की बहन है, जो G का चचेरा भाई है | F, B की पत्नी है | H, F से कैसे संबंधित है?

हमारे व्यावहारिक अथवा वास्तविक जीवन में भी यही सिद्धांत काम करता है कि हम समाज अथवा लोगों को जो देते हैं वही हमारे पास लौटकर आता है। हम लोगों से प्यार करते हैं तो लोग भी हमें प्यार करते हैं लेकिन यदि हम लोगों से घृणा करते हैं तो वे भी हमसे घृणा ही करेंगे इसमें संदेह नहीं। यदि हम सबके साथ सहयोग करते हैं अथवा ईमानदार बने रहते हैं तो दूसरे भी हमारे प्रति सहयोगात्मक और ईमानदार हो जाते है। इसे आकर्षण का नियम कहा गया है। हम जैसा स्वभाव विकसित कर लेते हैं वैसी ही चीजें हमारी ओर आकर्षित होती हैं। गंदगी मक्खी को आकर्षित करती है तो फूल तितली को आकर्षित करते हैं। यदि हम स्वयं को फूल जैसा सुंदर, सुवासित, मसृण व रंगीन अर्थात सुंदर गुणों से युक्त बना लेंगे तो स्वाभाविक है कि समाज के सुंदर गुणी व्यक्ति हमारी ओर आकर्षित होंगे ही। यदि हम चाहते हैं कि हमारे संपर्क में केवल अच्छे लोग ही आएँ तो हमें स्वयं को उनके अनुरूप बनाना होगा - दुर्गुणों में नहीं, सदगुणों में। अपने व्यवहार को व्यवस्थित व आदतों को अच्छा करना होगा। अपनी वाणी को कोमल व मधुर बनाना होगा। केवल मात्र बाहर से नहीं, मन की गहराइयों में रचयं को सुंदर बनाना होगा। यदि हम बाहरी रुप स्वरुप से नहीं, वरन मन से सुंदर बन पाते है तो विचार और कर्म स्वयं सुंदर हो जाएंगे। जीवन रूपी सितार ठीक बजने लगेगा। जीवन के प्रति सत्यम् शिवम् और सुंदरम् का आकर्षण बढ़ने लगेगा। हमारे व्यवहार और कार्य स्वयं ठीक से हो जाएंगे यदि हम

Recommended Questions
  1. लोगों से अपना काम कैसे करवाएं || best motivational video in hindi by M...

    Text Solution

    |

  2. क्लोरोबेंजीन की क्रिया क्यूप्रस ऑक्साइड की उपस्थिति में अमोनिया से करा...

    Text Solution

    |

  3. परिवर्ती ऑक्सीकरण अवस्थाओं से क्या तातपर्य है? इसे संक्रमण तत्वों के स...

    Text Solution

    |

  4. जैव-विकास से आप क्या समझते है? जैव विकास के पक्ष में तुलनात्मक शरीर -र...

    Text Solution

    |

  5. उत्तपरिवर्तन से आप क्या समझते है? ह्यूगो डी ब्रीज के उत्तपरिवर्तन सिद्...

    Text Solution

    |

  6. जीवात जीवोत्पत्ति से आप क्या समझते है? जीवन की उत्पति के संबंधन में लु...

    Text Solution

    |

  7. अम्ल वर्षा क्या है ? ओोघोगिक संस्थानों में प्रयुक्त होने वाले ईंधनों द...

    Text Solution

    |

  8. किसी धारावाही चालक के कारण उत्पन्न चुम्बकीय क्षेत्र के सम्बन्ध में बाय...

    Text Solution

    |

  9. डोमेन सिध्दान्त से लौह-चुम्बकत्व की व्याख्या कीजिए |

    Text Solution

    |