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Class 11 भूगोल एक विषय के रूप में | One ...

Class 11 भूगोल एक विषय के रूप में | One shot | सब सीख लो | Unit 1 | Chapter 1

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The following table indicates the number of students studying in three disciplines in five colleges: निम्नलिखित तालिका पांच कॉलेजों के तीन विषयों में पढ़ने वाले छात्रों की संख्या दर्शाती है | What percentage of students in college B is studying in the science stream, (correct to one decimal place)? कॉलेज B के कितने प्रतिशत छात्र विज्ञान विषय में पढ़ रहे हैं ? ( एक दशमलव स्थान तक )

In a certain code language, ‘231’ is written as ‘4-9-1’. What will be the code for ‘569' in that code language? एक निश्चित कोड भाषा में, '231' को '4-9-1' के रूप में लिखा जाता है। उस कोड भाषा में 569 के लिए कोड क्या होगा?

'Aspartame' is the name of a product used by diabetic patients as a sweetening agent. It belongs to the class of मधुमेह के रोगियों को मधुरणकारक के रूप में दिए जाने वाले एक उत्पाद का 'एसपार्टम' है। यह किस वर्ग से सम्बन्धित है?

A solid metallic cylinder, whose base radius is 4 cm and height is 5 1/3 cm, is melted and converted into a sphere. What is the surface area of the sphere. (in cm^2 ) एक ठोस धातु के बेलन (सिलिंडर ),जिसकी आधार त्रिज्या 4 cm है और ऊंचाई 5 1/3 cm है, को पिघलाकर एक गोले के रूप में परिवर्तित किया जाता है | गोले का पृष्ठ क्षेत्रफल, cm^2 में, कितना है?

निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उसके नीचे दिये गये बहुविकल्पी प्रश्नों में सही विकल्प का चयन करों। क्रोध को हम एक बहुत ही हानि रहित कमजोरी की तरह देखने के लिए प्रवृत होते हैं। इसे हम महज एक प्राकृतिक दुर्बलता,एक पारिवारिक असफलता, एक स्वभाव संबधी विषय के रूप वर्णित करते हैं न कि किसी व्यक्ति के चरित्र का आकलन करने हेतु गम्भीरता से गणना में सम्मिलित करने का तत्व है और बाइबल मानव स्वभाव के सर्वाधिक विनाशकारी तत्वों में से एक के रूप में इसकी भर्त्सना करती है। क्रोध की एक विशेषता यह है कि यह गुणवान लोगों का एक अवगुण है तथा उच्च चरित्र वाले माने जाने वाले व्यक्ति पर यह अक्सर एक कलंक की तरह होता है। क्रोधी स्वभाव और उच्च नैतिक चरित्र के बीच में यह अनुकूलता आचार शास्त्र की सर्वाधिक विलक्षण एवं दुखद समस्यायों में से एक है। किसी भी प्रकार का पाप, कोई भी शराबखोरी या नशेबाजी समाज को इतना मानवता विहीन नहीं बनाते जितना क्रोध बनाता है। जीवन को कडुआ बना देने, जन समुदायों को तोड़ने ,पवित्रतम रिश्तों-नातों को नष्ट करने, घरों को बर्बाद करने, पुरुष तथा महिलाओं को मुरझा देने, बचपन से उसकी ताजगी और खिलखिलाहट छिन लेने, संक्षिप्त में एक शुद्ध स्वयमेव दुखोत्पादक शक्ति के रूप में क्रोध की सत्ता सर्वोपरि है। ईर्ष्या, घमंड, अनुदारता, निर्दयता, स्वयं को सही समझने की प्रवृति, भड़कीलापन , अड़ियलपन, उदासी- कम ज्यादा मात्रा में ये सब उग्र स्वभाव के ही तत्त्व है। इस प्रकार के स्वभाव के लिए स्वर्ग में सचमुच ही कोई स्थान नहीं है। इस प्रकार की मनःस्थितिवाला व्यक्ति स्वर्ग में स्थित सभी लोगों के लिए जीवन केवल यातनापूर्ण ही बनाएगा। प्रस्तुत गद्यांश में क्रोधी स्वभाव में कई तत्व बताये गए हैं, उनमेंसे एक है