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सांतत्य और अवकलनियता से संबंधित प्रष्न उ...

सांतत्य और अवकलनियता से संबंधित प्रष्न उत्तर | सांतत्य और अवकलनीयता |12th|Maths |Chapter 5 |Part 02

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Study the graph and answer the questions based on the graph: आरेख का अध्ययन करें और आरेख के आधार पर प्रश्नों के उत्तर दें: On which day the production was 1/5 th of the total production? किस दिन उत्पादन कुल उत्पादन का 1/5 था?

The given pie chart shows the marks obtained in an examination by a student (in degrees). Observe the pie chart and answer the question that follows: दिया गया पाई चार्ट एक छात्र द्वारा परीक्षा में प्राप्त अंकों (डिग्री में) को दर्शाता है। पाई चार्ट का निरीक्षण करें और निम्न प्रश्न का उत्तर दें: If the total marks are 720, then the difference between the total marks obtained in Physics, Maths and Physical Education and the total marks in Chemistry, Biology and English out of the total marks is यदि कुल अंक 720 हैं, तो भौतिक विज्ञान, गणित और शारीरिक शिक्षा में प्राप्त कुल अंकों और कुल अंकों में से रसायन विज्ञान, जीवविज्ञान और अंग्रेजी में कुल अंकों के बीच का अंतर है:

The following table shows the number of students of 7 college participating in extra curricular activities: निम्न सारणी उन कॉलेजों के छात्रों की संख्या दर्शाती है, जो पाठ्येत्तर क्रियाकलापों में भाग लेते हैं। Read the table and answer the following question. तालिका पढ़ें और निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दें। The median of the data of students in activity III is- क्रियाकलाप III से संबंधित आँकड़ों को माध्यिका है-

Study the graph and answer the following questions. आरेख का अध्ययन करें और निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दें। How many students spend 5 hours or more than 5 hours playing mobile games per day”? कितने छात्र प्रति दिन मोबाइल गेम खेलने में 5 घंटे या 5 घंटे से अधिक समय बिताते हैं?

दिए गए पद्यांश को ध्यान से पढ़िए और उसके आधार पर पूछे गए प्रश्न का यथोचित उत्तर दीजिए। पद्यांश 12 एक दिन तने ने भी कहा था, जड़? जड़ तो जड़ ही है, जीवन से सदा डरी रही है और यही है उसका सारा इतिहास कि जमीन में मुँह गड़ाए पड़ी रही हैं लेकिन मैं जमीन से ऊपर उठा बाहर निकला, बढ़ा हूँ. मजबूत बना हूँ, इसी से तो तना हूँ एक दिन डालों ने भी कहा था, तना? किस बात पर है तना? जहाँ बिठाल दिया था वहीं पर है बना प्रगतिशील जगती में तिल भर नहीं डोला है खाया है, मोटाया है, सहलाया चोला है लेकिन हम तने से फूटी, दिशा-दिशा में गई ऊपर उठीं, नीचे आई, हर हवा के लिए दोल बनी, लहराईं इसी से तो डाल कहलाई। तने ने जड़ का क्या इतिहास बताया ?

दिए गए पद्यांश को ध्यान से पढ़िए और उसके आधार पर पूछे गए प्रश्न का यथोचित उत्तर दीजिए। पद्यांश 12 एक दिन तने ने भी कहा था, जड़? जड़ तो जड़ ही है, जीवन से सदा डरी रही है और यही है उसका सारा इतिहास कि जमीन में मुँह गड़ाए पड़ी रही हैं लेकिन मैं जमीन से ऊपर उठा बाहर निकला, बढ़ा हूँ. मजबूत बना हूँ, इसी से तो तना हूँ एक दिन डालों ने भी कहा था, तना? किस बात पर है तना? जहाँ बिठाल दिया था वहीं पर है बना प्रगतिशील जगती में तिल भर नहीं डोला है खाया है, मोटाया है, सहलाया चोला है लेकिन हम तने से फूटी, दिशा-दिशा में गई ऊपर उठीं, नीचे आई, हर हवा के लिए दोल बनी, लहराईं इसी से तो डाल कहलाई। तने ने अपने बारे में क्या कहा?

