दिए गए पद्यांश को ध्यान से पढ़िए और उसके आधार पर पूछे गए प्रश्न का यथोचित उत्तर दीजिए। पद्यांश 3 वह आता दो टूक कलेजे के करता पछताता पथ पर आता। पेट पीठ दोनों मिलकर हैं एक चल रहा लकुटिया टेक मुट्टी भर दाने को ... भूख मिटाने को मुँह फटी पुरानी झोली का फैलाता दो टूक कलेजे के करता पछताता पथ पर आता। साथ दो बच्चे भी हैं सदा हाथ फैलाए बाएँ से वे मलते हुए पेट को चलते और दाहिना दया दृष्टि पाने की ओर बढ़ाए। भूख से सूख ओंठ जब जाते दाता-भाग्य-विधाता से क्या पाते? घूँट आँसुओं के पीकर रह जाते। चाट रहे जूठी पत्तल वे सभी सड़क पर खड़े हुए और झपट लेने को उनसे कुत्ते भी हैं अड़े हुए। भिखारी के बच्चों से कुत्ते क्यों होड़ करते हैं?