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साम्राज्य और बाद के मुगलों का संकट |नए र...

साम्राज्य और बाद के मुगलों का संकट |नए राज्यों का उदय |पुराने मुगल प्रांत |अवध |बंगाल |स्वतंत्रता पर कब्जा |प्रश्न

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वन्य समाज और उपनिवेशवाद |वनों का विनाश के कारण |व्यवसायिक वानिकी की शुरुआत |वन अधिनियम लागू होने के बाद |नए व्यापार नए रोज़गार

The following pie-chart shows the monthly expenditure of a family on various items. If the family spends Rs. 825 on clothing, answer the question. निम्नलिखित पाई-चार्ट में किसी परिवार के विभिन्न मदों पर होने वाले खर्च का दर्शाया गया है। यदि परिवार वस्त्रों पर 825 रू खर्च करे तो प्रश्न का उत्तर दीजिए। The ratio of average of expenses on food, clothing and miscellaneous items to the average of expenses on savings and rent is भोजन, वस्त्र ओर विविध मदों पर होने वाले खर्च के औसत का बचत और किराये पर होने वाले खर्च के औसत से अनुपात क्या है?

The following pe chart shows the monthly expenditure of a family on various items. If the family spends Rs. 825 on clothing, answer the question. निम्नलिखित पाई-चार्ट में किसी परिवार के विभिन्न मदों पर होने वाले खर्च का दर्शाया गया है। यदि परिवार वस्त्रों पर 825 रू खर्च करे तो प्रश्न का उत्तर दीजिए। What is the average of expenses on clothing and rent? वस्त्रों और किराये पर खर्च होने वाली औसत राशि बताएं ?

The following pie-chart shows the monthly expenditure of a family on various items. If the family spends Rs. 825 on clothing, answer the question. निम्नलिखित पाई-चार्ट में किसी परिवार के विभिन्न मदों पर होने वाले खर्च का दर्शाया गया है। यदि परिवार वस्त्रों पर 825 रू खर्च करे तो प्रश्न का उत्तर दीजिए। What is the ratio of expenses on food and miscellaneous ? भोजन और विविध मदों पर होने वाले खर्च के बीच का क्या अनुपात है?

निम्नलिखित गद्यांश के आधार पर प्रश्नों के सही विकल्प चुनिये हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता जनसंख्या वृद्धि रोकना है। इस क्षेत्र में हमारे सभी प्रयत्न निष्फल रहे हैं। ऐसा क्यों है? यह इसलिए भी हो सकता है कि समस्या को देखने का हर एक का एक अलग नजरिया है। जनसंख्याशास्त्रियों के लिए यह आंकड़ों का अम्बार है। अफसरशाही के लिए यह टार्गेट तय करने की कवायद है। राजनीतिज्ञ इस वोट बैंक की दृष्टि से देखता है। ये सबस अपने-अपने ढंग से समस्या को सुलझाने में लगे हैं। अतः अलग-अलग किसी के हाथ सफलता नहीं लगी। पर यह स्पष्ट है कि परिवार के आकार पर आर्थिक विकास और शिक्षा का बहुत प्रभाव पड़ता है। यहाँ आर्थिक विकास का मतलब पाश्चात्य मतानुसार भौतिकवाद नहीं जहाँ बच्चों को बोझ माना जाता है। हमारे लिए तो यह सम्मानपूर्वक जीने के स्तर से सम्बन्धित है। यह मौजूदा सम्पति के समतामलक विवरण पर ही निर्भर नहीं है वरन् ऐसी शैली अपनाने से सम्बन्धित है जिसमें अस्सी करोड़ लोगों की ऊर्जा का बेहतर इस्तेमाल हो सके। इसी प्रकार स्त्री शिक्षा भी है। यह समाज में एक नए प्रकार का चिन्तन पैदा करेगी जिससे सामाजिक और आर्थिक विकास के नए आयाम खुलेंगे और साथ ही बच्चों के विकास का नया रास्ता भी खुलेगा। अतः जनसंख्या की समस्या सामाजिक है। यह अकेले सरकार नहीं सुलझा सकती। केन्द्रीयकरण से हटकर इसे ग्राम-ग्राम, व्यक्ति-व्यक्ति तक पहुँचना होगा। जब तक यह जन आन्दोलन नहीं बन जाता तब तक सफलता मिलना संदिग्ध है। परिवार के छोटा या बड़ा होने पर सबसे अधिक प्रभाव पड़ता है

निम्नलिखित गद्यांश के आधार पर प्रश्नों के सही विकल्प चुनिये हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता जनसंख्या वृद्धि रोकना है। इस क्षेत्र में हमारे सभी प्रयत्न निष्फल रहे हैं। ऐसा क्यों है? यह इसलिए भी हो सकता है कि समस्या को देखने का हर एक का एक अलग नजरिया है। जनसंख्याशास्त्रियों के लिए यह आंकड़ों का अम्बार है। अफसरशाही के लिए यह टार्गेट तय करने की कवायद है। राजनीतिज्ञ इस वोट बैंक की दृष्टि से देखता है। ये सबस अपने-अपने ढंग से समस्या को सुलझाने में लगे हैं। अतः अलग-अलग किसी के हाथ सफलता नहीं लगी। पर यह स्पष्ट है कि परिवार के आकार पर आर्थिक विकास और शिक्षा का बहुत प्रभाव पड़ता है। यहाँ आर्थिक विकास का मतलब पाश्चात्य मतानुसार भौतिकवाद नहीं जहाँ बच्चों को बोझ माना जाता है। हमारे लिए तो यह सम्मानपूर्वक जीने के स्तर से सम्बन्धित है। यह मौजूदा सम्पति के समतामलक विवरण पर ही निर्भर नहीं है वरन् ऐसी शैली अपनाने से सम्बन्धित है जिसमें अस्सी करोड़ लोगों की ऊर्जा का बेहतर इस्तेमाल हो सके। इसी प्रकार स्त्री शिक्षा भी है। यह समाज में एक नए प्रकार का चिन्तन पैदा करेगी जिससे सामाजिक और आर्थिक विकास के नए आयाम खुलेंगे और साथ ही बच्चों के विकास का नया रास्ता भी खुलेगा। अतः जनसंख्या की समस्या सामाजिक है। यह अकेले सरकार नहीं सुलझा सकती। केन्द्रीयकरण से हटकर इसे ग्राम-ग्राम, व्यक्ति-व्यक्ति तक पहुँचना होगा। जब तक यह जन आन्दोलन नहीं बन जाता तब तक सफलता मिलना संदिग्ध है। अनुभूति' शब्द का अर्थ है