दिए गए पद्यांश को ध्यान से पढ़िए और उसके आधार पर पूछे गए प्रश्न का यथोचित उत्तर दीजिए। पद्यांश 12 एक दिन तने ने भी कहा था, जड़? जड़ तो जड़ ही है, जीवन से सदा डरी रही है और यही है उसका सारा इतिहास कि जमीन में मुँह गड़ाए पड़ी रही हैं लेकिन मैं जमीन से ऊपर उठा बाहर निकला, बढ़ा हूँ. मजबूत बना हूँ, इसी से तो तना हूँ एक दिन डालों ने भी कहा था, तना? किस बात पर है तना? जहाँ बिठाल दिया था वहीं पर है बना प्रगतिशील जगती में तिल भर नहीं डोला है खाया है, मोटाया है, सहलाया चोला है लेकिन हम तने से फूटी, दिशा-दिशा में गई ऊपर उठीं, नीचे आई, हर हवा के लिए दोल बनी, लहराईं इसी से तो डाल कहलाई। 'तना किस बात पर है तना?' पंक्ति में अलंकार है

दिए गए पद्यांश को ध्यान से पढ़िए और उसके आधार पर पूछे गए प्रश्न का यथोचित उत्तर दीजिए। पद्यांश 12 एक दिन तने ने भी कहा था, जड़? जड़ तो जड़ ही है, जीवन से सदा डरी रही है और यही है उसका सारा इतिहास कि जमीन में मुँह गड़ाए पड़ी रही हैं लेकिन मैं जमीन से ऊपर उठा बाहर निकला, बढ़ा हूँ. मजबूत बना हूँ, इसी से तो तना हूँ एक दिन डालों ने भी कहा था, तना? किस बात पर है तना? जहाँ बिठाल दिया था वहीं पर है बना प्रगतिशील जगती में तिल भर नहीं डोला है खाया है, मोटाया है, सहलाया चोला है लेकिन हम तने से फूटी, दिशा-दिशा में गई ऊपर उठीं, नीचे आई, हर हवा के लिए दोल बनी, लहराईं इसी से तो डाल कहलाई। डालें, तने को प्रगतिशील क्यों नहीं मानती?

दिए गए पद्यांश को ध्यान से पढ़िए और उसके आधार पर पूछे गए प्रश्न का यथोचित उत्तर दीजिए। पद्यांश 12 एक दिन तने ने भी कहा था, जड़? जड़ तो जड़ ही है, जीवन से सदा डरी रही है और यही है उसका सारा इतिहास कि जमीन में मुँह गड़ाए पड़ी रही हैं लेकिन मैं जमीन से ऊपर उठा बाहर निकला, बढ़ा हूँ. मजबूत बना हूँ, इसी से तो तना हूँ एक दिन डालों ने भी कहा था, तना? किस बात पर है तना? जहाँ बिठाल दिया था वहीं पर है बना प्रगतिशील जगती में तिल भर नहीं डोला है खाया है, मोटाया है, सहलाया चोला है लेकिन हम तने से फूटी, दिशा-दिशा में गई ऊपर उठीं, नीचे आई, हर हवा के लिए दोल बनी, लहराईं इसी से तो डाल कहलाई। डालों ने अपने गतिशील होने का क्या प्रमाण दिया?

दिए गए पद्यांश को ध्यान से पढ़िए और उसके आधार पर पूछे गए प्रश्न का यथोचित उत्तर दीजिए। पद्यांश 12 एक दिन तने ने भी कहा था, जड़? जड़ तो जड़ ही है, जीवन से सदा डरी रही है और यही है उसका सारा इतिहास कि जमीन में मुँह गड़ाए पड़ी रही हैं लेकिन मैं जमीन से ऊपर उठा बाहर निकला, बढ़ा हूँ. मजबूत बना हूँ, इसी से तो तना हूँ एक दिन डालों ने भी कहा था, तना? किस बात पर है तना? जहाँ बिठाल दिया था वहीं पर है बना प्रगतिशील जगती में तिल भर नहीं डोला है खाया है, मोटाया है, सहलाया चोला है लेकिन हम तने से फूटी, दिशा-दिशा में गई ऊपर उठीं, नीचे आई, हर हवा के लिए दोल बनी, लहराईं इसी से तो डाल कहलाई। प्रगतिशील में प्रयुक्त प्रत्यय है