आभ्यंतर प्रयत्न बोधक ट्रिक |बाह्य प्रयत्न बोधक ट्रिक |OMR|उच्चारण प्रयत्न आश्रित नियम |स्थान - प्रयत्न सुमेलन विधि |सारांश
B.O. ज्ञात करने की ट्रिक |प्रश्न |Summary
Revision|कोशिका के प्रकार |प्रोकेरियोटिक तथा यूकेरियोटिक कोशिका मे अंतर |ट्रिक
आणविक कक्षक सिद्धांत |उदाहरण|ट्रिक |Summary
प्रश्न|उदाहरण|एलेक्ट्रोन भरने के क्रम|ट्रिक|Summary
ट्रिक |आयनन विभव |Summary
दिए गए पद्यांश को ध्यान से पढ़िए और उसके आधार पर पूछे गए प्रश्न का यथोचित उत्तर दीजिए। पद्यांश 33 गरजते घन घनन-घन-घन, नाचता है मोर-सा मन, ऐसी पड़ी झर-झर झड़ी भीगा बदन बेसुध है मन आज वर्षा अजब आई। बह रही है मस्त पुरवाई, नदी है द्वार तक आई! मेघों से लिपटकर सो गया सूरज- ले रहे हैं खेत अँगड़ाई। आज वर्षा गजब आई। 'गरजते घन घनन-घन-घन' में अलंकार है