Home
Class
DN_SHORTS
इसके बिना कोई भी नेता भाषण क्यों नहीं दे...

इसके बिना कोई भी नेता भाषण क्यों नहीं दे सकता?|Fact2Fact| #shorts

Promotional Banner

Similar Questions

Explore conceptually related problems

कमज़ोर विचारक तत्काल उत्तर की ओर दौड़ता है। पर सोचने वाले बच्चे .. समय लेते हैं। सवाल पर विचार करते हैं। क्या यह अन्तर केवल सोचने के कौशल के होने या न होने के कारण है? एक ऐसा कौशल जो केवल एक तकनीक है और जिसे, अगर भाग्य ने साथ दिया तो, हम बुद्धि से बच्चों कों सिखा सकते हैं। क्या बच्चों को इस कौशल में प्रशिक्षित कर सकते हैं? मुझे भय है कि ऐसा नहीं है। अच्छा विचारक सोचने में समय इसलिए लगा सकता है, क्योकि वह अनिश्चय को सह सकता है। वह इस बात को भी झेल सकता है कि वह कोई चीज नहीं जानता। पर कमजोर विचारक को कुछ न जानने की कल्पना ही असहनीय लगती है। क्या इस पूरे विश्लेषण से हम यह नहीं पाते कि असल में इन बच्चों में 'गलत' होने का भय बैठा होता है? बेशक यही भय है जो मॉनिका जैसे बच्चों पर भयानक दबाव डालता है। ठीक ऐसे ही दबाव हैल भी महसूस करता है। शायद मैं भी। मॉनिका अकेली नहीं है जो सही होना चाहती है और गलत होने से डरती है। पर यहाँ शायद एक दूसरी असुरक्षा की भावना काम करती होती है। यह असुरक्षा की भावना पैदा होती है सवाल के लिए कोई भी जवाब नहीं होने से। . "शायद मैं भी।' वाक्य है

Statement/ कथन : 1.All dogs are lions/ सभी कुत्ते शेर हैं | 2.No elephant is a lion / कोई भी हाथी शेर नहीं है। Conclusion/ निष्कर्ष: I. No dog is an elephant/ कोई भी कुत्ता हाथी नहीं है II. No lion is a dog / कोई भी शेर कुत्ता नहीं है | III. Some elephants are dogs /कुछ हाथी कुत्ते हैं |

जहाँ तक मैं समझता हूँ, मेरी आत्मिक शक्तियों के विकास में "बार्सीलोना और उसके निवासियों का सबसे सुंदर चित्रण भी सहायक , नहीं हो सकता था। स्योम्का और फेद्का को पीटर्सबर्ग के जलमार्गों को जानने की क्या जरूरत है, अगर जैसी कि संभावना है, वे वहां कभी नहीं जा पाएँगे अगर स्योम्का का वहां कभी जाना होगा भी, तो उसे इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा कि उसने यह स्कूल में पढ़ा था या नहीं, क्योंकि तब इन जलमार्गों को वह व्यवहार में जान ही जाएगा और अच्छी तरह जान जाएगा। मैं नहीं समझ सकता कि उसकी आत्मिक शक्तियों के विकास में इस बात की जानकारी से कोई मदद मिल सकती है कि वोल्गा में सन से लदे जहाज नीचे की ओर जाते हैं और अलकतरे से लदे जहाज ऊपर की ओर, कि दुबोब्का नाम का एक बंदरगाह है, कि सामोयेद लोग बारहसिंगा गाड़ियों पर सफर करते हैं, वगैरह-वगैरह। निम्नलिखित में से कौन-सा 'चित्रण' के लिए उपयुक्त विशेषण नहीं है?

जहाँ तक मैं समझता हूँ, मेरी आत्मिक शक्तियों के विकास में "बार्सीलोना और उसके निवासियों का सबसे सुंदर चित्रण भी सहायक , नहीं हो सकता था। स्योम्का और फेद्का को पीटर्सबर्ग के जलमार्गों को जानने की क्या जरूरत है, अगर जैसी कि संभावना है, वे वहां कभी नहीं जा पाएँगे अगर स्योम्का का वहां कभी जाना होगा भी, तो उसे इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा कि उसने यह स्कूल में पढ़ा था या नहीं, क्योंकि तब इन जलमार्गों को वह व्यवहार में जान ही जाएगा और अच्छी तरह जान जाएगा। मैं नहीं समझ सकता कि उसकी आत्मिक शक्तियों के विकास में इस बात की जानकारी से कोई मदद मिल सकती है कि वोल्गा में सन से लदे जहाज नीचे की ओर जाते हैं और अलकतरे से लदे जहाज ऊपर की ओर, कि दुबोब्का नाम का एक बंदरगाह है, कि सामोयेद लोग बारहसिंगा गाड़ियों पर सफर करते हैं, वगैरह-वगैरह। स्योम्का और फेद्का हैं ।

जहाँ तक मैं समझता हूँ, मेरी आत्मिक शक्तियों के विकास में "बार्सीलोना और उसके निवासियों का सबसे सुंदर चित्रण भी सहायक , नहीं हो सकता था। स्योम्का और फेद्का को पीटर्सबर्ग के जलमार्गों को जानने की क्या जरूरत है, अगर जैसी कि संभावना है, वे वहां कभी नहीं जा पाएँगे अगर स्योम्का का वहां कभी जाना होगा भी, तो उसे इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा कि उसने यह स्कूल में पढ़ा था या नहीं, क्योंकि तब इन जलमार्गों को वह व्यवहार में जान ही जाएगा और अच्छी तरह जान जाएगा। मैं नहीं समझ सकता कि उसकी आत्मिक शक्तियों के विकास में इस बात की जानकारी से कोई मदद मिल सकती है कि वोल्गा में सन से लदे जहाज नीचे की ओर जाते हैं और अलकतरे से लदे जहाज ऊपर की ओर, कि दुबोब्का नाम का एक बंदरगाह है, कि सामोयेद लोग बारहसिंगा गाड़ियों पर सफर करते हैं, वगैरह-वगैरह। लेखक के अनुसार वह पढ़ाई निरर्थक है

