Home
Class 11
CHEMISTRY
प्रश्न|कार्बनिक यौगिकों का नामकरण|सामान्...

प्रश्न|कार्बनिक यौगिकों का नामकरण|सामान्य या परम्परागत तंत्र (रूढ़ तंत्र)|स्त्रोत के आधार पर कुछ यौगिकों के नाम|IUPAC प्रणाली|आई. यू. पी. ए. सी. नामकरण के नियम|कार्बनिक यौगिकों का संरचनात्मक प्रदर्शन|अणुसूत्र|संरचना सूत्र|संक्षिप्त सूत्र या युक्ति सूत्र|ब

Promotional Banner

Similar Questions

Explore conceptually related problems

IUPAC नामकरण के नियम|साइक्लो कंपाउंड का नामकरण|बाइसिकलो यौगिकों का नामकरण|स्पाइरो यौगिकों का नामकरण|एल्केन का नामकरण|एल्काइन का नामकरण|Summary

IUPAC नामकरण के नियम|साइक्लो कंपाउंड का नामकरण|बाइसिकलो यौगिकों का नामकरण|स्पाइरो यौगिकों का नामकरण|एल्केन का नामकरण|एल्काइन का नामकरण|Summary

Referential Table Of Functional Groups|शाखा युक्त कार्बनिक योगिकों का नामकरण|बहु क्रियात्मक समूह वाले कार्बनिक योगिकों का नामकरण|दो या दो से अधिक प्रधान क्रियात्मक समूह वाले यौगिकों के IUPAC नामकरण के नियम|Summary

IUPAC नाम|साइक्लो हेक्सेन का नामकरण|साइक्लो हेक्सेन का नामकरण|ऐल्कीन तथा एल्काइन का नामकरण|क्रियात्मक समूह युक्त यौगिकों के नामकरण|कार्बोक्सि अम्ल|OMR|सारांश

उपसहसंयोजी रसायन|आणविक या योगात्मक यौगिक|संकुलों का परिचय|कीलेट लिगैण्ड एवं कीलेट्स|उपसहसंयोजक यौगिकों का नामकरण|संकुल यौगिकों में समावयवता के प्रकार|संयोजकता बन्ध सिद्धांत

परिचय, कुछ महत्वपूर्ण पद |तंत्र की अवस्था |अवस्था फलन |पथ फलन |ऊष्मागतीकीय गुणधर्म |कार्य तथा ऊष्मा |ऊष्मा |कार्य तथा ऊष्मा के चिन्ह |उष्मागतिकी का प्रथम नियम |प्रश्न |एन्थेल्पी (H) या ऊष्मा अंश (Enthalpy))|OMR

दिए गए पद्यांश को ध्यान से पढ़िए और उसके आधार पर पूछे गए प्रश्न का यथोचित उत्तर दीजिए। पद्यांश 17 ज्यों निकलकर बादलों की गोद से थी अभी इक बूँद कुछ आगे बढ़ी। सोचने फिर-फिर यही जी में लगी आहा क्यों घर छोड़कर में यों कढ़ी। देव मेरे भाग्य में है क्या बदा? मैं बचूँगी या मिलूँगी धूल में। जल उठूगी गिर अँगारे पर किसी चू पहुँगी या कमल के फूल में। वह पड़ी उस काल इक ऐसी हवा वह समन्दर ओर आई अनमनी। एक सुन्दर सीप का था मुँह खुला वह उसी में जा गिरी मोती बनी। बूंद की चिन्ता का विषय क्या है?

दिए गए पद्यांश को ध्यान से पढ़िए और उसके आधार पर पूछे गए प्रश्न का यथोचित उत्तर दीजिए। पद्यांश 17 ज्यों निकलकर बादलों की गोद से थी अभी इक बूँद कुछ आगे बढ़ी। सोचने फिर-फिर यही जी में लगी आहा क्यों घर छोड़कर में यों कढ़ी। देव मेरे भाग्य में है क्या बदा? मैं बचूँगी या मिलूँगी धूल में। जल उठूगी गिर अँगारे पर किसी चू पहुँगी या कमल के फूल में। वह पड़ी उस काल इक ऐसी हवा वह समन्दर ओर आई अनमनी। एक सुन्दर सीप का था मुँह खुला वह उसी में जा गिरी मोती बनी। आह! शब्द किस भाव को व्यक्त करता है?