#shorts ये ज़िन्दगी में आपको बस एक बार ही देखने मिलेगा
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A bus covers a distance of 10 km in 12 minutes. If its speed is reduced by 25 km/h, then what time ( in minutes ) will it take to cover the same distance? एक बस 10 km की दूरी 12 मिनट में तय करती है | यदि उसकी गति 25 km/h कम कर दी जाए, तो उसी दूरी को तय करने में बस को कितना समय (मिनट में) लगेगा ?
दिए गए पद्यांश को ध्यान से पढ़िए और उसके आधार पर पूछे गए प्रश्न का यथोचित उत्तर दीजिए। पद्यांश 10 कहते आते थे यही सभी नरदेही 'माता न कुमाता, पुत्र कुपुत्र भले ही।' अब कहें सभी यह हाय विरुद्ध विधाता 'है पुत्र-पुत्र ही रहे कुमाता माता।' बस मैंने इसका बाह्य मात्र ही देखा दृढ़ हृदय न देखा, मृदुल गात्र ही देखा। परमार्थ न देखा पूर्ण स्वार्थ ही साधा इस कारण ही तो हाय आज यह बाधा। युग-युग तक चलती रहे कठोर कहानी 'रघुकुल में भी थी एक अभागिन रानी।' निज जन्म-जन्म में सुने जीव यह मेरा 'धिक्कार! उसे था महा स्वार्थ ने घेरा।' "सौ बार धन्य वह एक लाल की माई जिस जननी ने है जना भरत-सा भाई।" पागल-सी प्रभु के साथ सभा चिल्लाई "सौ बार धन्य वह एक लाल की माई।" 'सौ बार धन्य वह एक लाल की माई' किसने कहा?
दिए गए पद्यांश को ध्यान से पढ़िए और उसके आधार पर पूछे गए प्रश्न का यथोचित उत्तर दीजिए। पद्यांश 10 कहते आते थे यही सभी नरदेही 'माता न कुमाता, पुत्र कुपुत्र भले ही।' अब कहें सभी यह हाय विरुद्ध विधाता 'है पुत्र-पुत्र ही रहे कुमाता माता।' बस मैंने इसका बाह्य मात्र ही देखा दृढ़ हृदय न देखा, मृदुल गात्र ही देखा। परमार्थ न देखा पूर्ण स्वार्थ ही साधा इस कारण ही तो हाय आज यह बाधा। युग-युग तक चलती रहे कठोर कहानी 'रघुकुल में भी थी एक अभागिन रानी।' निज जन्म-जन्म में सुने जीव यह मेरा 'धिक्कार! उसे था महा स्वार्थ ने घेरा।' "सी बार धन्य वह एक लाल की माई जिस जननी ने है जना भरत-सा भाई।" पागल-सी प्रभु के साथ सभा चिल्लाई "सौ बार धन्य वह एक लाल की माई।" अभागिन किसे कहा गया है?
दिए गए पद्यांश को ध्यान से पढ़िए और उसके आधार पर पूछे गए प्रश्न का यथोचित उत्तर दीजिए। पद्यांश 10 कहते आते थे यही सभी नरदेही 'माता न कुमाता, पुत्र कुपुत्र भले ही।' अब कहें सभी यह हाय विरुद्ध विधाता 'है पुत्र-पुत्र ही रहे कुमाता माता।' बस मैंने इसका बाह्य मात्र ही देखा दृढ़ हृदय न देखा, मृदुल गात्र ही देखा। परमार्थ न देखा पूर्ण स्वार्थ ही साधा इस कारण ही तो हाय आज यह बाधा। युग-युग तक चलती रहे कठोर कहानी 'रघुकुल में भी थी एक अभागिन रानी।' निज जन्म-जन्म में सुने जीव यह मेरा 'धिक्कार! उसे था महा स्वार्थ ने घेरा।' "सौ बार धन्य वह एक लाल की माई जिस जननी ने है जना भरत-सा भाई।" पागल-सी प्रभु के साथ सभा चिल्लाई "सौ बार धन्य वह एक लाल की माई।" रानी का कौन-सा भाव प्रकट हो रहा है?
दिए गए पद्यांश को ध्यान से पढ़िए और उसके आधार पर पूछे गए प्रश्न का यथोचित उत्तर दीजिए। पद्यांश 10 कहते आते थे यही सभी नरदेही 'माता न कुमाता, पुत्र कुपुत्र भले ही।' अब कहें सभी यह हाय विरुद्ध विधाता 'है पुत्र-पुत्र ही रहे कुमाता माता।' बस मैंने इसका बाह्य मात्र ही देखा दृढ़ हृदय न देखा, मृदुल गात्र ही देखा। परमार्थ न देखा पूर्ण स्वार्थ ही साधा इस कारण ही तो हाय आज यह बाधा। युग-युग तक चलती रहे कठोर कहानी 'रघुकुल में भी थी एक अभागिन रानी।' निज जन्म-जन्म में सुने जीव यह मेरा 'धिक्कार! उसे था महा स्वार्थ ने घेरा।' "सौ बार धन्य वह एक लाल की माई जिस जननी ने है जना भरत-सा भाई।" पागल-सी प्रभु के साथ सभा चिल्लाई "सौ बार धन्य वह एक लाल की माई।" प्रभु के साथ चिल्लाए