जहाँ तक मैं समझता हूँ, मेरी आत्मिक शक्तियों के विकास में "बार्सीलोना और उसके निवासियों का सबसे सुंदर चित्रण भी सहायक , नहीं हो सकता था। स्योम्का और फेद्का को पीटर्सबर्ग के जलमार्गों को जानने की क्या जरूरत है, अगर जैसी कि संभावना है, वे वहां कभी नहीं जा पाएँगे अगर स्योम्का का वहां कभी जाना होगा भी, तो उसे इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा कि उसने यह स्कूल में पढ़ा था या नहीं, क्योंकि तब इन जलमार्गों को वह व्यवहार में जान ही जाएगा और अच्छी तरह जान जाएगा। मैं नहीं समझ सकता कि उसकी आत्मिक शक्तियों के विकास में इस बात की जानकारी से कोई मदद मिल सकती है कि वोल्गा में सन से लदे जहाज नीचे की ओर जाते हैं और अलकतरे से लदे जहाज ऊपर की ओर, कि दुबोब्का नाम का एक बंदरगाह है, कि सामोयेद लोग बारहसिंगा गाड़ियों पर सफर करते हैं, वगैरह-वगैरह। बच्चे ढेर सारी जानकारी हासिल करके

जहाँ तक मैं समझता हूँ, मेरी आत्मिक शक्तियों के विकास में "बार्सीलोना और उसके निवासियों का सबसे सुंदर चित्रण भी सहायक , नहीं हो सकता था। स्योम्का और फेद्का को पीटर्सबर्ग के जलमार्गों को जानने की क्या जरूरत है, अगर जैसी कि संभावना है, वे वहां कभी नहीं जा पाएँगे अगर स्योम्का का वहां कभी जाना होगा भी, तो उसे इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा कि उसने यह स्कूल में पढ़ा था या नहीं, क्योंकि तब इन जलमार्गों को वह व्यवहार में जान ही जाएगा और अच्छी तरह जान जाएगा। मैं नहीं समझ सकता कि उसकी आत्मिक शक्तियों के विकास में इस बात की जानकारी से कोई मदद मिल सकती है कि वोल्गा में सन से लदे जहाज नीचे की ओर जाते हैं और अलकतरे से लदे जहाज ऊपर की ओर, कि दुबोब्का नाम का एक बंदरगाह है, कि सामोयेद लोग बारहसिंगा गाड़ियों पर सफर करते हैं, वगैरह-वगैरह। बच्चे बहुत कुछ स्वतः ही तभी सीख जाते हैं जब

जहाँ तक मैं समझता हूँ, मेरी आत्मिक शक्तियों के विकास में "बार्सीलोना और उसके निवासियों का सबसे सुंदर चित्रण भी सहायक , नहीं हो सकता था। स्योम्का और फेद्का को पीटर्सबर्ग के जलमार्गों को जानने की क्या जरूरत है, अगर जैसी कि संभावना है, वे वहां कभी नहीं जा पाएँगे अगर स्योम्का का वहां कभी जाना होगा भी, तो उसे इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा कि उसने यह स्कूल में पढ़ा था या नहीं, क्योंकि तब इन जलमार्गों को वह व्यवहार में जान ही जाएगा और अच्छी तरह जान जाएगा। मैं नहीं समझ सकता कि उसकी आत्मिक शक्तियों के विकास में इस बात की जानकारी से कोई मदद मिल सकती है कि वोल्गा में सन से लदे जहाज नीचे की ओर जाते हैं और अलकतरे से लदे जहाज ऊपर की ओर, कि दुबोब्का नाम का एक बंदरगाह है, कि सामोयेद लोग बारहसिंगा गाड़ियों पर सफर करते हैं, वगैरह-वगैरह। 'निवासी' का बहुवचन रूप है।

जहाँ तक मैं समझता हूँ, मेरी आत्मिक शक्तियों के विकास में "बार्सीलोना और उसके निवासियों का सबसे सुंदर चित्रण भी सहायक , नहीं हो सकता था। स्योम्का और फेद्का को पीटर्सबर्ग के जलमार्गों को जानने की क्या जरूरत है, अगर जैसी कि संभावना है, वे वहां कभी नहीं जा पाएँगे अगर स्योम्का का वहां कभी जाना होगा भी, तो उसे इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा कि उसने यह स्कूल में पढ़ा था या नहीं, क्योंकि तब इन जलमार्गों को वह व्यवहार में जान ही जाएगा और अच्छी तरह जान जाएगा। मैं नहीं समझ सकता कि उसकी आत्मिक शक्तियों के विकास में इस बात की जानकारी से कोई मदद मिल सकती है कि वोल्गा में सन से लदे जहाज नीचे की ओर जाते हैं और अलकतरे से लदे जहाज ऊपर की ओर, कि दुबोब्का नाम का एक बंदरगाह है, कि सामोयेद लोग बारहसिंगा गाड़ियों पर सफर करते हैं, वगैरह-वगैरह। 'फर्क' का समानार्थी है