Home
Class
DN_SHORTS
जाने प्याज काटने से आँसू क्यो आ जाते हैं...

जाने प्याज काटने से आँसू क्यो आ जाते हैं ! #shorts #ytshorts

Promotional Banner

Similar Questions

Explore conceptually related problems

निम्न कविता की पंक्तियाँ पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प चुनिए: नदी के उस पार जाने को मेरा बहुत मन करता है माँ वहाँ कतार में बँधी हैं नावें बाँस की खूटियों से। उसी रास्ते दूर-दूर जाते हैं हल जोतने किसान कंधों पर हल रखे, रभाते हुए गाय-बैल तैरकर जाते हैं उस पार घास चरने शाम को जब वे लौटते हैं घर ऊँची-ऊँची घास में छिपकर हुक्के-हो करते हैं सियार। माँ तू बुरा न माने तो बड़ा होकर मैं नाव खेने वाला एक नाविक बनूँगा। तैरकर जाते हैं उस पार' पंक्ति में तैरकर' शब्द को पहले रखा गया है क्योंकि

निम्न कविता की पंक्तियाँ पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प चुनिए: नदी के उस पार जाने को मेरा बहुत मन करता है माँ वहाँ कतार में बँधी हैं नावें बाँस की खूटियों से। उसी रास्ते दूर-दूर जाते हैं हल जोतने किसान कंधों पर हल रखे, रभाते हुए गाय-बैल तैरकर जाते हैं उस पार घास चरने शाम को जब वे लौटते हैं घर ऊँची-ऊँची घास में छिपकर हुक्के-हो करते हैं सियार। माँ तू बुरा न माने तो बड़ा होकर मैं नाव खेने वाला एक नाविक बनूँगा। नावों को बाँसों की खूटियों से क्यों बाँधा गया होगा?

निम्न कविता की पंक्तियाँ पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प चुनिए: नदी के उस पार जाने को मेरा बहुत मन करता है माँ वहाँ कतार में बँधी हैं नावें बाँस की खूटियों से। उसी रास्ते दूर-दूर जाते हैं हल जोतने किसान कंधों पर हल रखे, रभाते हुए गाय-बैल तैरकर जाते हैं उस पार घास चरने शाम को जब वे लौटते हैं घर ऊँची-ऊँची घास में छिपकर हुक्के-हो करते हैं सियार। माँ तू बुरा न माने तो बड़ा होकर मैं नाव खेने वाला एक नाविक बनूँगा। कवि नाविक क्यों बनना चाहता है?

निम्न कविता की पंक्तियाँ पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प चुनिए: नदी के उस पार जाने को मेरा बहुत मन करता है माँ वहाँ कतार में बँधी हैं नावें बाँस की खूटियों से। उसी रास्ते दूर-दूर जाते हैं हल जोतने किसान कंधों पर हल रखे, रभाते हुए गाय-बैल तैरकर जाते हैं उस पार घास चरने शाम को जब वे लौटते हैं घर ऊँची-ऊँची घास में छिपकर हुक्के-हो करते हैं सियार। माँ तू बुरा न माने तो बड़ा होकर मैं नाव खेने वाला एक नाविक बनूँगा। इस कविता में कौन किसे संबोधित कर रहा है?