न अवरोध कोई, न बाधा कहीं हैं. न संदेह कोई, न व्यवधान कोई बहुत दूर से हैं दिशाएँ बुलाती नहीं पथ-डगर आज अनजान कोई दिशाएँ निमंत्रण मुझे दे रही हैं दिगंतर खुला सिर्फ मेरे लिए है नहीं कुछ यहां राह जो रोक पाए न कोई यहाँ जो मुझे टोक पाए अजानी हवा में उड़ा जा रहा हूँ विजय गीत मेरा गगन मस्त गाए हृदय में कहीं कह रहा बात कोई, धरा और गगन सिर्फ तेरे लिए है। कवि को कोई कह रहा है कि
Class 11th Top करना हुआ अब आसान | 11th Topper Strategy | How to Top in Class 11
11th बर्बाद अब 12th की तैयारी करें या NEET 2024 की तैयारी पर ध्यान दे ?